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हुड्डा बोले- आर्थिक सर्वे के बिना बैठक का औचित्य नहीं, CM ने कहा- पटल पर रखेंगे वित्तीय रिपोर्ट

Wed, 19 Feb 2020 05:07 AM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 19 Feb 2020 05:07 AM IST
सार

  • नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर बोला हमला तो सीएम ने किया पलटवार।
  • स्वास्थ्य के बजट में बढ़ोतरी पर विधायक एकमत, 500-1000 करोड़ वृद्धि संभव।

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Politics at the peak of pre-budget meetings of Haryana government
प्री-बजट बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार की प्री-बजट बैठकों को लेकर राजनीति चरम पर है। बैठकों के पहले दिन इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला सरकार पर हमलावर रहे तो दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हमला बोला। जिस पर सीएम मनोहर लाल पलटवार में पीछे नहीं रहे। उन्होंने हुड्डा के जुबानी हमले का तथ्यों के साथ जवाब दिया।

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इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का बजट बढ़ाने पर विधायक एकमत दिखे। सबसे स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने और बजट में वृद्धि के सुझाव दिए। कुछ विधायकों ने दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों का भी उदाहरण दिया। सूत्रों के अनुसार इस बार स्वास्थ्य विभाग के बजट में सरकार कम से कम 500 से 1000 करोड़ की बढ़ोतरी कर सकती है।
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मंगलवार को चर्चा के दूसरे सत्र में हिस्सा लेने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बिना आर्थिक सर्वे के ऐसी चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। न तो विभागों की आर्थिक स्थिति पता है, न ही प्रदेश के आर्थिक हालात की जानकारी। सारे विधायक अपने हल्ले की बात कर रहे हैं, ये सुझाव तो लिखित में भी मांगे जा सकते थे। स्वास्थ्य सेवाओं पर आज चर्चा हो रही है, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं किस हालात में है सबको पता है। सरकार ने यह पहल की है, अच्छी है पर आर्थिक सर्वे के साथ यह चर्चा होनी चाहिए थी। 

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बजट पहले ही तैयार किया जा चुका है। सीएम मनोहर लाल ने हुड्डा को जवाब देते हुए कहा कि बजट पेश करने से पहले विधानसभा में सदन पटल पर प्रदेश की वित्तीय रिपोर्ट रखी जाएगी। वित्तीय स्थिति को लेकर वित्त विभाग एक अलग तरह के प्रावधान के तहत अपनी रिपोर्ट रखता है। अब तक सरकार की 1590 योजनाएं थी। 

इस बार इनमें से 350-400 योजनाओं को अन्य में समायोजित कर देंगे। सीएम ने कहा कि सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम कोई अलग कार्यक्रम नहीं है। जिसके लिए अलग बजट का प्रावधान किया जाए। यह दोनों राजनीतिक दलों की समान घोषणाएं है। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई है। बजट बढ़ाने के सुझाव आए हैं। कितनी बढ़ोतरी होगी ये बजट में तय होगा।

मूलचंद ने पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
खनन एवं भूगर्भ विभाग के मंत्री मूलचंद शर्मा ने अवैध खनन पर पुलिस को घेरा है। उन्होंने कहा, अवैध खनन को लेकर कुछ स्थानों पर छापे मारे हैं। पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा कि अवैध खनन कर वाहन एक स्थान पर जाता है क्या इसकी जानकारी संबंधित पुलिस थाने को नहीं होती। इस बारे में जल्दी गृह मंत्री अनिल विज को पत्र लिखूंगा। फोन पर इस संबंध में मेरी बातचीत हो चुकी है। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि खनन मंत्री का न तो उन्हें कोई फोन आया है न ही अवैध खनन को लेकर उनसे कोई बातचीत हुई है।

विपक्ष से मिले सुझाव, बयानबाजी स्वभाविक: सीएम
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि स्वास्थ्य, खेल और युवा विभाग को लेकर सुबह के सत्र में चर्चा हुई है। इस बार का बजट वास्तव में ही जनता का बजट होगा। राजनीतिक लाइन से अलग होकर प्री-बजट चर्चा तय की गई थी। विपक्ष के सुझाव आ रहे हैं, चर्चा से बाहर आकर जो बयानबाजी हो रही है, वह विपक्ष के नाते स्वाभाविक है। 

बजट को बनाने के लिए 19 तारीख के बाद सरकार के पास पर्याप्त समय है। तमाम अच्छे सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। जो सुझाव सही नहीं है जरूरी नहीं है उनको बजट में शामिल करें। हर विधानसभा क्षेत्र और विधायक की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं। सभी की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ज्यादा से ज्यादा सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे।

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