फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI will soon get triple security data centre, center will do monitoring

Chandigarh News: पीजीआई को जल्द मिलेगा ट्रिपल सिक्योरिटी डेटा सेंटर, केंद्र करेगा मॉनिटरिंग

Mon, 27 May 2024 04:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2024 04:03 AM IST
विज्ञापन
PGI will soon get triple security data centre, center will do monitoring
चंडीगढ़। पीजीआई को साइबर सुरक्षा से लैस अत्याधुनिक डेटा सेंटर जल्द मिलने जा रहा है। यह डेटा सेंटर ट्रिपल सिक्योरिटी से लैस होगा। इसकी दिल्ली स्थित सेंटर से सीधे केंद्र सरकार मॉनिटरिंग करेगी। पीजीआई के अलावा एक अन्य सेंटर मुंबई या अहमदाबाद में बनाया जाएगा। ऐसा कर मरीजों से संबंधित डेटा को कई लेयर की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इतना ही नहीं, पीजीआई के साथ-साथ संगरूर, ऊना और फिरोजपुर के सैटेलाइट सेंटर की भी इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जरूरत की पूर्ति इस सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इस योजना को शुरू करने के लिए परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीजीआई को नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज की मदद लेने की सलाह दी है ताकि इसमें किसी भी तरह की गुंजाइश न बचे। पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एचआईएस-2 के लिए हार्डवेयर और आईटी से संबंधित सेटअप तैयार करने को कहा है जिसमें एनआईसीएसआई डाटा सेंटर स्थापित करेगा। उम्मीद है कि यह काम एक साल के अंदर पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनआईसीएसआई को जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ पिछले स्थायी वित्त समिति की बैठक में पीजीआई में अस्पताल सूचना प्रणाली-2 के बारे में गहन चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया था क्योंकि संस्थान में अभी एचआईएस-2 पुराने सिस्टम से ही चल रहा है। इसे नई योजना के अंतर्गत पूरी तरह बदल दिया जाएगा।
विज्ञापन


मरीजों का एक-एक डेटा होगा सुरक्षित
पीजीआई में प्रतिदिन 10000 से ज्यादा मरीजों की जांच की जाती है। इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद पेशेंट फ्रेंडली इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा सकेगा। इसके साथ यह प्रणाली आयुष्मान भारत योजना का भी डाटा सुरक्षित करेगा। वहीं, इसके अंतर्गत न्यू ओपीडी जैसे स्थल या ज्यादा से ज्यादा मरीजों के आवागमन वाले क्षेत्रों में वाई-फाई कनेक्टिविटी, मरीज और डॉक्टरों के बीच संपर्क के लिए मोबाइल एप्लीकेशन, क्यू मैनेजमेंट, ऑनलाइन भुगतान गेटवे, डेटा स्टोरेज, इमरजेंसी डेटा स्टोरेज और इमरजेंसी रिकवरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन


सुरक्षा प्रोटोकाल होगा तय
पीजीआई में कंप्यूटरीकृत निगरानी समिति के अध्यक्ष प्रो. एसएस पांडव ने बताया कि इसके अंतर्गत महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा, जिसमें सुरक्षा ऑडिट, नेटवर्क संचालन केंद्र और एक सुरक्षा संचालन केंद्र जैसी सुविधाओं की आवश्यकता और नीतियों का प्रोटोकॉल विकसित किया जाएगा ताकि डाटा संबंधी असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed