{"_id":"62f4d9edda65cb04c908003f","slug":"press-conference-of-former-cm-of-haryana-bhupinder-singh-hooda-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुड्डा की प्रेसवार्ता: कहा- भाजपा-जजपा का नीतिगत नहीं, स्वार्थ का गठबंधन, अब कांग्रेस ही विकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुड्डा की प्रेसवार्ता: कहा- भाजपा-जजपा का नीतिगत नहीं, स्वार्थ का गठबंधन, अब कांग्रेस ही विकल्प
Thu, 11 Aug 2022 03:59 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Aug 2022 03:59 PM IST
सार
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और लोग त्रस्त हैं। सरकार के ही विधायक विधानसभा सत्र में सवाल उठा रहे थे। सरकार के विधायकों ने ही उसके ढोल की पोल खोल दी ।
विज्ञापन
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को राखी बांधतीं गीता भुक्कल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में भाजपा-जजपा का नीतिगत नहीं, स्वार्थ का गठबंधन है। दोनों दलों के सत्ता में बैठे हुए लोग जनसेवा नहीं, स्वयंसेवा में लगे हैं। यही वजह है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रदेश की जनता विकल्प के तौर पर कांग्रेस की तरफ देख रही है। प्रदेश कांग्रेस का संगठन इसी महीने बनकर तैयार हो जाएगा।
विज्ञापन
गुरुवार को हुड्डा अपने निवास पर पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के 38,000 पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों की मांग को लेकर छोटे-छोटे बच्चों को भूख हड़ताल करनी पड़ रही है। एचटेट पास भावी अध्यापक भर्ती की मांग को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने बेरोजगारी, अग्निपथ योजना, भ्रष्टाचार, शामलात की जमीन, जलभराव, खस्ताहाल सड़कों समेत कई मुद्दों पर बात की।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टियों के विधायकों ने प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार और बदहाली की शिकायतें की। खुद गठबंधन के विधायकों ने ही सरकार के विकास की पोल खोल कर रख दी। घोटालों की जांच के नाम पर सरकार सिर्फ एसआईटी का गठन कर देती है, जिसकी रिपोर्ट कभी सामने नहीं आती। शिक्षा और स्वास्थ्य समेत हर मोर्चे पर सरकार विफल साबित हुई है। स्कूलों में शिक्षकों और अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्वास्थ्य महकमे में 10,000 पद खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
शामलात की जमीन को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार उचित कदम उठाए। जल्द सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका डालनी चाहिए या चकबंदी कानून में बदलाव करें। बरसों से बसे परिवारों को जमीन से बेदखल किया जाना गलत है। वक्त रहते कदम नहीं उठाए तो चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है।
अग्निपथ योजना ना युवाओं के हित में है और ना ही देश हित में। कोरोना काल में भर्ती नहीं होने की वजह से पहले ही सेना का संख्या बल घटकर 14 से 12 लाख हो गया है। अग्निवीर की वजह से आने वाले कुछ सालों में यह घटकर आधा हो जाएगा। चीन और पाकिस्तान हमारे सिर पर बैठे हुए हैं।