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Chandigarh News: 1626 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी सीए की याचिका खारिज
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चंडीगढ़। 1626 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में गिरफ्तार आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरजीत कुमार बंसल की प्राइवेट वार्ड की मांग को लेकर दायर याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। बंसल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो माह पहले गिरफ्तार किया था। आरोपी ने अपनी बीमारी के उपचार के लिए अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में खुद को दाखिल करने की मांग को लेकर अदालत में अर्जी लगाई थी। इसमें उसने कहा था कि बीमारी के चलते उसे सेक्टर-32 अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे प्राइवेट वार्ड में एडमिट होने की सलाह दी। इसके बावजूद जेल प्रबंधन और अस्पताल की ओर से उसे प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट करने से इन्कार कर दिया गया। याचिका में कहा गया कि वह 75 साल का है और बीमारी के चलते जनरल वार्ड में भर्ती होने पर उसे संक्रमण का खतरा है।
वहीं, ईडी की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि अस्पताल अथॉरिटी ने केवल उसके उपचार के रिकॉर्ड में प्राइवेट वार्ड दिए जाने के बारे में मेंशन किया था। डॉक्टरों ने ऐसा कुछ नहीं लिखा था कि उसे इलाज के लिए प्राइवेट वार्ड जरूरी है। ऐसे में कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बंसल की याचिका खारिज कर दी। दर्ज मामले के तहत पहले 2021 में सीबीआई ने 1626.74 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। उक्त मामले में ईडी ने जांच करते हुए पैराबोलिक ड्रग्स नाम की फार्मास्यूटिकल कंपनी के प्रमोटर्स व अशोका यूनिवर्सिटी के फाउंडर प्रणव गुप्ता, विनीत गुप्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरजीत कुमार बंसल को गिरफ्तार किया था।
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वहीं, ईडी की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि अस्पताल अथॉरिटी ने केवल उसके उपचार के रिकॉर्ड में प्राइवेट वार्ड दिए जाने के बारे में मेंशन किया था। डॉक्टरों ने ऐसा कुछ नहीं लिखा था कि उसे इलाज के लिए प्राइवेट वार्ड जरूरी है। ऐसे में कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बंसल की याचिका खारिज कर दी। दर्ज मामले के तहत पहले 2021 में सीबीआई ने 1626.74 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। उक्त मामले में ईडी ने जांच करते हुए पैराबोलिक ड्रग्स नाम की फार्मास्यूटिकल कंपनी के प्रमोटर्स व अशोका यूनिवर्सिटी के फाउंडर प्रणव गुप्ता, विनीत गुप्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरजीत कुमार बंसल को गिरफ्तार किया था।
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