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Chandigarh News: निजी स्कूल संचालकों का सरकार को अल्टीमेटम, 30 दिनों में मांगें पूरी नहीं हुई तो अंबाला में होगी महापंचायत
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प्राइवेट स्कूलों का 134-ए के तहत सरकार पर करोड़ों रुपये बकाया
चंडीगढ़। मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालक अब मुखर हो गए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार को 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर इस अवधि में मांगें नहीं मानी गई तो अंबाला में स्कूल संचालकों की महापंचायत बुलाई जाएगी और सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
यह ऐलान फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने यहां आयोजित एक प्रेसवार्ता में किया। शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की 20 सूत्रीय मांगों को हल करने के लिए एक मांग पत्र मुख्यमंत्री हरियाणा को भेजा गया है। इसमें कहा कि प्राइवेट स्कूलों का कानून के अनुसार करोड़ों रुपया 134-ए का लंबित पड़ा हुआ है। प्राइवेट स्कूल 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को 134-ए के तहत पढ़ा रहे हैं, जब सरकार ने चिराग योजना में 9वीं से 12वीं के 1100 रुपये तय किए है, तो 134-ए के तहत पढ़ने वाले बच्चों को भी कम से कम 1100 रुपये प्रति माह के अनुसार भुगतान किया जाए।
ये भी मांगें शामिल
कुलभूषण शर्मा ने अन्य 19 मांगों, जैसे 10 साल से मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरल एफिडेविट देकर रिव्यू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्थान की तर्ज पर स्कूली बसों पर लगे हुए 20 रुपये प्रति सीट पैसेंजर टैक्स को माफ किया जाए व कोरोना के दौरान दो साल से खड़ी रही बसों की लाइफ दो साल बढ़ाए, मान्यता प्राप्त स्कूलों को नर्सरी और एलकेजी की मान्यता लेने के लिए बाध्य ना किया जाए। नियमों का सरलीकरण कर हरियाणा के सभी परमिशन प्राप्त स्कूल, अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल और प्ले वे स्कूलों को मान्यता दी जाए और अन्य सभी मांगों का 30 दिन के अंदर आदेश जारी कर राहत दी जाए।
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चंडीगढ़। मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालक अब मुखर हो गए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार को 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर इस अवधि में मांगें नहीं मानी गई तो अंबाला में स्कूल संचालकों की महापंचायत बुलाई जाएगी और सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
यह ऐलान फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने यहां आयोजित एक प्रेसवार्ता में किया। शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की 20 सूत्रीय मांगों को हल करने के लिए एक मांग पत्र मुख्यमंत्री हरियाणा को भेजा गया है। इसमें कहा कि प्राइवेट स्कूलों का कानून के अनुसार करोड़ों रुपया 134-ए का लंबित पड़ा हुआ है। प्राइवेट स्कूल 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को 134-ए के तहत पढ़ा रहे हैं, जब सरकार ने चिराग योजना में 9वीं से 12वीं के 1100 रुपये तय किए है, तो 134-ए के तहत पढ़ने वाले बच्चों को भी कम से कम 1100 रुपये प्रति माह के अनुसार भुगतान किया जाए।
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ये भी मांगें शामिल
कुलभूषण शर्मा ने अन्य 19 मांगों, जैसे 10 साल से मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरल एफिडेविट देकर रिव्यू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्थान की तर्ज पर स्कूली बसों पर लगे हुए 20 रुपये प्रति सीट पैसेंजर टैक्स को माफ किया जाए व कोरोना के दौरान दो साल से खड़ी रही बसों की लाइफ दो साल बढ़ाए, मान्यता प्राप्त स्कूलों को नर्सरी और एलकेजी की मान्यता लेने के लिए बाध्य ना किया जाए। नियमों का सरलीकरण कर हरियाणा के सभी परमिशन प्राप्त स्कूल, अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल और प्ले वे स्कूलों को मान्यता दी जाए और अन्य सभी मांगों का 30 दिन के अंदर आदेश जारी कर राहत दी जाए।
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