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Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI will participate in clinical drug trials to provide better quality of life to breast cancer patients

Chandigarh: स्तन कैंसर के विश्वस्तरीय ट्रायल में हिस्सा लेगा पीजीआई, मरीजों पर नई दवा का होगा ट्रायल

Wed, 30 Aug 2023 01:48 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 30 Aug 2023 01:48 PM IST
सार

लगभग 16 अलग-अलग मानकों पर खरा उतरने वाले मरीज ही ट्रायल में शामिल किए जाएंगे। इसमें मरीज का डिजीज फ्री होने के साथ पहली दवा का कम से कम दो साल तक का सेवन और हार्मोन पॉजिटिव होना जैसे बिंदु शामिल हैं।

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PGI will participate in clinical drug trials to provide better quality of life to breast cancer patients
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

स्तन कैंसर पर काबू पा चुके मरीजों को और बेहतर जीवन देने के लिए पीजीआई विश्वस्तरीय क्लीनिकल ड्रग ट्रायल में भाग लेगा। इस ट्रायल में पीजीआई के साथ टाटा मेमोरियल मुंबई और दिल्ली एम्स भी हिस्सा ले रहा है। ये संस्थान अपने 20-20 मरीजों को ट्रायल में शामिल करेंगे।

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मरीजों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पीजीआई अब तक तीन मरीजों का पंजीकरण कर चुका है। खास बात यह है कि चयनित मरीजों को पहले से दी जा रही टेमोक्सीफेन की जगह दूसरी दवा दी जाएगी। इस दवा का मरीज पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा।
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पीजीआई के रेडियोथेरेपी व ओंकोलॉजी और टेरटरी कैंसर सेंटर के प्रमुख प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि स्तन कैंसर के मरीजों को दी जाने वाली दवा का हड्डी, हृदय और गर्भाशय पर साइड इफेक्ट आता है। मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रायल का निर्णय लिया गया है। इसमें विश्व भर के 16 देशों के 960 मरीजों को शामिल किया जाएगा। अगर यह ट्रायल पूरा हो गया तो स्तन कैंसर के मरीजों का इलाज और आसान हो जाएगा। फिर मरीज बिना दवा के साइड इफेक्ट के बेहतर जीवन गुजार सकेंगे।

मरीज का मानकों पर खरा उतरना जरूरी
प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि लगभग 16 अलग-अलग मानकों पर खरा उतरने वाले मरीज ही ट्रायल में शामिल किए जाएंगे। इसमें मरीज का डिजीज फ्री होने के साथ पहली दवा का कम से कम दो साल तक का सेवन और हार्मोन पॉजिटिव होना जैसे बिंदु शामिल हैं। इस ट्रायल में मरीज को दवा, जांच संबंधी सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। नई दवा की एक महीने की डोज पर लगभग एक लाख रुपये का खर्च आएगा जो ट्रायल कराने वाली कंपनी उपलब्ध कराएगी।


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पहले के दो ट्रायल हो चुके हैं सफल
नई दवा पर इससे पहले किए गए दो ट्रायल सफल रहे हैं। अब फेज थ्री के ट्रायल की तैयारी शुरू की गई है। इसमें शामिल मरीजों का हर छह महीने पर अलग-अलग मानकों पर रिव्यू होगा। वहीं अगर ट्रायल के दौरान किसी मरीज को नुकसान हो गया तो उसकी भी भरपाई की जाएगी।

हर साल सात हजार नए मरीज
7000 नए मरीज पीजीआई में हर साल पंजीकृत हो रहे हैं। स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या कुल मरीजों में से 30 प्रतिशत है। कैंसर के पांच मुख्य प्रकार हैं, जिसमें स्तन, मुंह व गले का कैंसर, पेट या बड़ी आंत का कैंसर, खाने की नली और फेफड़े का कैंसर शामिल है।

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