Chandigarh News: काशवी गौतम पर हुई धनवर्षा, WPL की सबसे महंगी खिलाड़ी बनीं, घर में जश्न का माहौल
काशवी तेज गेंदबाज हैं और बल्लेबाजी में भी बड़े शॉट लगाने में सक्षम हैं। बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद यूटी क्रिकेट एसोसिएशन से खेलते हुए वर्ष 2020 में महिलाओं की घरेलू अंडर-19 प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के लिए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वनडे मैच में हैट्रिक समेत दस विकेट लेकर उन्होंने धूम मचा दी थी।
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लड़की होकर क्रिकेट खेलती हो... यह तो लड़कों का खेल है। यह बात जब काशवी ने सुनी तो अपने बाल कटवा लिए। वह लड़कों की तरह दिखने लगी। लड़कों के साथ ही क्रिकेट खेलने लगी। यह था क्रिकेट के प्रति काशवी का जुनून। गेंद थामने के शुरुआती दौर में काशवी गौतम ने क्रिकेट खेलने के लिए कड़ा संघर्ष किया। इसी का नतीजा है कि शनिवार को वुमंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के दूसरे सीजन के लिए हुई खिलाड़ियों की नीलामी में चंडीगढ़ की बेटी काशवी गौतम को सबसे अधिक दो करोड़ की बोली लगाकर गुजरात जाएंट्स ने अपनी टीम के लिए चुना। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में जश्न का माहौल है। पिता सुदेश शर्मा और उनकी मां सीमा खुशी बांटने उनके कोच नागेश गुप्ता की क्रिकेट अकादमी पहुंचे और एक-दूसरे का बधाई देकर मुंह मीठा कराया। इसके बाद अकादमी की महिला क्रिकेटरों को भी मिठाई बांटी गई।
कोच नागेश गुप्ता ने कहा कि काशवी की मेहनत रंग लाई है। उसने सब रिकॉर्ड तोड़ते हुए शहर का नाम रोशन किया है। काशवी इस समय में मुंबई में अंडर-23 टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। वह यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की महिला सीनियर टीम की कप्तान हैं। डब्ल्यूपीएल में इतनी बड़ी राशि मिलने पर यूटीसीए की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों में भी जोश भर गया है। काशवी खालसा कॉलेज-26 में बीए फाइनल वर्ष की छात्रा हैं।
पिता सुदेश शर्मा ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ दोपहर से टीवी स्क्रीन पर नीलामी की प्रक्रिया देखने के लिए बैठ गए थे। काशवी पिछले वर्ष डब्ल्यूपीएल की नीलामी लिस्ट में थी लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। इस बार भी उम्मीद थी। जैसे ही काशवी के नाम पर एक के बाद एक टीमें बोली लगातीं गईं और अंत में दो करोड़ में जब गुजरात जाएंट्स ने उसे अपनी टीम में जोड़ लिया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता ने कहा कि बेटी को उम्मीद से कहीं अधिक मिला है। यह उसकी अथक परिश्रम का नतीजा है।
डब्ल्यूपीएल खेलने का सपना आज पूरा हो गया
काशवी ने मुंबई से फोन पर बताया कि डब्ल्यूपीएल में खेलना उसका सपना था, जो आज पूरा हो गया। लीग में देश और विदेश की बेहतरीन महिला खिलाड़ी खेलेंगी। उनके साथ खेलने के अनुभव से खेल और निखार आएगा। उन्होंने बताया कि वह पहले सेक्टर-32 में रहती थीं, लेकिन इस वर्ष कोच नागेश गुप्ता ने पीरमुच्छला में क्रिकेट अकादमी शुरू किया। इसके बाद उन्हें घर शिफ्ट करना पड़ा, वह अभ्यास के लिए ढकोली में रहने लगीं हैं। कहा कि कोच नागेश गुप्ता की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंचीं हैं।
10 विकेट लेकर मचा दी थी धूम
काशवी तेज गेंदबाज हैं और बल्लेबाजी में भी बड़े शॉट लगाने में सक्षम हैं। बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद यूटी क्रिकेट एसोसिएशन से खेलते हुए वर्ष 2020 में महिलाओं की घरेलू अंडर-19 प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के लिए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वनडे मैच में हैट्रिक समेत दस विकेट लेकर उन्होंने धूम मचा दी थी।
एक पारी में दस विकेट चटकाने वाली वह देश की पहली महिला गेंदबाज बनीं। इस प्रदर्शन के बाद वह बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की नजर में आईं। इस साल काशवी ने बीसीसीआई सीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी में चंडीगढ़ के लिए 12 विकेट लिए और कुल 112 रन बनाए। यह युवा खिलाड़ी बांग्लादेश में खेले गए एसीसी इमर्जिंग महिला एशिया कप के लिए भारतीय महिला टीम का भी हिस्सा थीं। गौतम को टूर्नामेंट में केवल दो मैच खेलने का मौका मिला जहां ज्यादातर मैच बारिश के कारण रद्द हो गए।