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बिजली महंगी करने के प्रस्ताव पर आपत्तियों की झड़ी, उठाए गए ये सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:00 AM IST
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बिजली
- फोटो : FILE PHOTO
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बिजली विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 में बिजली के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ाने और एफपीपीसीए (फ्यूल प्राइस एंड पावर परचेज कास्ट एडजेस्टमेंट) भी समय-समय पर बढ़ाए जाने को लेकर शहर की तमाम रेजिडेंट्स एसोसिएशन और कर्मचारी यूनियनों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
इस बीच मंगलवार को ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू वित्तीय वर्ष 2017-18, रिटेल टैरिफ प्रपोजल वित्तीय वर्ष 2018-19 से जुड़ी पीटिशन पर सुनवाई की। साथ ही इस दौरान जेईआरसी के चेयरमैन एमके गोयल और मेंबर नीरजा माथुर ने मामले से संबंधित आपत्तियां की भी सुनवाई की।
चंडीगढ़ बिजली विभाग की ओर से फरवरी और मार्च के बिजली बिल में एफपीपीसीए चार्ज बढ़ाने की बात कही गई है। इसे लेकर लोगों ने कमीशन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। विभाग के मुताबिक जेईआरसी की ओर से मंजूर एफपीपीसीए को तीसरी तिमाही के बिलों में शामिल किया जा रहा है। इस दौरान खरीदी गई अतिरिक्त और महंगी बिजली का भार एफपीपीसीए के तौर पर दो लाख 16 हजार बिजली उपभोक्ताओं के बिलों पर पड़ेगा।
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इसका सर्वाधिक असर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर एक फरवरी से 31 मार्च 2018 तक आने वाले बिलों में नजर आएगा। बिजली विभाग ने एक अप्रैल से बिजली के दाम में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है।
हर साल करीब 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत
शहर में बिजली के दो लाख 16 हजार 184 बिजली कनेक्शन हैं। इनमें कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और एग्रीकल्चर भी शामिल हैं। इन सभी को गर्मियों में रोजाना 54 लाख यूनिट बिजली सप्लाई होती है। जबकि सर्दियों में सभी कनेक्शन में रोज 34 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। इस तरह शहर में साल में 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है।
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इस बीच मंगलवार को ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू वित्तीय वर्ष 2017-18, रिटेल टैरिफ प्रपोजल वित्तीय वर्ष 2018-19 से जुड़ी पीटिशन पर सुनवाई की। साथ ही इस दौरान जेईआरसी के चेयरमैन एमके गोयल और मेंबर नीरजा माथुर ने मामले से संबंधित आपत्तियां की भी सुनवाई की।
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चंडीगढ़ बिजली विभाग की ओर से फरवरी और मार्च के बिजली बिल में एफपीपीसीए चार्ज बढ़ाने की बात कही गई है। इसे लेकर लोगों ने कमीशन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। विभाग के मुताबिक जेईआरसी की ओर से मंजूर एफपीपीसीए को तीसरी तिमाही के बिलों में शामिल किया जा रहा है। इस दौरान खरीदी गई अतिरिक्त और महंगी बिजली का भार एफपीपीसीए के तौर पर दो लाख 16 हजार बिजली उपभोक्ताओं के बिलों पर पड़ेगा।
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इसका सर्वाधिक असर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर एक फरवरी से 31 मार्च 2018 तक आने वाले बिलों में नजर आएगा। बिजली विभाग ने एक अप्रैल से बिजली के दाम में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है।
हर साल करीब 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत
शहर में बिजली के दो लाख 16 हजार 184 बिजली कनेक्शन हैं। इनमें कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और एग्रीकल्चर भी शामिल हैं। इन सभी को गर्मियों में रोजाना 54 लाख यूनिट बिजली सप्लाई होती है। जबकि सर्दियों में सभी कनेक्शन में रोज 34 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। इस तरह शहर में साल में 17500 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है।
2.55 रुपये के स्थान पर वसूले जाएंगे 2.75 रुपये प्रति यूनिट
ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन
- फोटो : अमर उजाला
2.55 रुपये के स्थान पर वसूले जाएंगे 2.75 रुपये प्रति यूनिट
शहर में इस समय करीब 1.75 लाख घरेलू कनेक्शन वाले बिजली उपभोक्ता हैं। वहीं विभाग 190 करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रहा है। इसकी भरपाई के लिए बिजली के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसमें डोमेस्टिक और कामर्शियल दोनों ही तरह के कनेक्शन के बिजली दरों में 20 प्रतिशत तक के इजाफे का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इससे पहले बिजली विभाग ने करीब 480 करोड़ रुपये के घाटे को पूरा करने के लिए दाम बढ़ाए थे। यदि इस प्रस्ताव को जेईआरसी से मंजूरी मिल गई तो वित्तीय वर्ष 2018-19 से शहर के करीब 2.16 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ना तय है।
विभाग के अनुसार बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं से अभी 150 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर 2.55 रुपये प्रति यूनिट वसूल किए जाते हैं। दाम 20 प्रतिशत बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं से 2.75 रुपये प्रति यूनिट वसूल किया जाएगा। इसी तरह 151-400 यूनिट तक बिजली एक रुपये प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी। 400 यूनिट से ऊपर बिजली इस्तेमाल करने पर अब एक रुपये प्रति यूनिट बिजली महंगी होगी।
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए
यूनिट वर्तमान दर एक अप्रैल 2018 से हो सकते हैं यह रेट
0-150 2.55 रुपये प्रति यूनिट 2.75 रुपये प्रति यूनिट
151-400 4.80 रुपये प्रति यूनिट 5.80 रुपये प्रति यूनिट
400 से ऊपर 5 रुपये प्रति यूनिट 6 रुपये प्रति यूनिट
व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए
यूनिट अभी के रेट एक अप्रैल 2018 से हो सकते हैं यह रेट
0-150 5 रुपये प्रति यूनिट 6.20 रुपये प्रति यूनिट
151-400 6.25 रुपये प्रति यूनिट 6.45 रुपये प्रति यूनिट
400 से ऊपर 5.45 रुपये प्रति यूनिट 6.75 रुपये प्रति यूनिट
शहर में इस समय करीब 1.75 लाख घरेलू कनेक्शन वाले बिजली उपभोक्ता हैं। वहीं विभाग 190 करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रहा है। इसकी भरपाई के लिए बिजली के दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसमें डोमेस्टिक और कामर्शियल दोनों ही तरह के कनेक्शन के बिजली दरों में 20 प्रतिशत तक के इजाफे का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इससे पहले बिजली विभाग ने करीब 480 करोड़ रुपये के घाटे को पूरा करने के लिए दाम बढ़ाए थे। यदि इस प्रस्ताव को जेईआरसी से मंजूरी मिल गई तो वित्तीय वर्ष 2018-19 से शहर के करीब 2.16 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ना तय है।
विभाग के अनुसार बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं से अभी 150 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर 2.55 रुपये प्रति यूनिट वसूल किए जाते हैं। दाम 20 प्रतिशत बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं से 2.75 रुपये प्रति यूनिट वसूल किया जाएगा। इसी तरह 151-400 यूनिट तक बिजली एक रुपये प्रति यूनिट महंगी हो जाएगी। 400 यूनिट से ऊपर बिजली इस्तेमाल करने पर अब एक रुपये प्रति यूनिट बिजली महंगी होगी।
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए
यूनिट वर्तमान दर एक अप्रैल 2018 से हो सकते हैं यह रेट
0-150 2.55 रुपये प्रति यूनिट 2.75 रुपये प्रति यूनिट
151-400 4.80 रुपये प्रति यूनिट 5.80 रुपये प्रति यूनिट
400 से ऊपर 5 रुपये प्रति यूनिट 6 रुपये प्रति यूनिट
व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए
यूनिट अभी के रेट एक अप्रैल 2018 से हो सकते हैं यह रेट
0-150 5 रुपये प्रति यूनिट 6.20 रुपये प्रति यूनिट
151-400 6.25 रुपये प्रति यूनिट 6.45 रुपये प्रति यूनिट
400 से ऊपर 5.45 रुपये प्रति यूनिट 6.75 रुपये प्रति यूनिट
कैटेगरी के आधार पर लगेगा एफपीपीसीए
electricity
- फोटो : demo pic
कैटेगरी के आधार पर लगेगा एफपीपीसीए
