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एक्सक्लूसिवः देश का तीसरा टॉप डेंटल कॉलेज बना पीजीआईडीएस रोहतक, पूरे किए पांच मानदंड
Tue, 21 May 2019 03:04 PM IST
खुशबू गोयल
विकास सैनी, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विकास सैनी, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 21 May 2019 03:04 PM IST
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फाइल फोटो
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हरियाणा के रोहतक जिले में बना पीजीआईडीएस (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ डेंटल साइंसेज) देश के टॉप थ्री डेंटल कॉलेजों में शुमार हो गया है। एक प्रसिद्ध समाचार मैगजीन व एमडीआरए (मार्केटिंग एंड डेवलपमेंट रिसर्च एसोसिएट्स) के सर्वे में संस्थान पचास संस्थानों में दो हजार में से 1736.8 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहा है।
अपनी बेहतर दंत चिकित्सा सेवा व शिक्षा के चलते संस्थान प्रदेश का सिरमौर बना है। यही नहीं पिछले वर्ष के मुकाबले संस्थान इस वर्ष एक पायदान आगे भी बढ़ा है। पिछले वर्ष संस्थान चौथे नंबर पर था। देश में 1929.5 अंकों के साथ मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली अव्वल रहा। जबकि 1842.9 अंकों के साथ फैकल्टी डेंटल साइंस किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ दूसरे स्थान पर रही।
सर्वे में रखे गए पांच मापदंड
सर्वे को-आर्डिनेटर डा. मंजूनाथ बीसी व डॉ. अंबिका ने बताया देश के बेस्ट डेंटल इंस्टीट्यूट तलाशने के लिए सर्वे में पांच मापदंड शामिल किए गए। इसमें इंटेक क्वालिटी एंड गवर्नेंस, एकेडमिक एक्सीलेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड लिविंग एक्सपीरियंस, पर्सनैलिटी एंड लीडरशिप डेवलपमेंट व करियर प्रोग्रेस एंड प्लेसमेंट मापदंड शामिल हैं। प्रत्येक मापदंड के लिए अलग स्कोर सुनिश्चित किया गया था। यह कुल स्कोर दो हजार बनता है। संस्थान की सुविधा के आधार पर इनमें से अंक दिए गए।
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अपनी बेहतर दंत चिकित्सा सेवा व शिक्षा के चलते संस्थान प्रदेश का सिरमौर बना है। यही नहीं पिछले वर्ष के मुकाबले संस्थान इस वर्ष एक पायदान आगे भी बढ़ा है। पिछले वर्ष संस्थान चौथे नंबर पर था। देश में 1929.5 अंकों के साथ मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली अव्वल रहा। जबकि 1842.9 अंकों के साथ फैकल्टी डेंटल साइंस किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ दूसरे स्थान पर रही।
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सर्वे में रखे गए पांच मापदंड
सर्वे को-आर्डिनेटर डा. मंजूनाथ बीसी व डॉ. अंबिका ने बताया देश के बेस्ट डेंटल इंस्टीट्यूट तलाशने के लिए सर्वे में पांच मापदंड शामिल किए गए। इसमें इंटेक क्वालिटी एंड गवर्नेंस, एकेडमिक एक्सीलेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड लिविंग एक्सपीरियंस, पर्सनैलिटी एंड लीडरशिप डेवलपमेंट व करियर प्रोग्रेस एंड प्लेसमेंट मापदंड शामिल हैं। प्रत्येक मापदंड के लिए अलग स्कोर सुनिश्चित किया गया था। यह कुल स्कोर दो हजार बनता है। संस्थान की सुविधा के आधार पर इनमें से अंक दिए गए।
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पीजीआईडीएस की ये हैं खूबियां
