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Punjab News: मंत्री कटारूचक्क मामले में घमासान तेज, प्रताप बाजवा ने राज्यपाल को लिखा पत्र, CBI जांच की मांग

Fri, 02 Jun 2023 11:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 02 Jun 2023 11:39 PM IST
सार

कटारूचक्क के खिलाफ यौन दुराचार के आरोप की जांच के लिए पंजाब पुलिस द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का उल्लेख करते हुए बाजवा ने लिखा कि यह जाहिर तौर पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई को लंबा खींचने के लिए है। एसआईटी गठित करने का कोई मतलब नहीं है।

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Pratap Singh Bajwa wrote a letter to the Governor in the case of Minister Lal Chand Kataruchak
प्रताप सिंह बाजवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित द्वारा कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क को हटाए जाने के बारे में सीएम भगवंत मान को सलाह दिए जाने के अगले ही दिन पंजाब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मोर्चेबंदी शुरू कर दी। कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को राज्यपाल पुरोहित को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि कटारूचक्क का मामला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दें। 

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बाजवा ने ट्वीट किया कि मंत्री लालचंद कटारुचक के मामले में न्याय के लिए मैं पंजाब के माननीय राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दें ताकि इसे स्वत: संज्ञान याचिका के रूप में लिया जा सके और निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जा सके। 
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राज्यपाल को लिखे पत्र में बाजवा ने कहा है कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में मंत्री कटारुचक से संबंधित मामला सड़क-चौराहे पर चर्चा का विषय बन चुका है और आपके (राज्यपाल के) स्तर पर वीडियो की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक पुष्टि के बाद भी मंत्री का सांविधानिक पद के लिए शर्म का कारण बना हुआ है।

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मामला लंबा खिंचे, इसलिए एसआईटी का गठन
कटारूचक्क के खिलाफ यौन दुराचार के आरोप की जांच के लिए पंजाब पुलिस द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने का उल्लेख करते हुए बाजवा ने लिखा कि यह जाहिर तौर पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई को लंबा खींचने के लिए है। एसआईटी गठित करने का कोई मतलब नहीं है, जब वीडियो की फॉरेंसिक जांच पहले ही हो चुकी है और पीड़ित ने खुले तौर पर कैबिनेट मंत्री को दोषी ठहराया है। 

उन्होंने कहा कि जैसा कि अपेक्षित था, आप सरकार पीड़ित पर अपना वीडियो बयान और राष्ट्रीय एससी आयोग से की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा जो लोग पीड़ित के समर्थन में सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। बाजवा ने कहा कि आप सरकार पीड़ित और उसके परिवार को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

केजरीवाल के सामने रखा कटारूचक्क का मामला
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को जब चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिले, तब दोनों नेताओं के बीच पंजाब से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री मान ने केजरीवाल के समक्ष कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क का मामला भी रखा क्योंकि गुरुवार को ही राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सार्वजनिक बयान में मुख्यमंत्री को सलाह दी थी कि वह कटारूचक्क को तुरंत मंत्री पद से हटा दें। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ शुरु की गई मुहिम के बाद ही फैसला लिया जाएगा। गुरुवार को चंडीगढ़ में बैठक के बाद केजरीवाल और भगवंत मान दोपहर में झारखंड के लिए रवाना हो गए थे।

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