चंडीगढ़ बिजली संकट: सांसद खेर की चुप्पी पर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर जताया गुस्सा, अनुपम खेर भी हुए ट्रोल
बिजली न आने से चंडीगढ़ के लोग दो दिन तक परेशान रहे लेकिन सांसद किरण खेर नदारद रहीं। इससे लोगों में काफी रोष है और उन्होंने सोशल मीडिया पर खेर को जमकर कोसा। बिजली संकट को लेकर कई लोगों ने किरण खेर के पति अनुपम खेर को भी ट्रोल किया।
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चंडीगढ़ में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से शहर के कई इलाकों में 42 घंटे तक बिजली गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार रहा। वहीं शहर की सांसद किरण खेर ने जहां पूरे मामले पर चुप्पी साध ली, वहीं आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मदद की गुहार लगाई।
बिजली-पानी नहीं होने की वजह से मंगलवार के बाद बुधवार को भी आधे दिन तक लोग परेशान रहे। लोगों ने शहर की सांसद किरण खेर से भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया लेकिन दो दिन से मचे इस हाहाकार पर उन्होंने कुछ नहीं बोला। मंगलवार को हड़ताल शुरू होने के बाद उनके ट्विटर अकाउंट से सिर्फ एक ट्वीट किया गया, उसमें भी उन्होंने शहरवासियों के लिए कुछ नहीं लिखा बल्कि टीवी शो इंडिया गॉट टैलेंट का एक वीडियो पोस्ट किया।
सांसद के साथ अनुपम खेर को भी किया ट्रोल
शहर के लोग दो दिन तक परेशान रहे लेकिन सांसद किरण खेर नदारद रहीं। इससे लोगों में काफी रोष है और उन्होंने सोशल मीडिया पर खेर को जमकर कोसा। बिजली संकट को लेकर कई लोगों ने किरण खेर के पति अनुपम खेर को भी ट्रोल किया। कहा कि शहर में लोग पूरे दिन परेशान होते रहे, लेकिन सांसद की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया। कई लोगों ने लिखा कि सांसद किरण खेर टीवी शो इंडिया गॉट टैलेंट शो को करने में व्यस्त हैं। उन्हें शहरवासियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। खेर सिर्फ वोट लेने के लिए चंडीगढ़ आती हैं, जब लोगों को उनकी जरूरत होती है तो वो कहीं नजर नहीं आती।
विंदू दारा सिंह समेत कई हस्तियों ने किया था ट्वीट
दूसरी तरफ सांसद मनीष तिवारी के अलावा अभिनेता विंदू दारा सिंह व अन्य कई लोगों ने भी चंडीगढ़ में पैदा हुए बिजली संकट को लेकर ट्वीट किया। मनीष तिवारी ने ट्विटर पर गृहमंत्री अमित शाह को टैग करते हुए लिखा है कि चंडीगढ़ में अराजकता फैली हुई है। सभी आवश्यक सेवाएं ठप हैं। चंडीगढ़ प्रशासन स्थिति से निपटने में बुरी तरह विफल रहा है, इसलिए मंत्रालय को हस्तक्षेप करना चाहिए। विंदू दारा सिंह ने लिखा कि चंडीगढ़ में बिजली नहीं है। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने लोगों को भरोसा गंवा दिया है। आगे लिखा कि उम्मीद है कि इस हरकत की वजह से कहीं वे अपनी नौकरी न गंवा दें।
बिजली निजीकरण को लेकर मनीष तिवारी ने लोकसभा में भी पूछा था सवाल
मार्च 2021 में मनीष तिवारी ने लोकसभा में पूछा था कि जब चंडीगढ़ का बिजली विभाग लाभ में है तो इसे क्यों बेचा जा रहा है। इस पर ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह ने लिखित में जवाब दिया था कि निजी कंपनी शहरवासियों को बेहतर सुविधा देगी। यह फैसला आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से लिया गया है। सरकार ने चंडीगढ़ बिजली विभाग के तीन साल के राजस्व व पारेषण (ट्रांसमिशन) और वितरण लॉस के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि विभाग अधिशेष (सरप्लस) में है। तीन साल में लाभ करीब चार गुना हो गया है। साल 2018-19 में सभी तरह के खर्चों, कर्ज आदि को निकालने के बाद विभाग को 83.87 करोड़, 2019-20 में 254.73 करोड़ और 2020-21 में 365.11 करोड़ है।