पीजीआईडीएस कई मायनों में उत्कृष्ट है। सबसे बेहतर यहां की चिकित्सा सेवा है। यहां मरीजों की सुविधा के लिए सीटी स्कैन, आरबीजी, अल्ट्रा मॉडर्न टेक्निक सुविधा व 24 घंटे आपात सेवा मुहैया है। यही नहीं देश के टॉपर्स यहां दाखिला लेते हैं। वर्ष 2019 के देश के तीसरे, पांचवें, आठवें, 15वें व 18वें रैंक वाले विद्यार्थी यहां पढ़ रहे हैं। वर्ष 2018 के तीसरे, सातवें, आठवें, 17वें व 22वें रैंक वाले विद्यार्थियों ने यहां पढ़ने की प्राथमिकता दर्शायी।
पहला संस्थान बनने के लिए ये है जरूरी
देश का पहला संस्थान बनने के लिए पीजीआईडीएस को और मेहनत करनी होगी। संस्थान में ढांचागत सुधार के साथ नए कोर्स शुरू करने होंगे। यही नहीं एनबीएच से एक्रिडेशन पाना होगा। इसके लिए अपनी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनानी होगी।
एक प्रसिद्ध समाचार मैगजीन व एमडीआरए के सर्वे में संस्थान को देश में तीसरा स्थान मिला है। हमें देश का पहला संस्थान बनने के लिए और मेहनत की जरूरत है। इस कड़ी में कुछ सुधार के साथ एनबीएच से एक्रिडेशन लेना शामिल है। अगले वर्ष यह लक्ष्य पूरा करने का प्रयास रहेगा।
- डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस
पहला संस्थान बनने के लिए ये है जरूरी
देश का पहला संस्थान बनने के लिए पीजीआईडीएस को और मेहनत करनी होगी। संस्थान में ढांचागत सुधार के साथ नए कोर्स शुरू करने होंगे। यही नहीं एनबीएच से एक्रिडेशन पाना होगा। इसके लिए अपनी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनानी होगी।
एक प्रसिद्ध समाचार मैगजीन व एमडीआरए के सर्वे में संस्थान को देश में तीसरा स्थान मिला है। हमें देश का पहला संस्थान बनने के लिए और मेहनत की जरूरत है। इस कड़ी में कुछ सुधार के साथ एनबीएच से एक्रिडेशन लेना शामिल है। अगले वर्ष यह लक्ष्य पूरा करने का प्रयास रहेगा।
- डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस
पीजीआईडीएस को देश में तीसरा रैंक मिलना सराहनीय है। यह हरियाणा व हेल्थ यूनिवर्सिटी के स्टाफ और विद्यार्थियों के लिए अपने आप में गर्व की बात है। इस उपलब्धि का श्रेय मेहनती फैकल्टी व विद्यार्थियों को जाता है। हमें कुछ क्षेत्रों में और मेहनत करनी है।
- प्रो. ओपी कालरा, वीसी, हेल्थ यूनिवर्सिटी
मापदंड-------------------------------अंक--------प्राप्तांक
इंटेक क्वालिटी एंड गवर्नेंस--------------300-------253.9
एकेडमिक एक्सीलेंस-------------------300-------215.8
इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लिविंग एक्सपीरियंस------240--------206.
पर्सनैलिटी एंड लीडरशिप डेवलपमेंट------180-------146.0
करियर प्रोग्रेस एंड प्लेसमेंट--------------180-------155.3
- 250 डेंटल चेयर लगी हैं संस्थान में
- 250 मरीजों का हो सकता है एक साथ इलाज
- 850 मरीजों की है संस्थान की ओपीडी
- 20 मरीज रोजाना आते हैं इनडोर
- प्रो. ओपी कालरा, वीसी, हेल्थ यूनिवर्सिटी
मापदंड-------------------------------अंक--------प्राप्तांक
इंटेक क्वालिटी एंड गवर्नेंस--------------300-------253.9
एकेडमिक एक्सीलेंस-------------------300-------215.8
इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लिविंग एक्सपीरियंस------240--------206.
पर्सनैलिटी एंड लीडरशिप डेवलपमेंट------180-------146.0
करियर प्रोग्रेस एंड प्लेसमेंट--------------180-------155.3
- 250 डेंटल चेयर लगी हैं संस्थान में
- 250 मरीजों का हो सकता है एक साथ इलाज
- 850 मरीजों की है संस्थान की ओपीडी
- 20 मरीज रोजाना आते हैं इनडोर