{"_id":"5e9f5d6b8ebc3e903d3bec2b","slug":"pgi-employee-union-opens-front-demands-action-against-five-officers-including-director-chandigarh-news-pkl3730394128","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः इंप्लाई यूनियन ने खोला मोर्चा, मौत के मुंह में झोंक रहा है पीजीआई, दर्ज हो एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः इंप्लाई यूनियन ने खोला मोर्चा, मौत के मुंह में झोंक रहा है पीजीआई, दर्ज हो एफआईआर
Wed, 22 Apr 2020 01:01 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2020 01:01 PM IST
विज्ञापन
पीजीआई चंडीगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई इंप्लाई यूनियन नॉन फैकल्टी ने मंगलवार को पीजीआई डायरेक्टर समेत पांच उच्चाधिकारियों पर कोरोना वायरस से बचाव में कई जा रही लापरवाही को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यूनियन ने 18 मार्च से मौजूदा हकीकत बताते हुए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ चंडीगढ़ की एसएसपी को मेल कर शिकायत दर्ज कराई है। मेल में साफ-साफ कहा गया है कि पीजीआई डायरेक्टर समेत सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
यूनियन के अध्यक्ष अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि पीजीआई की अनदेखी का खामियाजा वहां काम करने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। पीजीआई प्रशासन जानबूझकर कर्मचारियों को मौत के मुंह मे झोंक रहा है। एक के बाद एक कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं जबकि यहां की शुरुआती स्थिति को भांपते हुए यूनियन ने 18 मार्च से लगातार पीजीआई डायरेक्टर व अन्य अधिकारियों को उन गंभीर बिंदुओं से अवगत कराकर सुधार का अनुरोध कर रहा है।
मुंजाल ने कहा कि इस संबंध में डायरेक्टर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, डीन, एक्टिंग मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और सेफ्टी एंड प्रिकॉशन विंग के चेयरमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। क्योंकि इन सभी अधिकारियों ने वास्तविक कमियों की जानकारी हिने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसका नतीजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। मुंजाल ने बताया कि बुधवार सुबह एसएसपी ऑफिस जाकर एक कॉपी दी जाएगी।
विज्ञापन
इन पर यूनियन को है आपत्ति
1- बार-बार आगाह करने के बावजूद क्यों की जा रही कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी
2- अन्य कर्मचारियों का अवकाश रद्द किया गया जबकि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को अवकाश दिया गया
3- कोरोना वायरस से बचाव संबंधी आवश्यक सामग्री समय रहते क्यों नहीं खरीदी गई
4- अनट्रेंड स्टाफ को ड्यूटी पर क्यों लगाया गया
5- समय रहते कोरोना से जुड़े अलग-अलग वार्ड क्यों नहीं बनाए गए
6- ट्रायल रूम अलग क्यों नहीं बनाया गया
7- बिना पीपीई किट के स्टाफ को ड्यूटी पर क्यों भेजा गया
8- कोरोना को लेकर 4 अलग-अलग गाइडलाइन क्यों बनाई
इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है और न ही इस संबंध में मैं कोई बयान दे सकता हूं।
-डॉ. अशोक कुमार, प्रवक्ता, पीजीआई
विज्ञापन
यूनियन के अध्यक्ष अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि पीजीआई की अनदेखी का खामियाजा वहां काम करने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। पीजीआई प्रशासन जानबूझकर कर्मचारियों को मौत के मुंह मे झोंक रहा है। एक के बाद एक कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं जबकि यहां की शुरुआती स्थिति को भांपते हुए यूनियन ने 18 मार्च से लगातार पीजीआई डायरेक्टर व अन्य अधिकारियों को उन गंभीर बिंदुओं से अवगत कराकर सुधार का अनुरोध कर रहा है।
विज्ञापन
मुंजाल ने कहा कि इस संबंध में डायरेक्टर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, डीन, एक्टिंग मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और सेफ्टी एंड प्रिकॉशन विंग के चेयरमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। क्योंकि इन सभी अधिकारियों ने वास्तविक कमियों की जानकारी हिने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसका नतीजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। मुंजाल ने बताया कि बुधवार सुबह एसएसपी ऑफिस जाकर एक कॉपी दी जाएगी।
विज्ञापन
इन पर यूनियन को है आपत्ति
1- बार-बार आगाह करने के बावजूद क्यों की जा रही कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी
2- अन्य कर्मचारियों का अवकाश रद्द किया गया जबकि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को अवकाश दिया गया
3- कोरोना वायरस से बचाव संबंधी आवश्यक सामग्री समय रहते क्यों नहीं खरीदी गई
4- अनट्रेंड स्टाफ को ड्यूटी पर क्यों लगाया गया
5- समय रहते कोरोना से जुड़े अलग-अलग वार्ड क्यों नहीं बनाए गए
6- ट्रायल रूम अलग क्यों नहीं बनाया गया
7- बिना पीपीई किट के स्टाफ को ड्यूटी पर क्यों भेजा गया
8- कोरोना को लेकर 4 अलग-अलग गाइडलाइन क्यों बनाई
इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है और न ही इस संबंध में मैं कोई बयान दे सकता हूं।
-डॉ. अशोक कुमार, प्रवक्ता, पीजीआई