चंडीगढ़ निगम चुनाव: बिना पूछे किसी पार्टी ने लगाया बैनर-झंडा तो करें शिकायत, गुप्त रहेगी पहचान
इससे पहले शिकायत दर्ज करवाने के लिए नाम-मोबाइल नंबर देना होता था। अब चुनाव आयोग ने ‘अज्ञात शिकायत’ का विकल्प दिया है। विभाग ने ‘निगम चुनाव
चंडीगढ़’ ऐप पर यह सुविधा शुरू की है।
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चंडीगढ़ में निगम चुनाव नजदीक आते ही शहर के कई हिस्से राजनीतिक पार्टियों के झंडे, पोस्टर व बैनरों से पट गए हैं। सरकारी व सार्वजनिक जगहों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं। ये आचार संहिता का उल्लंघन है, लेकिन चुनावी माहौल में कोई किसी से दुश्मनी नहीं लेना चाहता, इसलिए शिकायत नहीं करते। इसको देखते ही चुनाव आयोग ने अब एक नई सेवा शुरू की है, जिसके तहत बिना अपनी पहचान बताए लोग नियमों के उल्लंघन की शिकायत कर सकते हैं।
आयोग ने नगर निगम चुनाव को लेकर ‘निगम चुनाव चंडीगढ़’ नाम से एक मोबाइल एप बनाया है। इस एप पर निगम चुनाव से संबंधित सभी तरह की जानकारी हासिल की जा सकती है। एप पर ये भी देख सकते हैं कि किस वार्ड में कितने उम्मीदवार खड़े हैं। मतदाता ये भी देख सकते हैं कि उनका पोलिंग स्टेशन कहां है। एप के माध्यम से लोग नाम और मोबाइल नंबर डाल कर खुद को पंजीकृत करा सकते थे और फिर ओटीपी को डालने के बाद चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित शिकायत कर सकते थे।
अब इसमें ‘अनाम/अज्ञात’ का विकल्प भी जोड़ दिया गया है। इस पर क्लिक करने के बाद पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी और सीधे फोटो खींचने और वीडियो अपलोड करने का विकल्प आएगा। जहां भी नियमों की धज्जियां उड़ रही होंगी, उसकी फोटो या वीडियो को खींच कर शिकायत कर सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने के साथ ही एक रेफरेंस आईडी भी दी जाएगी ताकि शिकायत का स्टेटस देखा जा सके। शिकायत चुनाव आयोग के पास जाएगी, जहां से कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
बिना पूछे लगा रहे मकानों व दुकानों में बैनर-झंडा
उम्मीदवार सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर और होर्डिंग नहीं लगाने के चुनाव आयोग के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कॉलोनियों व गांवों में नियमों की अवहेलना ज्यादा हो रही है। चुनाव आयोग के पास कई शिकायतें पहुंची हैं, जिसके अनुसार राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता बिना अनुमति के बैनर-पोस्टर व झंडे दूसरों के भवन, दुकान व अन्य स्थानों पर लगा रहे हैं। आयोग की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर रही है और इन झंडों व बैनरों को हटाया भी जा रहा है। जिन पार्षद प्रत्याशियों के बैनर, पोस्टर खंभों पर लगाए जा रहे हैं, उनसे जब इस बारे में पूछा जाता है तो वे इन्हें खुद न लगाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उनका कहना होता है कि ये उनके किसी समर्थक ने लगा दिए होंगे।