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चंडीगढ़ में 72 दिन बाद कोरोना से एक मौत
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चंडीगढ़। शहर में 72 दिन बाद शनिवार को कोरोना से एक मरीज की मौत हो गई। बापूधाम निवासी 35 साल की महिला ने जीएमएसएच-16 में रात 8.15 बजे दम तोड़ दिया। वहीं, शहर में 17 नए संक्रमित मिले हैं।
महिला को बीते 7 दिसंबर को निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी कोविड की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। स्वास्थ विभाग के अनुसार महिला ने कोरोना टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई थी। मौजूदा समय में शहर में 957564 लोगों को टीके की पहली और 688539 लोगों को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है।
इससे पहले 5 अक्तूबर को कोरोना से मौत दर्ज की गई थी। सेक्टर-40 निवासी 38 साल की महिला की पीजीआई में मौत हुई थी। वह मधुमेह व उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थी। वहीं इससे पहले 22 सितंबर को कोविड से मौत का मामला सामने आया था। अब 72 दिन बाद हुई मौत से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि तमाम प्रयास के बावजूद टीके की दूसरी खुराक लगवाने वालों की संख्या में संतोषजनक इजाफा नहीं हो रहा है।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि कोरोना टीके की दोनों खुराक लेनी बेहद जरूरी है, क्योंकि शोध से भी यह बात साबित हो चुका है कि टीका लगवाने वालों में संक्रमण की गंभीरता कम मिली है। तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए अपील की जा रही है कि शहर की शत-प्रतिशत लक्षित आबादी जल्द से जल्द दोनों खुराक लगवा ले।
बापूधाम में कुछ दिन पहले हुआ था बवाल
बापूधाम में कोरोना को लेकर लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले यहां एक युवती में संक्रमण की पुष्टि होने पर उसके परिजन उसे अस्पताल भेजने को तैयार नहीं थे। इसे लेकर क्वारंटीन टीम और संक्रमित युवती के परिजनों के बीच बहस भी हुई थी। मामला बढ़ने पर पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी। ऐसी स्थिति में बापूधाम में कोरोना से महिला की मौत ने लोगों को सचेत रहने का संदेश दिया है। क्योंकि कोरोना की पहली लहर के दौरान शहर में तीव्र संक्रमण की शुरुआत बापूधाम के संक्रमित एक युवक से ही हुई थी। इसके बाद बापूधाम कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बन गया था।
संक्रमण दर में भी इजाफा
शनिवार को पिछले 24 घंटे के दौरान मिले संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17 पर पहुंच गया। इससे संक्रमण दर 1.19 प्रतिशत पर पहुंच गई है। चार माह पहले शहर में कोरोना की संक्रमण दर शून्य थी। अब प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। इलके साथ मास्क न पहनने वालों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
दूसरी लहर के दौरान बीते 25 जून को शहर में 19 संक्रमित मरीज मिले थे। वहीं, दूसरी ओर सक्रिय मरीजों की संख्या 85 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट की संख्या बढ़ाते हुए पिछले 24 घंटे में 1424 लोगों की जांच का नमूना लिया है, जिनमें से 17 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 10 दिन की अवधि पूरी हो जाने पर 6 मरीजों को छुट्टी दे दी गई। शहर में अब तक 1076 संक्त्रस्मित मरीजों की मौत हो चुकी है।
स्कूलों तक पहुंच गया कोरोना
बीते दिनों में स्कूलों में भी कोरोना ने दस्तक दे दी थी। सेक्टर-26 के दो निजी स्कूलों में दो छात्रों के अलावा मौलीजागरां के एक स्कूल में शिक्षिका भी संक्रमित मिली थी। उसके बाद आनन-फानन में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर इनके संपर्क में आने वाले स्टाफ व विद्यार्थियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था। गनीमत रही कि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है, लेकिन इससे अभिभावकों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।
निगम चुनाव में जुट रही भीड़ चिंता का विषय
दूसरी ओर, नगर निगम चुनाव में राजनीतिक पार्टियां लोगों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए स्टार प्रचारकों को बुला रही हैं। इन स्टार प्रचारकों को सुनने के लिए अच्छी खासी भीड़ भी जुटाई जा रही है। ऐसे में संक्रमण का खतरा और तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने कोरोना मानकों को ध्यान में रखते हुए मानक जारी कर दिए हैं।
