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गैंगस्टर का कत्ल: पैरी हत्याकांड का सिद्धू मूसेवाला से कनेक्शन... क्रेटा पर रिटायर्ड फौजी की कार का था नंबर
Sat, 06 Dec 2025 12:10 PM IST
शाहरुख खान
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 06 Dec 2025 12:10 PM IST
सार
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या की जांच में चंडीगढ़ पुलिस को अहम सुराग मिला है। पुलिस की टीम सुरागों का पीछा करते हुए पंजाब के मानसा जिले के मशहूर गांव मूसा (सिद्धू मूसेवाला का गांव) तक पहुंच गई है।
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chandigarh murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या की जांच अब पंजाब के मानसा जिले के गांव मूसा तक पहुंच गई है। यह गांव दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला का है। चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान बड़ा सुराग मिला है। वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार का नंबर मूसा गांव के एक रिटायर्ड फौजी के नाम पर दर्ज था। पूछताछ में फौजी ने कहा कि असली क्रेटा उसके पास ही है। चोरी नहीं हुई।
नंबर प्लेट की बारीकी से जांच में पता चला कि शूटर्स चोरी की क्रेटा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आए थे। कार को वैध दिखाने के लिए उसी नंबर का चेसिस नंबर भी गुदवाया था। क्रेटा राजस्थान के कोटा से चोरी हुई थी। पुलिस अब उस गैंग की तलाश में है जिसने चोरी की गाड़ी को फर्जी पहचान के साथ शूटरों तक पहुंचाया।
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नंबर प्लेट की बारीकी से जांच में पता चला कि शूटर्स चोरी की क्रेटा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आए थे। कार को वैध दिखाने के लिए उसी नंबर का चेसिस नंबर भी गुदवाया था। क्रेटा राजस्थान के कोटा से चोरी हुई थी। पुलिस अब उस गैंग की तलाश में है जिसने चोरी की गाड़ी को फर्जी पहचान के साथ शूटरों तक पहुंचाया।
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छह एजेंसियां लगीं, तालमेल कमजोर
यह केस चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला पुलिस के अलावा हरियाणा एसटीएफ, पंजाब एजीटीएफ, राजस्थान पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल के हाथ में है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक आपसी तालमेल की कमी जांच को धीमा कर रही है। बताया गया कि पंजाब पुलिस खरड़ की सीसीटीवी फुटेज अपने साथ ले गई और चंडीगढ़ पुलिस को समय पर उपलब्ध नहीं कराई, जिससे जांच प्रभावित हुई।
यह केस चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला पुलिस के अलावा हरियाणा एसटीएफ, पंजाब एजीटीएफ, राजस्थान पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल के हाथ में है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक आपसी तालमेल की कमी जांच को धीमा कर रही है। बताया गया कि पंजाब पुलिस खरड़ की सीसीटीवी फुटेज अपने साथ ले गई और चंडीगढ़ पुलिस को समय पर उपलब्ध नहीं कराई, जिससे जांच प्रभावित हुई।
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गर्दन पर टैटू से हुई पहचान
वारदात के बाद पुलिस की नजर सबसे पहले लॉरेंस गैंग से जुड़े पीयूष पिपलानी और अंकुश राणा पर गई, लेकिन सीसीटीवी में चेहरा साफ न होने से पुष्टि नहीं हो सकी। इसी बीच एक फुटेज में शूटर की गर्दन पर बना टैटू दिखा, जिसके आधार पर पीयूष की पहचान पक्की हुई।
वारदात के बाद पुलिस की नजर सबसे पहले लॉरेंस गैंग से जुड़े पीयूष पिपलानी और अंकुश राणा पर गई, लेकिन सीसीटीवी में चेहरा साफ न होने से पुष्टि नहीं हो सकी। इसी बीच एक फुटेज में शूटर की गर्दन पर बना टैटू दिखा, जिसके आधार पर पीयूष की पहचान पक्की हुई।
2:29 बजे पहुंचे खरड़, होटल के बाहर घूमते दिखे आरोपी
