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गैर संचारी रोगों के मरीजों को कोरोना का खतरा ज्यादा, नॉन कम्युनिकेबस डिसीज फेडरेशन ने जनरल में की इसकी पुष्टि

Thu, 27 Aug 2020 10:04 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 10:04 PM IST
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Patients non-communicable diseases risk of corona Federation confirmed General
चंडीगढ़। कोरोना के मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या गैर संचारी रोगों से ग्रस्त पीड़ितों की है। विश्वभर में कोरोना के कारण हुई मौतों में लगभग 80 प्रतिशत संख्या गैर संचारी रोगों के मरीजों की है। वर्ल्ड नॉन कम्युनिकेबल डिसीज फेडरेशन के अनुसार जिन लोगों को नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (गैर संचारी रोग) जैसे डायबिटीज, कार्डियक डिसीज, क्रॉनिक लंग डिसीज, कैंसर, क्रॉनिक किडनी डिसीज हैं, उन्हें कोविड-19 का ज्यादा खतरा है। वर्ल्ड नॉन कम्युनिकेबल डिसीज फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रो. जेएस ठाकुर नेे बताया कि विश्व में अब तक कोविड-19 से जितने भी लोगों की मौत हुई है, उनमें 80 प्रतिशत लोग इन बीमारियों से पीड़ित थे।
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उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल जनरल ऑफ नॉन कम्युनिकेबल डिसीजेज जो कि वर्ल्ड एनसीडी फेडरेशन का ऑफिशियल पब्लिकेशन है, उसका इस विषय के लिए एक विशेष संस्करण निकाला गया है। इसके 12 संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। पहला आर्टिकल काविड-19 और नॉन कम्युनिकेबल डिसीजेज है। इसमें इसके प्रभाव और इसके भविष्य की बात की गई है। पहला आर्टिकल पीजीआई के प्रो. जेएस ठाकुर की ओर से ही लिखा गया है, जिसमें कम्युनिकेबल और नॉन कम्युनिकेबल प्रोग्राम के तहत कैसे तालमेल बिठाया जा सकता है, कैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जा सकती हैं, के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
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उन्होंने बताया कि दूसरा आर्टिकल केरल के अनुभवों पर आधारित है। इसे वहां के प्रो. केआर थनकप्पन ने लिखा है। इसमें केरल में किस तरह से इस बीमारी पर काबू पाया गया, कैसे हॉट स्पॉट बनाए गए, कैंसे कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गई है, कैसे सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना आवश्यक किया, इससे जुड़ी जानकारी दी गई है। डब्ल्यूएचओ की डॉ. शांति मेंडिस ने हृदय रोगियों के लिए कोरोना से बचाव संबंधित जानकारी दी है। फेफड़े से संबंधित मरीजों के लिए पीजीआई के पल्मोनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी रहे प्रो. एसके जिंदल ने विस्तार से बताया है। मानसिक रोगों और कोविड-19 को लेकर यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो कनाडा के प्रो. अरुण रविंद्रन ने बताया है कि कोविड-19 के कारण लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
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