{"_id":"682aa0ecfaf295e0bf020e6f","slug":"pakistani-spy-police-system-busts-net-of-pakistani-spies-8-arrested-in-12-days-2025-05-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Pakistani Spy: 12 दिन और आठ गिरफ्तार, पाक जासूसों के जाल को तोड़ता पुलिसिया तंत्र; सामने आ रही गद्दारों की चेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pakistani Spy: 12 दिन और आठ गिरफ्तार, पाक जासूसों के जाल को तोड़ता पुलिसिया तंत्र; सामने आ रही गद्दारों की चेन
Mon, 19 May 2025 08:43 AM IST
शाहरुख खान
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 May 2025 08:43 AM IST
सार
पुलिसिया तंत्र ने पाकिस्तानी जासूसों के जाल को तोड़ दिया है। 12 दिन में आठ संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्रीय इनपुट पर हॉट-स्पॉट हरियाणा और पंजाब पुलिस सक्रिय है।
विज्ञापन
जासूस देवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश में छिपकर रहने वाले गद्दारों की एक चेन सी सामने आ रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के मिलने वाले इनपुट पर हरियाणा और पंजाब की खुफिया एजेंसियां, पुलिस, साइबर पुलिस सक्रिय हुई तो नतीजा निकला कि 12 दिनों में दोनों राज्यों से आठ जासूसों की गिरफ्तारी भी हो गई है।
ये जासूस पाकिस्तान सैन्य अधिकारियों तक आईएसआई के इशारे पर भारत के सैन्य क्षेत्र, पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल सहित अन्य ठिकानों की तस्वीरें व जानकारी पहुंचा रहे थे। यह पुलिसिया तंत्र अपनी हर गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के साथ उनसे निर्देश भी ले रहा है।
राष्ट्र को खतरा ही नहीं बल्कि देश में आईएसआई की गहरी पैठ दर्शाता
सूत्रों के मुताबिक जासूसों की करतूत सिर्फ सूचनाएं लीक करने तक सीमित नहीं मिली है, जबकि आईएसआई और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ गहरे ताल्लुक भी मिले हैं।
विज्ञापन
इन भारतीय युवाओं को पाकिस्तान ट्रैवलिंग, पैसे की लेनदेन, पाक खुफिया विभाग के सदस्यों से लगातार संपर्क, उनसे फोन पर बातचीत और चैट के अतिरिक्त मामूली इनकम होने के बावजूद जासूसों का लग्जरी लाइफ-स्टाइल राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा ही नहीं बल्कि आईएसआई की भारत में गहरी पैठ उजागर करती है।
विज्ञापन
ये जासूस पाकिस्तान सैन्य अधिकारियों तक आईएसआई के इशारे पर भारत के सैन्य क्षेत्र, पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल सहित अन्य ठिकानों की तस्वीरें व जानकारी पहुंचा रहे थे। यह पुलिसिया तंत्र अपनी हर गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने के साथ उनसे निर्देश भी ले रहा है।
विज्ञापन
राष्ट्र को खतरा ही नहीं बल्कि देश में आईएसआई की गहरी पैठ दर्शाता
सूत्रों के मुताबिक जासूसों की करतूत सिर्फ सूचनाएं लीक करने तक सीमित नहीं मिली है, जबकि आईएसआई और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ गहरे ताल्लुक भी मिले हैं।
विज्ञापन
इन भारतीय युवाओं को पाकिस्तान ट्रैवलिंग, पैसे की लेनदेन, पाक खुफिया विभाग के सदस्यों से लगातार संपर्क, उनसे फोन पर बातचीत और चैट के अतिरिक्त मामूली इनकम होने के बावजूद जासूसों का लग्जरी लाइफ-स्टाइल राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा ही नहीं बल्कि आईएसआई की भारत में गहरी पैठ उजागर करती है।
एक ही उम्र वर्ग और एक-दूसरे से जुड़े हैं सभी जासूस
अभी तक हत्थे चढ़ने वाले सभी जासूसों की उम्र 30 से 35 से बीच है। इसके अतिरिक्त सभी जासूस एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात अस्तान-अ-रहीम उर्फ दानिश है। इसी दानिश को जासूसी के आरोप में 13 मई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने देश छोड़ने के आदेश जारी किया था।
अभी तक हत्थे चढ़ने वाले सभी जासूसों की उम्र 30 से 35 से बीच है। इसके अतिरिक्त सभी जासूस एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात अस्तान-अ-रहीम उर्फ दानिश है। इसी दानिश को जासूसी के आरोप में 13 मई को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने देश छोड़ने के आदेश जारी किया था।
पाक की यात्रा करने की मंशा से हाई कमीशन जाने वाले युवाओं को दानिश ने जासूसी के दलदल पर धकेला और आईएसआई के इशारे पर युवाओं से सैन्य ठिकानों सहित अन्य स्थानों की तस्वीरें व जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने लगा था।
इस तरह जासूसों के मिलते गए लिंक और जुड़ते गए तार
