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पीजीआई चंडीगढ़ ने देश की प्रमुख कंपनी पर लगाया तकनीक चोरी करने का आरोप, कार्रवाई की मांग

Thu, 02 Apr 2020 02:25 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 02 Apr 2020 02:25 PM IST
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PGI Chandigarh accused the country's leading company for stealing technology
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
चंडीगढ़ पीजीआई रेजिडेंट्स डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर देश की एक प्रमुख कंपनी पर अपनी तकनीक चुराने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. उत्तम ठाकुर ने पत्र के माध्यम से पीएमओ को बताया है कि वेंटिलेटर के विकल्प के रूप में एनेस्थीसिया एंड इंटेंसिव केयर के प्रोफेसर द्वारा तैयार किए डिवाइस की तकनीक को चोरी कर कंपनी ने खुद लांच कर अपना का नाम दे दिया है। जो एक अपराध है।
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कंपनी ने धोखे से डिवाइस बनाने वाले पीजीआई के प्रोफेसर से डिवाइस बनाने की पूरी तकनीक जान ली और 48 घंटे के अंदर उसे अपना नाम देकर लांच कर दिया। डॉ. उत्तम ठाकुर का कहना है कि डिवाइस बनाने वाले प्रोफेसर कंपनी की इस धोखाधड़ी से काफी तनाव में हैं। अगर कंपनी की इस कारस्तानी पर कानूनन कार्रवाई नहीं की गई तो युवाओं का मनोबल टूटेगा, इसलिये उस कंपनी के खिलाफ पीएमओ में शिकायत की गई है।
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फोन पर ले ली डिवाइस बनाने की पूरी जानकारी
पीजीआई एनेस्थीसिया एंड इंटेंसिव केयर के प्रोफेसर राजीव चौहान ने बताया कि उन्होंने बंगलूरू के दो इंजीनियरों के साथ मिलकर ऑटोमेटिक अंबु बैग डिवाइस बनाया है, जो एक तरह से वेंटिलेटर का विकल्प है। इसे बनाने में एक साल का समय लगा और उन्होंने डिवाइस को अक्टूबर 2019 में पेटेंट भी करा लिया है। इस डिवाइस को मार्केट में लाने के लिए उन्होंने यू ट्यूब पर इसकी जानकारी भी डाली थी। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया।
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कंपनी के एक अधिकारी ने कॉल कर डिवाइस को बनाने संबंधी पूरी जानकारी ले ली और उसे पीजीआई के नाम से मार्केट में उतारने की बात कही। प्रो. चौहान ने बताया कि 22 मार्च को बात हुई और अगले 48 घंटे में कंपनी ने उस डिवाइस को लांच कर दिया और उसकी डिटेल यू ट्यूब पर डाल दी। लेकिन उसमें पीजीआई या उसे बनाने वालों का नाम तक नहीं दिया। इसकी शिकायत कंपनी को की गई तो जवाब मिला ये उनकी अपनी तकनीक है।


डिवाइस वेंटिलेटर की तरह करेगा काम
प्रो. चौहान ने बताया कि इस डिवाइस को वेंटिलेटर की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि ये बेहद कम खर्च में उपलब्ध हो सकता है। कोरोना जैसी महामारी में इससे काफी मदद मिलेगी। कंपनी ने कोरोना की बात कहकर देश के के लिए कुछ करने का अवसर होने की दलील दी और डिवाइस की तकनीक चुरा ली। प्रो चौहान का कहना है कि अगर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो हम जैसे युवाओं का मनोबल टूटेगा।
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