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ध्यान दें, PGI की नर्सें 15 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगी
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sun, 13 Mar 2016 02:37 PM IST
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पीजीआई नर्सों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ पीजीआई की 2000 नर्सों ने 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। मामला 7वें वेतन आयोग का है। ऑल इंडिया नर्सेज फेडरेशन के बैनर तले चंडीगढ़ पीजीआई नर्स एसोसिएशन ने इस हड़ताल का ऐलान किया।
बताया जा रहा है कि नर्सें सातवें पे कमीशन में ग्रेड पे और अन्य अलाउंस नहीं दिए जाने के खिलाफ हैं। नर्सों की मांग है कि बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी लेने पर उन्हें पूरी तनख्वाह मिले और यात्रा भत्ता भी मिले।
गौरतलब है कि इससे पहले 29 जनवरी को भी नर्सों ने 24 घंटे की हड़ताल की थी, जिसका मरीजों पर काफी बुरा असर पड़ा। पहले से तय करीब 150 ऑपरेशन तो टाले ही जा चुके थे, दूरदराज से आए मरीजों को भी ओपीडी से वापस भेज दिया गया।
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पीजीआई प्रशासन ने बेशक नर्सों की हड़ताल को बेअसर करने के लिए पूरे इंतजाम किए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थित का असर साफ दिखाई दिया। बता दें कि हर रोज पीजीआई ओपीडी में 10 हजार से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में नर्सों की हड़ताल का हर्जाना मरीजों को ही भुगतना पड़ेगा।
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बताया जा रहा है कि नर्सें सातवें पे कमीशन में ग्रेड पे और अन्य अलाउंस नहीं दिए जाने के खिलाफ हैं। नर्सों की मांग है कि बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी लेने पर उन्हें पूरी तनख्वाह मिले और यात्रा भत्ता भी मिले।
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गौरतलब है कि इससे पहले 29 जनवरी को भी नर्सों ने 24 घंटे की हड़ताल की थी, जिसका मरीजों पर काफी बुरा असर पड़ा। पहले से तय करीब 150 ऑपरेशन तो टाले ही जा चुके थे, दूरदराज से आए मरीजों को भी ओपीडी से वापस भेज दिया गया।
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पीजीआई प्रशासन ने बेशक नर्सों की हड़ताल को बेअसर करने के लिए पूरे इंतजाम किए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थित का असर साफ दिखाई दिया। बता दें कि हर रोज पीजीआई ओपीडी में 10 हजार से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में नर्सों की हड़ताल का हर्जाना मरीजों को ही भुगतना पड़ेगा।