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पंजाब में किसानों की अनदेखी: आठ लाख पात्र अन्नदाताओं में सिर्फ 24 फीसदी को ही मिला कर्जमाफी योजना का लाभ
Wed, 27 Jul 2022 12:24 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 27 Jul 2022 12:24 PM IST
सार
पूर्ण कृषि ऋण माफी एक मुख्य चुनावी वादा था। इसी के सहारे कांग्रेस 2017 में सत्ता में आई थी। 2014 के बाद नौ राज्यों ने लागू की गई 10 कृषि ऋण माफी योजनाओं पर केंद्रित एसबीआई के आर्थिक अनुसंधान विभाग के शोध में यह खुलासा हुआ है।
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किसानों की फाइल फोटो।
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विस्तार
पंजाब में पांच सालों में ऋण माफी योजना में किसानों की अनदेखी की गई। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में 2018 से 2022 तक आठ लाख पात्र किसानों में से 24 फीसदी को ही योजना का लाभ मिल पाया। यह खुलासा एसबीआई के आर्थिक अनुसंधान विभाग के एक शोध में हुआ है। 2017 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।
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चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने यह घोषणा की थी कि पंजाब में किसानों के लिए पूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाएगी। इस वादे के साथ ही कांग्रेस सत्ता में आई थी लेकिन सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यह योजना धरातल पर नहीं दिखाई दी। हाल ही में एसबीआई के एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि पंजाब में कांग्रेस सरकार की कृषि ऋण माफी योजना से 2018 और मार्च 2022 के बीच राज्य के आठ लाख पात्र किसानों में से केवल 24 प्रतिशत को ही लाभ मिला है।
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पूर्ण कृषि ऋण माफी एक मुख्य चुनावी वादा था। इसी के सहारे कांग्रेस 2017 में सत्ता में आई थी। 2014 के बाद नौ राज्यों ने लागू की गई 10 कृषि ऋण माफी योजनाओं पर केंद्रित एसबीआई के आर्थिक अनुसंधान विभाग के शोध में यह खुलासा हुआ है। 2014 के बाद से कृषि ऋण माफी में वृद्धि हुई है। नौ राज्यों ने अब तक कुल 252 लाख करोड़ रुपये की ऋण माफी की घोषणा की है।
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किसानों के लिए जो भी योजना बनाई जाती हैं वह सिर्फ कागजों में बनती हैं। थोड़ा बहुत लाभ उन्हीं को मिलता है जो सरकार के नजदीक होते हैं। भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने हमेशा से ही सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध किया है और आगे भी जारी रहेगा। - सुखदेव सिंह कोकरीकलां, भाकियू (उगराहां)
अभी तक की सरकारों ने सिर्फ किसानी को खत्म करने का काम किया है जबकि भाजपा का हमेशा से यह फंडा रहा है कि खेती किसानी को बचाना है। भाजपा हमेशा से ही गरीब और छोटे किसानों को लाभ पहुंचाना चाहती है लेकिन राजनीतिक स्वार्थ और निजी लाभों के कारण कुछ लोग ऐसा होने नहीं दे रहे हैं। - जीवन गुप्ता, प्रदेश महासचिव, पंजाब भाजपा।