जेईआरसी (ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) की ओर से बिजली टैरिफ में तीसरी तिमाही में एफपीपीसीए 0 से 150, 151 से 400 यूनिट व 400 यूनिट से ऊपर की कैटेगरी में 87 पैसे, 172 पैसे प्रति यूनिट लगेगा। यदि बिजली विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर तक शहर के लिए अतिरिक्त तौर पर महंगी बिजली खरीदी है, तो एफपीपीसीए के तौर पर बिजली उपभोक्ता से रिकवरी होगी। बिजली बिल साल में चार बार जनरेट होता है।
फरवरी व मार्च के बिल में इतना जुडे़ेगा एफपीपीसीए चार्ज
डोमेस्टिक कंज्यूमर एफपीपीसीए
0 से 150 यूनिट - 87 पैसे प्रति यूनिट
151 से 400 यूनिट- एक रुपये 63 पैसे प्रति यूनिट
400 यूनिट से ऊपर- एक रुपये 72 पैसे प्रति यूनिट
कमर्शियल कंज्यूमर एफपीपीसीए
0 सेे 150 यूनिट- प्रति यूनिट एक रुपये 67 पैसे
151 से 400 यूनिट- प्रति यूनिट एक रुपयेे 79 पैसे
400 से ऊपर यूनिट- प्रति यूनिट 3 रुपये 89 पैसे
जेईआरसी (ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) की ओर से बिजली टैरिफ में तीसरी तिमाही में एफपीपीसीए 0 से 150, 151 से 400 यूनिट व 400 यूनिट से ऊपर की कैटेगरी में 87 पैसे, 172 पैसे प्रति यूनिट लगेगा। यदि बिजली विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर तक शहर के लिए अतिरिक्त तौर पर महंगी बिजली खरीदी है, तो एफपीपीसीए के तौर पर बिजली उपभोक्ता से रिकवरी होगी। बिजली बिल साल में चार बार जनरेट होता है।
फरवरी व मार्च के बिल में इतना जुडे़ेगा एफपीपीसीए चार्ज
डोमेस्टिक कंज्यूमर एफपीपीसीए
0 से 150 यूनिट - 87 पैसे प्रति यूनिट
151 से 400 यूनिट- एक रुपये 63 पैसे प्रति यूनिट
400 यूनिट से ऊपर- एक रुपये 72 पैसे प्रति यूनिट
कमर्शियल कंज्यूमर एफपीपीसीए
0 सेे 150 यूनिट- प्रति यूनिट एक रुपये 67 पैसे
151 से 400 यूनिट- प्रति यूनिट एक रुपयेे 79 पैसे
400 से ऊपर यूनिट- प्रति यूनिट 3 रुपये 89 पैसे
ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ बिजली विभाग तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद रहा है। जबकि इंडस्ट्रियल सेक्टर में 6.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली कस्टमर को बेची जा रही है। इंडस्ट्री सेक्टर के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। दूसरा जो एफपीपीसीएच चार्ज वसूला जा रहा है, वह टैरिफ का 12 प्रतिशत है। जबकि इतना एफपीपीसीए चार्ज नहीं हो सकता। जेईआरसी को पांच वर्षों के खर्च का ब्यूरो देना चाहिए। तीसरा, बिजली विभाग को डिपार्टमेंट को दो हिस्सो में बांटों, एक डिपार्टमेंट सिर्फ ट्रांसमिशन, दूसरा डिस्ट्रीब्यूशन का काम देखे, इससे विभाग की कार्यशैली का पता चलेगा। चौथा, जब एआरआर रिपोर्ट बनाई जाए तो पहले उसका ऑडिट कराया जाए।
- राकेश रत्तन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती।
जिस फार्मूले से एफपीपीसीए चार्ज लगाए जा रहे हैं, वह रिवाइज किया जाना चाहिए था। एफपीपीसीए के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की जा रही है। दूसरी ओर कुंडी कनेक्शन के कारण विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका खामियाजा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। ट्रांसमिशन को लेकर जो घाटा हो रहा है, उसकी विभागीय जांच करानी की जरूरत है।
--डॉ. जगपाल सिंह, आरडब्ल्यूए सेक्टर-35।
शहर में जो गैर कानूनी कनेक्शन हैं, उसे जल्द बंद कराया जाए। दूसरा एफपीपीसीए चार्ज जो बिजली के बिल पर लगाए जा रहे हैं, उसका पूरा लेखजोखा बिल में दिया जाना चाहिए। -- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉस्वेक।
- राकेश रत्तन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती।
जिस फार्मूले से एफपीपीसीए चार्ज लगाए जा रहे हैं, वह रिवाइज किया जाना चाहिए था। एफपीपीसीए के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की जा रही है। दूसरी ओर कुंडी कनेक्शन के कारण विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका खामियाजा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। ट्रांसमिशन को लेकर जो घाटा हो रहा है, उसकी विभागीय जांच करानी की जरूरत है।
--डॉ. जगपाल सिंह, आरडब्ल्यूए सेक्टर-35।
शहर में जो गैर कानूनी कनेक्शन हैं, उसे जल्द बंद कराया जाए। दूसरा एफपीपीसीए चार्ज जो बिजली के बिल पर लगाए जा रहे हैं, उसका पूरा लेखजोखा बिल में दिया जाना चाहिए। -- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉस्वेक।