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ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसीः 'मीडिया बैन पर यूटर्न पर सोचे SGPC'
ब्यूरो/अमर उजाला, लंबी (मुक्तसर)
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:41 AM IST
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मुक्तसर में संगत दर्शन कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए सीएम बादल
- फोटो : अमर उजाला
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ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मीडिया कवरेज पर लगाए बैन को वापिस लेने पर सीएम बादल ने एसजीपीपसी की निंदा की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्होंने एसजीपीसी के मुख्य सचिव से फोन पर बात कर इन आदेशों पर पुनर्विचार करने की बात कही है। मुख्यमंत्री बादल ने रविवार को लंबी हलके के गांव तरमाला में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि ऐसे आदेश लोकतांत्रिक देशों की भावना के बिलकुल विपरीत हैं, क्योंकि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है।
उन्होंने प्रदेश के लोगों को घल्लूघारा दिवस के मौके पर अमन-शांति कायम रखने की अपील की है। सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश के समूचे हालातों पर नजर रखे हुए है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को सरकार वचनबद्ध है। आतंकवाद के दौर में पंजाब पहले ही काफी कुछ गंवा चुका है। इसलिए समय की जरूरत है कि मिलकर अमन-शांति कायम रखते हुए भाईचारक सांझ को मजबूत बनाएं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को गांव भुल्लरवाला, हाकूवाला, भीटीवाला, ढ़ाणी तेलियांवाली, कंदूखेड़ा, तरमाला में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं। उन्होंने कहा कि पीएमईटी परीक्षा के लिए पड़ोसी राज्यों में बनाए केंद्रों के बारे में फैसले पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज को दोबारा विचार करने के लिए कहा गया है। यह परीक्षा केंद्र पंजाब में ही होने चाहिए।
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सरकार जांच कर रही, कांग्रेस का धरना ड्रामा
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नौकरियों में लेन-देन के आरोपों के तहत कांग्रेस के 18 जून को गांव बादल के प्रस्तावित धरने को सियासी ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद इस मामले की जांच करवा रही है तो कांग्रेसियों का धरना देने का कोई मतलब ही नहीं है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले नौकरियों में लेन-देन के आरोपों में मलोट क्षेत्र के एक जत्थेदार और वरिष्ठ अकाली नेता का नाम भी चर्चाओं में आया था। इसके रोषस्वरूप कांग्रेस ने 18 जून को गांव बादल में धरने का एलान किया हुआ है।
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उन्होंने प्रदेश के लोगों को घल्लूघारा दिवस के मौके पर अमन-शांति कायम रखने की अपील की है। सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश के समूचे हालातों पर नजर रखे हुए है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को सरकार वचनबद्ध है। आतंकवाद के दौर में पंजाब पहले ही काफी कुछ गंवा चुका है। इसलिए समय की जरूरत है कि मिलकर अमन-शांति कायम रखते हुए भाईचारक सांझ को मजबूत बनाएं।
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मुख्यमंत्री ने रविवार को गांव भुल्लरवाला, हाकूवाला, भीटीवाला, ढ़ाणी तेलियांवाली, कंदूखेड़ा, तरमाला में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं। उन्होंने कहा कि पीएमईटी परीक्षा के लिए पड़ोसी राज्यों में बनाए केंद्रों के बारे में फैसले पर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज को दोबारा विचार करने के लिए कहा गया है। यह परीक्षा केंद्र पंजाब में ही होने चाहिए।
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सरकार जांच कर रही, कांग्रेस का धरना ड्रामा
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नौकरियों में लेन-देन के आरोपों के तहत कांग्रेस के 18 जून को गांव बादल के प्रस्तावित धरने को सियासी ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद इस मामले की जांच करवा रही है तो कांग्रेसियों का धरना देने का कोई मतलब ही नहीं है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले नौकरियों में लेन-देन के आरोपों में मलोट क्षेत्र के एक जत्थेदार और वरिष्ठ अकाली नेता का नाम भी चर्चाओं में आया था। इसके रोषस्वरूप कांग्रेस ने 18 जून को गांव बादल में धरने का एलान किया हुआ है।