घटना से पहले आरोपी खरड़ के शिवजोत होटल के पास दिखे। पुलिस क्रेटा के रूट को बलौंगी पुल, वेरका बूथ, मैक्स अस्पताल के बाहर से होते हुए ट्रैक कर रही थी।
घटना से पहले आरोपी खरड़ के शिवजोत होटल के पास दिखे। पुलिस क्रेटा के रूट को बलौंगी पुल, वेरका बूथ, मैक्स अस्पताल के बाहर से होते हुए ट्रैक कर रही थी।
कैमरों में दिखा कि दोपहर 2:29 बजे आरोपी कार पार्क कर पैदल होटल के आसपास घूमते और बर्गर खरीदते दिखाई दिए।
करीब दो घंटे बाद क्रेटा मोहाली मैक्स अस्पताल के पास दिखी। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन दो घंटों में शूटर कहां-कहां गए।
करीब दो घंटे बाद क्रेटा मोहाली मैक्स अस्पताल के पास दिखी। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन दो घंटों में शूटर कहां-कहां गए।
पैरी के मोबाइल से मिले धमकी भरे डिजिटल सुराग
चंडीगढ़ पुलिस ने पैरी के तीनों मोबाइल फोन से अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। सूत्रों के मुताबिक पैरी को स्नैपचैट पर लगातार धमकियां मिल रही थीं। शक होने पर उसने कई बातचीतें और कॉल्स रिकॉर्ड भी की थीं। आरोपियों द्वारा डिलीट किए गए वॉयस नोट भी पुलिस ने रिकवर कर लिए हैं। सभी डिजिटल सबूत सीएफएसएल भेजे गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि स्नैपचैट अकाउंट अमेरिका और सिंगापुर से ऑपरेट हो रहे थे।
चंडीगढ़ पुलिस ने पैरी के तीनों मोबाइल फोन से अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। सूत्रों के मुताबिक पैरी को स्नैपचैट पर लगातार धमकियां मिल रही थीं। शक होने पर उसने कई बातचीतें और कॉल्स रिकॉर्ड भी की थीं। आरोपियों द्वारा डिलीट किए गए वॉयस नोट भी पुलिस ने रिकवर कर लिए हैं। सभी डिजिटल सबूत सीएफएसएल भेजे गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि स्नैपचैट अकाउंट अमेरिका और सिंगापुर से ऑपरेट हो रहे थे।
अमर अजाला ने किया था आरोपियों के रूट का खुलासा अमर उजाला ने वीरवार को प्रकाशित एक हफ्ता पहले पंजाब में बनी थी पैरी की हत्या की योजना, बर्गर करेगा अपराधियों को बेनकाब प्रकाशित की थी। जिसमें लिखा था कि आरोपी वारदात से पहले खरड़ में मौजूद थे।
वहीं बुधवार को प्रकाशित खबर में आरोपियों के चंडीगढ़ में घुसने से लेकर पंचकूला एमडीसी सिंह द्वार तक भागने के सभी रूट के बारे में बताया था। साथ ही सीसीटीवी प्रकाशित की थी। साथ ही यह भी बताया था कि पिंजौर में हुई सोनू नोल्टा मर्डर केस में शामिल पीयूष पिपलानी इस वारदात में हो सकता है।
लॉरेंस-पैरी की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल, पुलिस जांच में जुटी
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। पैरी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच लगभग तीन मिनट की फोन रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। माना जा रहा है कि यह बातचीत पैरी की शादी के बाद और हत्या से कुछ समय पहले हुई थी। रिकॉर्डिंग में लॉरेंस पैरी को सख्त चेतावनी देता और आगे "काम शुरू होने" की बात कहता सुनाई दे रहा है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत उर्फ पैरी की हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। पैरी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच लगभग तीन मिनट की फोन रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। माना जा रहा है कि यह बातचीत पैरी की शादी के बाद और हत्या से कुछ समय पहले हुई थी। रिकॉर्डिंग में लॉरेंस पैरी को सख्त चेतावनी देता और आगे "काम शुरू होने" की बात कहता सुनाई दे रहा है।
चंडीगढ़ पुलिस ने ऑडियो की जांच शुरू कर दी है और इसे साइबर सेल को तकनीकी व लोकेशन विश्लेषण के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल कब और कहां से की गई थी। फिलहाल लॉरेंस गुजरात की जेल में बंद है। अमर उजाला इस वायरल रिकॉर्डिंग की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।