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पंजाब यूनिवर्सिटी में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, जज ने कहा...

Wed, 05 Dec 2018 12:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Dec 2018 12:39 PM IST
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Petition in Punjab Haryana High court against to Open Girls Hostal for 24 Hours in Punjab University
court
पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खोले जाने की मांग और इसको लेकर वीसी ऑफिस में 9 नवंबर को हुई मीटिंग के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पीयू के वीसी, रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू व कैंपस स्टूडेंट काउंसिल की चेयरमैन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी में इस वर्ष से पहले कभी गर्ल्स हॉस्टल को 24 घंटे खोलने का मुद्दा नहीं उठाया गया था। मार्च में स्टूडेंट आर्गनाईजेशन ऑफ इंडिया ने यह मुद्दा उठाया था, जिस पर पीयू ने गौर न करते हुए हॉस्टल के रूल जारी करते हुए समय में परिवर्तन नहीं किया।
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इसके बाद एडमिशन प्रक्रिया चली और ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठा। अब अचानक फिर से इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन होने लगे। इस विरोध प्रदर्शन से वीसी ने कमेटी गठित कर सुझाव मांगे। कमेटी ने सुझावों में रजिस्टर बनाते हुए निर्धारित समय के बाद आने की छूट देने की सिफारिश कर दी। इसके बाद वीसी ऑफिस में बैठक हुई जिसमें यह कहा गया कि लड़कियों को रजिस्टर पर लिखना होगा कि वह रात में अपनी जिम्मेदारी पर बाहर जा रही हैं और इस रजिस्टर के बारे में अभिभावकों को सूचित किया जाएगा। याची ने कहा कि एक तरफ तो पीयू दाखिले के समय हॉस्टल में सुरक्षा के लिए आश्वस्त करता है और दूसरी ओर लड़कियों को अपनी सुरक्षा अपनी जिम्मेदारी पर बाहर जाने की अनुमति दे रहा है।
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याची ने कहा कि लड़कों के हॉस्टल में भी यही नियम है, उन्होंने कभी विरोध नहीं किया। लड़कियों का विरोध राजनीतिक लाभ पाने का जरिया है। केवल 40 लड़कियां विरोध कर रही हैं, जबकि करीब 3600 लड़कि यां इसके खिलाफ हैं। याची ने कहा कि एक ओर कहा जा रहा है कि लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए यह छूट चाहिए और दूसरी ओर मांग की जा रही है कि 75 प्रतिशत अनिवार्य अटेंडेंस को घटाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए। यह सीधे तौर पर राजनीतिक हितों को साधने का जरिया है। किसी को मासूम लड़कियों की सुरक्षा की कीमत पर राजनीतिक हित साधने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
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