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Punjab: कनाडा में बाहर से आने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी, स्टडी वीजा सीमित करने की तैयारी, पंजाब में हड़कंप
Wed, 30 Aug 2023 10:19 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 30 Aug 2023 10:19 AM IST
सार
कनाडा के ओटावा में रहने वाले पंजाबी समुदाय के नामचीन लीडर जसविंदर सिंह जस्सा का कहना है कि कनाडा में यह भीड़ आना राजनीति का एक हिस्सा थी। पिछले सात साल में घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं और यहां के मूल निवासी असहज महसूस कर रहे हैं।
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विस्तार
कनाडा सरकार के मंत्री शान फ्रेजर ने संकेत दिए हैं कि ट्रूडो सरकार को स्टडी वीजा का मूल्यांकन करने की जरूरत है और इस पर गहनता से विचार कर संख्या को सीमित किया जा सकता है। फ्रेजर ने तो यहां तक कह दिया कि कनाडा में तेजी से आ रही विद्यार्थियों की बाढ़ से जमीन व मकान के मूल्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कनाडा की ट्रूडो सरकार के मंत्री के बयान का पंजाब में गहरा असर हुआ है।
जानकारों का मानना है कि फैसले से भारतीयों का वहां जाने का सपना टूट सकता है। कनाडा में लोगों के रहने की जगह कम पड़ रही है। इसलिए ये देश विदेशी स्टूडेंट्स की संख्या पर लगाम लगाने की तैयारी में है। 2022 में कनाडा में 184 देशों से 8 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स आए। जबकि 2015 में यह संख्या चार लाख से भी कम थी।
आसमान छू रही घरों की कीमतें
कनाडा के ओटवा में रहने वाले पंजाबी समुदाय के नामचीन लीडर जसविंदर सिंह जस्सा का कहना है कि कनाडा में यह भीड़ आना राजनीति का एक हिस्सा थी। आप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) 2024 तक अपने छात्र वीजा कार्यक्रम के लिए एक नए विश्वसनीय संस्थान ढांचे को लागू करने की योजना बना रहा है। पिछले सात साल में घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं और यहां के मूल निवासी असहज महसूस कर रहे हैं।
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यह भी पढ़ें: पंजाब सरकार को फटकार: हाईकोर्ट ने पूछा आखिर किस अधिकार से लिया पंचायतें भंग करने का निर्णय
कनाडा स्टडी वीजा के माहिर रमन कुमार का कहना है कि कुछ मानदंडों को पूरा करने वाले संस्थानों को विश्वसनीय संस्थान के रूप में नामित किए जाने की तैयारी है। लिहाजा, अगर यह फैसला होता है तो इसकी चपेट में ऐसे कॉलेज आ जाएंगे, जिसका मकसद सिर्फ डिग्री देकर बच्चों को वर्क परमिट तक भेजना है।
डीएलआई से स्वीकृति पत्र की जरूरत
कनाडा के एडमिंटन में इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर सिंह मोंटू का कहना है कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रवेश देने वाले किसी भी कनाडाई संस्थान को उनके संबंधित प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित नामित शिक्षण संस्थान (डीएलआई) के रूप में वर्गीकृत करता है। अंतरराष्ट्रीय छात्रों को कनाडाई अध्ययन परमिट के लिए आवेदन करने के लिए डीएलआई से एक स्वीकृति पत्र की आवश्यकता होती है। नया विश्वसनीय संस्थान ढांचा प्रभावी रूप से कनाडा के नामित शिक्षण संस्थानों (डीएलआई) के बीच दो-स्तरीय संरचना स्थापित करेगा, जिनमें से कुछ को विश्वसनीय संस्थानों के रूप में मान्यता दी जाएगी।
फैसला काफी निराशाजनक होगा
स्टडी वीजा एक्सपर्ट सुकांत का कहना है कि मौजूदा समय में जनवरी समेस्टर की तैयारी हो रही है और तमाम कॉलेजों की सीटें फुल हो चुकी हैं। लिहाजा अगर ऐसे में स्टूडेंट्स पर कोई फैसला आता है तो काफी निराशाजनक होगा। बच्चे फीस अदा कर चुके हैं, स्टडी वीजा की प्रकिया चल रही है। इतना ही नहीं, कनाडा के मंत्री के बयान का असर अगले साल के मई इनटेक पर भी होने लगा है। विद्यार्थी काफी चिंतित है और हर तरफ से सूचना एकत्रित कर रहे हैं।
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जानकारों का मानना है कि फैसले से भारतीयों का वहां जाने का सपना टूट सकता है। कनाडा में लोगों के रहने की जगह कम पड़ रही है। इसलिए ये देश विदेशी स्टूडेंट्स की संख्या पर लगाम लगाने की तैयारी में है। 2022 में कनाडा में 184 देशों से 8 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स आए। जबकि 2015 में यह संख्या चार लाख से भी कम थी।
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आसमान छू रही घरों की कीमतें
कनाडा के ओटवा में रहने वाले पंजाबी समुदाय के नामचीन लीडर जसविंदर सिंह जस्सा का कहना है कि कनाडा में यह भीड़ आना राजनीति का एक हिस्सा थी। आप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) 2024 तक अपने छात्र वीजा कार्यक्रम के लिए एक नए विश्वसनीय संस्थान ढांचे को लागू करने की योजना बना रहा है। पिछले सात साल में घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं और यहां के मूल निवासी असहज महसूस कर रहे हैं।
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कनाडा स्टडी वीजा के माहिर रमन कुमार का कहना है कि कुछ मानदंडों को पूरा करने वाले संस्थानों को विश्वसनीय संस्थान के रूप में नामित किए जाने की तैयारी है। लिहाजा, अगर यह फैसला होता है तो इसकी चपेट में ऐसे कॉलेज आ जाएंगे, जिसका मकसद सिर्फ डिग्री देकर बच्चों को वर्क परमिट तक भेजना है।
डीएलआई से स्वीकृति पत्र की जरूरत
कनाडा के एडमिंटन में इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर सिंह मोंटू का कहना है कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रवेश देने वाले किसी भी कनाडाई संस्थान को उनके संबंधित प्रांतीय या क्षेत्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित नामित शिक्षण संस्थान (डीएलआई) के रूप में वर्गीकृत करता है। अंतरराष्ट्रीय छात्रों को कनाडाई अध्ययन परमिट के लिए आवेदन करने के लिए डीएलआई से एक स्वीकृति पत्र की आवश्यकता होती है। नया विश्वसनीय संस्थान ढांचा प्रभावी रूप से कनाडा के नामित शिक्षण संस्थानों (डीएलआई) के बीच दो-स्तरीय संरचना स्थापित करेगा, जिनमें से कुछ को विश्वसनीय संस्थानों के रूप में मान्यता दी जाएगी।
फैसला काफी निराशाजनक होगा
स्टडी वीजा एक्सपर्ट सुकांत का कहना है कि मौजूदा समय में जनवरी समेस्टर की तैयारी हो रही है और तमाम कॉलेजों की सीटें फुल हो चुकी हैं। लिहाजा अगर ऐसे में स्टूडेंट्स पर कोई फैसला आता है तो काफी निराशाजनक होगा। बच्चे फीस अदा कर चुके हैं, स्टडी वीजा की प्रकिया चल रही है। इतना ही नहीं, कनाडा के मंत्री के बयान का असर अगले साल के मई इनटेक पर भी होने लगा है। विद्यार्थी काफी चिंतित है और हर तरफ से सूचना एकत्रित कर रहे हैं।