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अभिभावकों को लग सकता है झटका, प्राइवेट स्कूलों ने रखी ये मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Sun, 16 Apr 2017 09:48 AM IST
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नर्सरी दाखिले की पहली सूची देखते अभिभावक।
प्राइवेट स्कूलों में दाखिले की राह ताक रहे बच्चों को झटका मिल सकता है। क्योंकि अब प्राइवेट स्कूलों ने सरकार के सामने अजीब शर्त रख दी है। जिससे पार पाना सरकार के लिए मुश्किल भरा हो गया है। नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का ख्वाब देख रहे अभिभावकों को झटका लग सकता है। प्रदेश सरकार के खिलाफ दाखिलो को लेकर निजी स्कूल संचालक भी अड़ गए हैं।
उनकी मांग है कि अगर इस बार सरकार ने प्रति बच्चा 2300 रुपये प्रतिमाह नहीं दिया तो वे दाखिले रोकेंगे। ऐेसे में पिछले कुछ वर्षों की तरह अब की बार भी स्कूलों में नियम-134 ए के तहत दाखिले की राह देख रहे विद्यार्थियों को झटका लगा सकता है। दरअसल, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के नेतृत्व में शहर के निजी स्कूलों के संचालक शनिवार दोपहर 3:30 बजे मानसरोवर पार्क में एकजुट हुए। इस दौरान मान्यता के साथ नियम-134ए और अपग्रेडेशन संबंधी मामले में विचार विमर्श किया।
शाम 4:30 बजे सभी निजी स्कूल संचालक मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पहुंचे। मंत्री के न होने पर कार्यालय सचिव सतीश अरोड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। संघ के प्रधान रविंद्र नांदल ने कहा कि इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, नहीं तो निजी स्कूल आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार द्वारा एक अप्रैल को स्कूल बसों से संबंधित जो आदेश दिए गए हैं, वे वापस लिए जाए।
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उनकी मांग है कि अगर इस बार सरकार ने प्रति बच्चा 2300 रुपये प्रतिमाह नहीं दिया तो वे दाखिले रोकेंगे। ऐेसे में पिछले कुछ वर्षों की तरह अब की बार भी स्कूलों में नियम-134 ए के तहत दाखिले की राह देख रहे विद्यार्थियों को झटका लगा सकता है। दरअसल, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के नेतृत्व में शहर के निजी स्कूलों के संचालक शनिवार दोपहर 3:30 बजे मानसरोवर पार्क में एकजुट हुए। इस दौरान मान्यता के साथ नियम-134ए और अपग्रेडेशन संबंधी मामले में विचार विमर्श किया।
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शाम 4:30 बजे सभी निजी स्कूल संचालक मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पहुंचे। मंत्री के न होने पर कार्यालय सचिव सतीश अरोड़ा को सीएम के नाम ज्ञापन दिया। संघ के प्रधान रविंद्र नांदल ने कहा कि इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, नहीं तो निजी स्कूल आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार द्वारा एक अप्रैल को स्कूल बसों से संबंधित जो आदेश दिए गए हैं, वे वापस लिए जाए।
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सरकार से प्राइवेट स्कूलों की शर्त
सरकार के सामने निजी स्कूल अड़े
- फोटो : Demo Pic
स आदेश के मुताबिक अगर निजी स्कूल संचालक बच्चों से 200 रुपये से अधिक बस किराया लेता है तो उससे 20 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमाह के हिसाब से 9 महीनों का चार्ज वसूला जाएगा। साथ ही, निजी स्कूलों पर चल रही अधिकारियों की बेवजह की छापेमारी को तुरंत रुकवाया जाए।
इन प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष
- प्रदेश में चल रहे अस्थाई मान्यता प्राप्त सभी 3200 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता में एक वर्ष की समय अवधि बढ़ाई जाए।
- शिक्षा विभाग द्वारा 3 जून, 2011 को जारी नोटिफिकेशन के तहत एक कक्षा एक कमरा के नियम के तहत मान्यता दी जाए।
- नियमावली-2007 का सरलीकरण करके निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता प्रदान करने की मांग की।
- प्रदेश सरकार की ओर से वर्तमान स्कूलों के साथ स्कूल अपग्रेडेशन की सूची जारी की जाए।
इन प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष
- प्रदेश में चल रहे अस्थाई मान्यता प्राप्त सभी 3200 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता में एक वर्ष की समय अवधि बढ़ाई जाए।
- शिक्षा विभाग द्वारा 3 जून, 2011 को जारी नोटिफिकेशन के तहत एक कक्षा एक कमरा के नियम के तहत मान्यता दी जाए।
- नियमावली-2007 का सरलीकरण करके निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता प्रदान करने की मांग की।
- प्रदेश सरकार की ओर से वर्तमान स्कूलों के साथ स्कूल अपग्रेडेशन की सूची जारी की जाए।