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जींदः 93 साल के बुजुर्ग ने 52 लाख खर्च करके बनवाया स्वास्थ्य केंद्र, बोला- सपना पूरा हुआ
Wed, 27 May 2020 10:47 AM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 27 May 2020 10:47 AM IST
सार
- अस्पताल बनने के छह माह बाद मिली स्टाफ को मंजूरी
- लोगों को अपने गांव में ही मिल सकेगा इलाज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के गांव निडानी के 93 साल के बुजुर्ग धनपत शास्त्री का सपना पूरा होने जा रहा है। अपनी जमीन पर खुद के 52 लाख रुपये से जिस उपस्वास्थ्य केंद्र का उन्होंने निर्माण करवाया था, उसके लिए तीन स्टाफ की मंजूरी मिल गई है। अस्पताल का भवन 21 दिसंबर 2019 को बनकर तैयार हो गया था, लेकिन पद स्वीकृत नहीं हुए थे।
धनपत शास्त्री को अपने गांव में स्वास्थ्य केंद्र की कमी बहुत खलती थी। मरीजों को 15 किलोमीटर दूर नागरिक अस्पताल जींद जाना पड़ता था या 20 किमी दूर जुलाना। जनवरी 2018 में धनपत शास्त्री ने स्वास्थ्य विभाग के पास अपने गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की बात रखी। उन्होंने कहा कि वह अपनी जमीन पर खुद के पैसे से अस्पताल बनवाएंगे।
बेबसीः तीन दिन पानी पीकर चलाया काम, भूख से तड़प उठा मासूम तो साइकिल बेच मिटाई भूख
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अगस्त 2018 में उन्हें उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। इसके बाद धनपत ने जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर कर दी और अपनी मां प्रसन्नी देवी के नाम उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया। भवन का निर्माण पूरा होने पर स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा, लेकिन स्टाफ नहीं मिला।
इस मामले को अमर उजाला ने कई बार उठाया। सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि निडानी गांव में बनाए गए उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए पद स्वीकृत हो चुके हैं, जैसे ही मुख्यालय से स्टाफ मिल जाएगा नियुक्ति कर दी जाएगी।
सपना हुआ पूरा
मैंने अपनी मां प्रसन्नी देवी के नाम से उपस्वास्थ्य केंद्र अपनी जमीन में अपने खर्च से बनाया है। इसके बावजूद छह महीने तक पद स्वीकृत नहीं होने से निराश था। अब पद स्वीकृत हुए हैं तो मेरा सपना पूरा हुआ है। उपस्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी से लेकर, निर्माण व पद स्वीकृत कराने में जिला स्वास्थ्य विभाग का हमेशा सहयोग रहा।
- धनपत शास्त्री
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धनपत शास्त्री को अपने गांव में स्वास्थ्य केंद्र की कमी बहुत खलती थी। मरीजों को 15 किलोमीटर दूर नागरिक अस्पताल जींद जाना पड़ता था या 20 किमी दूर जुलाना। जनवरी 2018 में धनपत शास्त्री ने स्वास्थ्य विभाग के पास अपने गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की बात रखी। उन्होंने कहा कि वह अपनी जमीन पर खुद के पैसे से अस्पताल बनवाएंगे।
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अगस्त 2018 में उन्हें उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। इसके बाद धनपत ने जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर कर दी और अपनी मां प्रसन्नी देवी के नाम उपस्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया। भवन का निर्माण पूरा होने पर स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा, लेकिन स्टाफ नहीं मिला।
इस मामले को अमर उजाला ने कई बार उठाया। सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने बताया कि निडानी गांव में बनाए गए उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए पद स्वीकृत हो चुके हैं, जैसे ही मुख्यालय से स्टाफ मिल जाएगा नियुक्ति कर दी जाएगी।
सपना हुआ पूरा
मैंने अपनी मां प्रसन्नी देवी के नाम से उपस्वास्थ्य केंद्र अपनी जमीन में अपने खर्च से बनाया है। इसके बावजूद छह महीने तक पद स्वीकृत नहीं होने से निराश था। अब पद स्वीकृत हुए हैं तो मेरा सपना पूरा हुआ है। उपस्वास्थ्य केंद्र की मंजूरी से लेकर, निर्माण व पद स्वीकृत कराने में जिला स्वास्थ्य विभाग का हमेशा सहयोग रहा।
- धनपत शास्त्री