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हिट एंड रन कानून रद्द करने की मांग को लेकर राजनीतिक दलों को ज्ञापन देंगे : पूनिया
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा बनाई भारतीय न्याय संहिता में कड़ी सजा और जुर्माने से नाराज ड्राइवर्स व वाहन चालको ने लोकसभा चुनावों में भाजपा का विरोध करने का एलान किया है। इसके साथ ही कानून में बदलाव व सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर विपक्ष के गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल सभी राजनीतिक दलों को ज्ञापन देने का फैसला लिया है। हिट एंड रन कानून रद्द करने बारे सभी राजनीतिक दलों से अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की जाएगी। इस कड़ी में 9 मार्च को लेफ्ट पार्टीज के राष्ट्रीय नेताओ को जींद में मांग पत्र दिया जाएगा।
सीआईटीयू से सम्बद्ध दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा (1853) के राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया व महासचिव सतीश सेठी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। पूनिया व सेठी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले दस सालों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर व उसकी मुख्य धूरी ड्राइवर्स के जीवन को प्रभावित किया है। कार्पोरेट्स के मुनाफे बढ़ाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में कई बदलाव किए हैं, जिनमें स्क्रैप पॉलसी, डीजल के रेट में बढ़ोतरी,भारी भरकम टोल टैक्स व इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी शामिल है। इसी प्रकार जंहा ड्राइवर्स पर चालान के दस गुणा तक रेट बढ़ाए गए, वहीं अब कड़ी सजाओं व जुर्माने के कानून थोप दिए गए हैं।
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा बनाई भारतीय न्याय संहिता में कड़ी सजा और जुर्माने से नाराज ड्राइवर्स व वाहन चालको ने लोकसभा चुनावों में भाजपा का विरोध करने का एलान किया है। इसके साथ ही कानून में बदलाव व सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर विपक्ष के गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल सभी राजनीतिक दलों को ज्ञापन देने का फैसला लिया है। हिट एंड रन कानून रद्द करने बारे सभी राजनीतिक दलों से अपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की जाएगी। इस कड़ी में 9 मार्च को लेफ्ट पार्टीज के राष्ट्रीय नेताओ को जींद में मांग पत्र दिया जाएगा।
सीआईटीयू से सम्बद्ध दी ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन हरियाणा (1853) के राज्य प्रधान सरबत सिंह पूनिया व महासचिव सतीश सेठी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। पूनिया व सेठी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले दस सालों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर व उसकी मुख्य धूरी ड्राइवर्स के जीवन को प्रभावित किया है। कार्पोरेट्स के मुनाफे बढ़ाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में कई बदलाव किए हैं, जिनमें स्क्रैप पॉलसी, डीजल के रेट में बढ़ोतरी,भारी भरकम टोल टैक्स व इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी शामिल है। इसी प्रकार जंहा ड्राइवर्स पर चालान के दस गुणा तक रेट बढ़ाए गए, वहीं अब कड़ी सजाओं व जुर्माने के कानून थोप दिए गए हैं।
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