6 व 7 मई की रात भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था। 8 मई को सबसे पहले पंजाब के मलेरकोटला पुलिस ने इनपुट के आधार पर दो जासूस गजाला और यमीन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था, जो दिल्ली पाकिस्तान हाई कमिशन में काम करने वाले दानिश के संपर्क में थे। यहीं से जासूसों की गिरफ्तारी तेज हुई। इसके बाद बठिंडा सैन्य क्षेत्र से उत्तराखंड के रुड़की निवासी रकीब को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 13 मई को हरियाणा के पानीपत से नोमान इलाही व इसके बाद हिसार से ज्योति मल्होत्रा, नूंह से अरमान, कैथल देवेंद्र और जालंधर मुर्तजा से जासूसों की गिरफ्तारी हुई।
6 व 7 मई की रात भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था। 8 मई को सबसे पहले पंजाब के मलेरकोटला पुलिस ने इनपुट के आधार पर दो जासूस गजाला और यमीन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था, जो दिल्ली पाकिस्तान हाई कमिशन में काम करने वाले दानिश के संपर्क में थे। यहीं से जासूसों की गिरफ्तारी तेज हुई। इसके बाद बठिंडा सैन्य क्षेत्र से उत्तराखंड के रुड़की निवासी रकीब को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 13 मई को हरियाणा के पानीपत से नोमान इलाही व इसके बाद हिसार से ज्योति मल्होत्रा, नूंह से अरमान, कैथल देवेंद्र और जालंधर मुर्तजा से जासूसों की गिरफ्तारी हुई।
हर जासूस की अलग जिम्मेदारी
पाकिस्तान उच्चायोग का अफसर दानिश के इशारे पर दोनों प्रदेश के जासूसों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पानीपत से पकड़े गए नोमान इलाही भारतीय सेना की गतिविधियों और ट्रेनों के आवागमन से संबंधित संवेदनशील जानकारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था। मलेरकोटला की गजाला उर्फ गजाला खातून भारतीय सेना के ट्रकों की आवाजाही, सेना के ठिकाने, और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तान तक भेजती थी। इसका साथी यामीन मोहम्मद भी शामिल था।
पाकिस्तान उच्चायोग का अफसर दानिश के इशारे पर दोनों प्रदेश के जासूसों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पानीपत से पकड़े गए नोमान इलाही भारतीय सेना की गतिविधियों और ट्रेनों के आवागमन से संबंधित संवेदनशील जानकारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था। मलेरकोटला की गजाला उर्फ गजाला खातून भारतीय सेना के ट्रकों की आवाजाही, सेना के ठिकाने, और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तान तक भेजती थी। इसका साथी यामीन मोहम्मद भी शामिल था।
नूंह का अरमान ने पाकिस्तानी एजेंटों के निर्देश पर भारतीय सिम कार्डों की उपलब्ध करवाता था। वह अपने संपर्कों के साथ सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करता था। कैथल के देवेंद्र सिंह पर पाकिस्तान यात्रा के दौरान हनीट्रैप के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में आकर गोपनीय जानकारियां भेजने और आईएसआई के पांच एजेंटों के साथ मिलकर जासूसी गतिविधियां करने का आरोप है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, ऑनलाइन चैनल की श्रेणी
एप के जरिए भारतीय न्यूज चैनलों की जानकारी, देश के अंदर के हालात, विरोध या सोशल मीडिया पर चलने वाली जानकारी भेजने वाले मुर्तजा को गिरफ्तार किया गया है। बिहार निवासी मुर्तजा जालंधर में नौकरी करता था। इसी तरह हिसार की ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति पाकिस्तान के पक्ष में सोशल मीडिया पर सकारात्मक छवि दिखाने वाले कंटेंट दिखाती थी। वह दो बार पाकिस्तान भी जा चुकीं और वहां सिक्योरिटी व इंटेलिजेंस के अधिकारियों से मिलकर भारत आने के बाद वाट्सअप व स्नैचपचैट से जासूसी करने लगी थी।
एप के जरिए भारतीय न्यूज चैनलों की जानकारी, देश के अंदर के हालात, विरोध या सोशल मीडिया पर चलने वाली जानकारी भेजने वाले मुर्तजा को गिरफ्तार किया गया है। बिहार निवासी मुर्तजा जालंधर में नौकरी करता था। इसी तरह हिसार की ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति पाकिस्तान के पक्ष में सोशल मीडिया पर सकारात्मक छवि दिखाने वाले कंटेंट दिखाती थी। वह दो बार पाकिस्तान भी जा चुकीं और वहां सिक्योरिटी व इंटेलिजेंस के अधिकारियों से मिलकर भारत आने के बाद वाट्सअप व स्नैचपचैट से जासूसी करने लगी थी।
ज्योति सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की सकारात्मक छवि दिखाती थी। वह पाकिस्तान भी जा चुकी थी और वहां सिक्योरिटी व इंटेलिजेंस के अधिकारियों से मिलकर भारत आने के बाद वाट्सअप व स्नैचपचैट से जासूसी करने लगी थी।