वाइल्ड लाइफ का रोमांच देखना है तो सुखना आएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर टीवी चैनलों पर वाइल्ड लाइफ के दृश्य आपको आकर्षित करते हैं तो चंडीगढ़ में आप इस रोमांच का लाइव लुत्फ भी ले सकते हैं।
शहर के पास ही लेक के पीछ स्थित सुखना वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में करीब 70 प्रकार के वन्य जीव और परिंदे हैं।
अगर आपके पास धैर्य और समय है तो सेंक्चुरी की वाटर बॉडीज के पास आप इनमें से अधिकतर को देख सकते हैं और कैमरे में भी कैद कर सकते हैं।
ट्रैकिंग और हेल्दी वाक
वैसे तो यह सेंक्चुरी 25.98 वर्ग किलोमीटर में फैली है, मगर इसे घूमने के लिए आपको इतना पैदल नहीं चलना है। सेंक्चुरी दो रेंज में विभाजित है पहली कांसल सेंक्चुरी रेंज के लिए कैंबवाला से रास्ता जाता है तो नेपली के लिए सकेतड़ी से। कांसल रेंज में आप लोग हट तक साढ़े चार किलोमीटर गाड़ी से जा सकते हैं।
यहां एक बड़ा लान पिकनिक के लिए आदर्श जगह है। साथ ही रहलियांवाला की तीन वाटर बॉडीज हैं जिनके पास बने छांयादार बॉच टावर के बैंचों पर बैठकर आप प्रकृति के सबसे शानदार नजारों का अवलोकन कर सकते हैं।
पानी के लिए आते जानवर और पक्षी आपको यहां दिख सकते हैं। ट्रैकिंग और हेल्दी वाक के शौकीन हैं तो अंदर जंगल में निकल जाएं। बांस के घने और छायांदार जंगलों में एक रास्ता नेपली तथा दूसरा सुखोमाजरा की ओर जाता है।
देखने के लिए क्या-क्या
कांसल वाइल्ड लाइफ में तेंदुआ होने का बोर्ड कई जगह लगा है। इसके अलावा हिरण, खरगोश, नील गाय, सांभर, जंगली सूअर दिन में बांस के घने जंगलों में रहते हैं और सुबह-शाम तथा दोपहर को पानी के लिए वाटर बॉडीज तक आते हैं।
सेंक्चुरी में ऐसे 190 वाटर बॉडीज हैं, जिनमें जामुनवाला डेम, मेमनेवाला, सिंबलवाला, छोटी रोडिंयां, बड़ी रोडियां डेम पहले तीन किलोमीटर के ही रास्ते में ही आते हैं। यहां कई तरह के पक्षी दिनभर चहचहाते नजर आएंगे।
इनमें पनकौव्वा, कोकराई, चील, काला तीतर, टिटहरी, जंगली मुर्गा, पन पिलख, राई तोता, भौरा, चरचरी, जंगली कौवा, मोर, किंगफिशर और हुदहुद शामिल हैं।
ये सावधानियां बरतें
वन विभाग से अनुमति लेकर ही फॉरेस्ट रेंज में जाएं। बिना अनुमति जाने और वन्य जीवन को नुकसान पहुंचाने पर कैद की सजा का प्रावधान है।
- यदि कार या बाइक से जाना चाहते हैं तो आपको इनका नंबर भी अनुमति फार्म पर देना होगा।
-सुखना सेंक्चुरी में तेंदुए और सांप मौजूद हैं, इसलिए बच्चों को साथ लेकर जाएं तो उन्हें हमेशा अपनी निगरानी में ही रखें।
ऐसे मिलेगी अनुमति
आपने जब घूमने जाना है उससे कम से कम दो दिन पहले आवेदन करें। वन विभाग के सेक्टर-19 स्थित दफ्तर में आवेदन करना होगा। इसकी प्रक्रिया काफी सरल है। इसका कोई शुल्क भी नहीं है।
दफ्तर से आपको फार्म मिलेगा इस पर जाने वाले सदस्यों का नाम पता और उम्र भरनी होगी। वाहन ले जा रहे हो तो उसका नंबर भी। फार्म जमा कराने के दो दिन बाद आपको अनुमति पत्र मिल जाएगा।