Kisan Andolan: प्रताप सिंह बाजवा बोले- हरियाणा पुलिस पर केस दर्ज न करके AAP ने भाजपा से निभाई वफादारी
पंजाब और हरियाणा सीमा पर किसानों का आंदोलन जारी है। उधर, पंजाब में सियासत भी नहीं थम रही है। युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत मामले में अब प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
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शुभकरण सिंह की मौत मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने नाखुशी जाहिर की। सोमवार को कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री की चुप्पी से भाजपा के प्रति उनकी 'अनकही वफादारी' झलकती है। उन्होंने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस द्वारा युवा किसान शुभकरण की बेरहमी से हत्या के पांच दिन हो चुके हैं लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री मान, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने हरियाणा पुलिस और हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। बाजवा ने कहा कि यह आप की अपने आकाओं के प्रति वफादारी को दर्शाता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाजवा ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पंजाब के मुख्यमंत्री का आश्वासन एक 'सस्ते वादे' से ज्यादा कुछ नहीं लगता है। उन्होंने इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। पंजाब के मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि हरियाणा पुलिस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से उन्हें कौन सी चीज रोक रही थी।
उन्होंने आगे कहा कि पटियाला के राजिंदरा अस्पताल के शवगृह में शुभकरण सिंह के शव की रखवाली किसान यूनियन के कार्यकर्ता कर रहे हैं। बाजवा ने कहा कि इससे साबित होता है कि किसानों को आम आदमी पार्टी सरकार की नीयत पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। बाजवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री शुभकरण सिंह की बहन को नौकरी और परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।