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महिला को बीते 7 दिसंबर को निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी कोविड की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। स्वास्थ विभाग के अनुसार महिला ने कोरोना टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई थी। मौजूदा समय में शहर में 957564 लोगों को टीके की पहली और 688539 लोगों को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है।
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इससे पहले 5 अक्तूबर को कोरोना से मौत दर्ज की गई थी। सेक्टर-40 निवासी 38 साल की महिला की पीजीआई में मौत हुई थी। वह मधुमेह व उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थी। वहीं इससे पहले 22 सितंबर को कोविड से मौत का मामला सामने आया था। अब 72 दिन बाद हुई मौत से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि तमाम प्रयास के बावजूद टीके की दूसरी खुराक लगवाने वालों की संख्या में संतोषजनक इजाफा नहीं हो रहा है।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि कोरोना टीके की दोनों खुराक लेनी बेहद जरूरी है, क्योंकि शोध से भी यह बात साबित हो चुका है कि टीका लगवाने वालों में संक्रमण की गंभीरता कम मिली है। तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए अपील की जा रही है कि शहर की शत-प्रतिशत लक्षित आबादी जल्द से जल्द दोनों खुराक लगवा ले।
बापूधाम में कुछ दिन पहले हुआ था बवाल
बापूधाम में कोरोना को लेकर लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले यहां एक युवती में संक्रमण की पुष्टि होने पर उसके परिजन उसे अस्पताल भेजने को तैयार नहीं थे। इसे लेकर क्वारंटीन टीम और संक्रमित युवती के परिजनों के बीच बहस भी हुई थी। मामला बढ़ने पर पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी। ऐसी स्थिति में बापूधाम में कोरोना से महिला की मौत ने लोगों को सचेत रहने का संदेश दिया है। क्योंकि कोरोना की पहली लहर के दौरान शहर में तीव्र संक्रमण की शुरुआत बापूधाम के संक्रमित एक युवक से ही हुई थी। इसके बाद बापूधाम कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बन गया था।
संक्रमण दर में भी इजाफा
शनिवार को पिछले 24 घंटे के दौरान मिले संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17 पर पहुंच गया। इससे संक्रमण दर 1.19 प्रतिशत पर पहुंच गई है। चार माह पहले शहर में कोरोना की संक्रमण दर शून्य थी। अब प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। इलके साथ मास्क न पहनने वालों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
दूसरी लहर के दौरान बीते 25 जून को शहर में 19 संक्रमित मरीज मिले थे। वहीं, दूसरी ओर सक्रिय मरीजों की संख्या 85 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने टेस्ट की संख्या बढ़ाते हुए पिछले 24 घंटे में 1424 लोगों की जांच का नमूना लिया है, जिनमें से 17 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 10 दिन की अवधि पूरी हो जाने पर 6 मरीजों को छुट्टी दे दी गई। शहर में अब तक 1076 संक्त्रस्मित मरीजों की मौत हो चुकी है।
स्कूलों तक पहुंच गया कोरोना
बीते दिनों में स्कूलों में भी कोरोना ने दस्तक दे दी थी। सेक्टर-26 के दो निजी स्कूलों में दो छात्रों के अलावा मौलीजागरां के एक स्कूल में शिक्षिका भी संक्रमित मिली थी। उसके बाद आनन-फानन में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर इनके संपर्क में आने वाले स्टाफ व विद्यार्थियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था। गनीमत रही कि अभी तक किसी अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है, लेकिन इससे अभिभावकों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।
निगम चुनाव में जुट रही भीड़ चिंता का विषय
दूसरी ओर, नगर निगम चुनाव में राजनीतिक पार्टियां लोगों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए स्टार प्रचारकों को बुला रही हैं। इन स्टार प्रचारकों को सुनने के लिए अच्छी खासी भीड़ भी जुटाई जा रही है। ऐसे में संक्रमण का खतरा और तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने कोरोना मानकों को ध्यान में रखते हुए मानक जारी कर दिए हैं।