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पेक में अभी नहीं होंगी स्थायी शिक्षकों की नियुक्तियां
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में स्थायी नियुक्तियां अभी नहीं हो पाएंगी। अक्तूबर तक यह प्रकरण खिंच सकता है। माना जा रहा है कि नए निदेशक के आने के बाद ही इसकी प्रक्रिया शुरू होगी, तब तक अतिथि संकाय से ही काम चलाया जाएगा। कुछ विभागों में अतिथि संकाय रखा जा रहा है तो कुछ में रख लिया गया है।
पेक ने पिछले साल अक्तूबर में 60 से अधिक स्थायी शिक्षकों को भर्ती करने की योजना बनाई थी। इसके लिए जनवरी में रिक्तियां जारी होने वाली थीं, लेकिन उसी समय पूर्व निदेशक प्रो. धीरज सांघी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सभी प्रक्रियां लगभग रुक गईं। उम्मीद थी कि मार्च में कुछ स्थायी शिक्षक रखे जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। सूत्रों का कहना है कि नए निदेशक की नियुक्ति होगी और वे अपने तरीके से सर्वे कराएंगे। हर विभाग में खाली सीटों का पता लगाया जाएगा और उसी के मुताबिक रिक्तियां निकाली जाएंगी। जानकारों का कहना है कि पेक को 110 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ शिक्षक नहीं रखे जा सकेंगे। पहले चरण में लगभग 50 शिक्षक रखे जा सकते हैं। हालांकि इसकी अनुमति यूटी प्रशासन को देनी होगी। साथ ही नियम भी इसके लिए बनाने होंगे। नियमों में चंडीगढ़ के लोगों को ढील भी देनी होगी। साथ ही पेक से पढ़ने वाले युवाओं को भी लाभ देना होगा।
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पेक ने पिछले साल अक्तूबर में 60 से अधिक स्थायी शिक्षकों को भर्ती करने की योजना बनाई थी। इसके लिए जनवरी में रिक्तियां जारी होने वाली थीं, लेकिन उसी समय पूर्व निदेशक प्रो. धीरज सांघी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सभी प्रक्रियां लगभग रुक गईं। उम्मीद थी कि मार्च में कुछ स्थायी शिक्षक रखे जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। सूत्रों का कहना है कि नए निदेशक की नियुक्ति होगी और वे अपने तरीके से सर्वे कराएंगे। हर विभाग में खाली सीटों का पता लगाया जाएगा और उसी के मुताबिक रिक्तियां निकाली जाएंगी। जानकारों का कहना है कि पेक को 110 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ शिक्षक नहीं रखे जा सकेंगे। पहले चरण में लगभग 50 शिक्षक रखे जा सकते हैं। हालांकि इसकी अनुमति यूटी प्रशासन को देनी होगी। साथ ही नियम भी इसके लिए बनाने होंगे। नियमों में चंडीगढ़ के लोगों को ढील भी देनी होगी। साथ ही पेक से पढ़ने वाले युवाओं को भी लाभ देना होगा।
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