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Chandigarh News: हाईकोर्ट के बाहर तानी पिस्तौल, पुलिस ने दी क्लीन चिट, अब अदालत के आदेश पर केस दर्ज

Tue, 18 Jun 2024 01:22 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 01:22 AM IST
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Pistol was pointed outside the High Court, police gave clean chit, now case registered on court's order
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद के विचाराधीन मामले में एक पक्ष पर रंजिशन बंदूक तानने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता पक्ष ने 12 सितंबर 2023 को ही सेक्टर-3 थाने में शिकायत दे दी थी लेकिन पुलिस ने बंदूक तानने के आरोपों को नकारते हुए दूसरे पक्ष को क्लीनचिट दे दी। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने यूटी जिला अदालत में याचिका दायर की। जिला अदालत के आदेश पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने बंदूक तानने वाले आरोपियों के खिलाफ आईपीसी 1860 की धारा 307, 341, 506,34,120बी के तहत केस दर्ज किया है।
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शिकायतकर्ता भैरव गौतम निवासी सिरसा ने बताया कि 12 सितंबर 2023 को उनकी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई थी और लंच के बाद दोपहर 3:30 बजे वह कोर्ट से बाहर निकलकर अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठकर निकल पड़े। थोड़ी दूर पर उन्होंने गाड़ी रोकी और खाने-पीने का सामान लेने लग गए। इसी दौरान उनके पास क्रेटा गाड़ी आकर रुकी, जिसमें से आरोपी देशराज निकला और उनकी गाड़ी के पास आकर उनकी माता पूनम देवी को घूरने लग गया। इसके बाद वह हाथ में पिस्तौल लेकर उनकी कार के सामने आ गया और क्रेटा गाड़ी में बैठे अन्य साथियों को भी बाहर बुला लिया। क्रेटा गाड़ी में महिला भावना और करणबीर सिंह कंबोज भी बैठा था। देशराज ने लोडेड पिस्तौल उसकी ओर तानते हुए कहा कि वह आज उन्हें मार डालेगा। इसके बाद इन्होंने खुद की गाड़ी वहां से भगाकर अपनी जान बचाई। शिकायतकर्ता के मुताबिक जो पिस्तौल उन्हें दिखाकर धमकी दी गई थी, वह भी उनके घर से ही अन्य सामान के साथ चोरी की गई थी। बाकायदा इस मामले में 16 सितंबर 2023 को सिरसा कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी जिसके आधार पर वहां भी सिविल लाइन थाने में आईपीसी एक्ट 307, 379, 411, 506, 34, 120-बी और आर्म्स एक्ट 25, 27 के अन्तर्गत केस दर्ज किया गया था।
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हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद धमकी के बारे में सेक्टर-3 थाने में शिकायत दी गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण जिला अदालत में याचिका दायर की गई और पुलिस से जवाब तलाब किया गया लेकिन पुलिस ने बताया कि 12 सितंबर को बंदूक दिखाने से संबंधित कोई घटना ही नहीं घटी थी। इस संबंध में हेडकांस्टेबल वरिंद्र कुमार का बयान भी दर्ज किया गया था, जिसने बताया था कि वे उक्त तिथि को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक अपनी नाका ड्यूटी पर मौजूद था लेकिन उसने ऐसी कोई घटना नहीं देखी।
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शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया था कि उनका भावना के साथ अदालत में मामला चल रहा है। बताया कि हाईकोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले 11 सितंबर को महिला भावना, देशराज, हिमांशु और करणबीर के साथ जीरकपुर में एक होटल में रुकी थी और घटना के मास्टरमाइंड हिमांशु शर्मा और देशराज कंबोज थे। अदालत ने कहा कि पुलिस की ओर से दिए गए जवाब में स्प्ष्ट है कि भावना कुछ आरोपियों के साथ जीरकपुर के होटल में रुकी थी, जहां यह योजना बनाई गई और पूरी घटना उसकी मौजूदगी में हुई। उसने अपने बयान में आरोपियों के संपर्क नंबर भी दिए हैं। इसलिए अदालत ने मामले में पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए थे और इसी आधार पर अब सेक्टर-3 थाने में इन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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