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हरियाणा के शिक्षामंत्री पर लगाया बार-बार झूठे मामलों में फंसाने का आरोप, हाईकोर्ट में याचिका दायर
Thu, 12 Sep 2019 02:35 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 12 Sep 2019 02:35 PM IST
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शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
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महेंद्रगढ़ नगर पालिका की चेयरपर्सन रीना बंटी के पति और पार्षद सुरेंद्र बंटी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शर्मा उनके खिलाफ बार -बार एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि याचिका में शर्मा को प्रतिवादी नहीं बनाया गया है।
इस पर याची ने इसके लिए समय दिए जाने की अपील की, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया। बंटी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ राम बिलास शर्मा के इशारे पर कई बार अलग -अलग मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जांच के बाद जब एक मामले से वह निर्दोष साबित होते हैं तो दूसरी एफआईआर दर्ज हो जाती है।
इन एफआईआर के आधार पर ही 17 फरवरी को उसकी एमसी से निलंबित कर दिया गया था। इन एफआईआर में उनको राहत मिल गई है, इसलिए उसका एमसी का निलंबन रद्द किया जाए। सुनवाई के दौरान बंटी की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि शर्मा उसको तंग करने के लिए बार--बार एफआईआर करवा रहे हैं। इस पर बेंच ने कहा कि वह मौखिक रूप से ऐसे आरोप क्यों लगा रहे हैं।
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उन्होंने शिक्षा मंत्री को अपनी याचिका में प्रतिवादी तो बनाया नहीं है। इस पर याची के वकील ने कहा कि उनको कुछ समय दिया जाए ताकि वो अपनी याचिका में शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी बना सकें। हाईकोर्ट ने याची की मांग स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 24 सितंबर तक स्थगित कर दी।
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इस पर याची ने इसके लिए समय दिए जाने की अपील की, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया। बंटी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ राम बिलास शर्मा के इशारे पर कई बार अलग -अलग मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जांच के बाद जब एक मामले से वह निर्दोष साबित होते हैं तो दूसरी एफआईआर दर्ज हो जाती है।
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इन एफआईआर के आधार पर ही 17 फरवरी को उसकी एमसी से निलंबित कर दिया गया था। इन एफआईआर में उनको राहत मिल गई है, इसलिए उसका एमसी का निलंबन रद्द किया जाए। सुनवाई के दौरान बंटी की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि शर्मा उसको तंग करने के लिए बार--बार एफआईआर करवा रहे हैं। इस पर बेंच ने कहा कि वह मौखिक रूप से ऐसे आरोप क्यों लगा रहे हैं।
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उन्होंने शिक्षा मंत्री को अपनी याचिका में प्रतिवादी तो बनाया नहीं है। इस पर याची के वकील ने कहा कि उनको कुछ समय दिया जाए ताकि वो अपनी याचिका में शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को प्रतिवादी बना सकें। हाईकोर्ट ने याची की मांग स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 24 सितंबर तक स्थगित कर दी।