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हड़ताली कर्मचारी जरूर पढ़ लें ये सरकारी फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Jan 2014 02:32 PM IST
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हरियाणा सरकार के लाखों कर्मचारी मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। सरकार ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘काम नहीं, वेतन नहीं’ की नीति लागू कर दी है। मुख्य सचिव एससी चौधरी ने मंगलवार को हड़ताल से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने बयान जारी कर कहा है कि बोर्डों, निगमों और सरकार के विभागों के जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उससे मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इसलिए सख्त कदम उठाते हुए ‘काम नहीं, वेतन नहीं’ की नीति लागू कर दी है। मुख्य सचिव ने माना कि हड़ताल के कारण सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज
पहला सख्त कदम बिजली निगमों ने उठाया है। रोहतक में अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है।
यह मामला जानबूझकर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए दर्ज हुआ है और प्रशासनिक कार्रवाई करने की भी धमकी दी गई है।
निगमों के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हड़ताल से बिजली सप्लाई जानबूझकर रोकी गई, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हुई। निगम के प्रबंध निदेशक ने चेतावनी दी है कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हड़ताल ऐतिहासिक : लांबा
कर्मचारी तालमेल समिति के सदस्य सुभाष लांबा ने दावा किया है कि विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और अन्य में लाखों कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं।
हड़ताल ऐतिहासिक है और सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बिजली निगमों के 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, तो बिजली सप्लाई में बाधा पड़ी है।
उन्होंने कहा कि रोडवेज के करीब 200 कर्मचारी गिरफ्तार किए गए हैं। लांबा ने कहा कि कर्मचारी सरकार की दमनकारी नीति से झुकने वाले नहीं है।
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मुख्य सचिव ने बयान जारी कर कहा है कि बोर्डों, निगमों और सरकार के विभागों के जो कर्मचारी हड़ताल पर हैं, उससे मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इसलिए सख्त कदम उठाते हुए ‘काम नहीं, वेतन नहीं’ की नीति लागू कर दी है। मुख्य सचिव ने माना कि हड़ताल के कारण सेवाएं प्रभावित होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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बिजली कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज
पहला सख्त कदम बिजली निगमों ने उठाया है। रोहतक में अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है।
यह मामला जानबूझकर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए दर्ज हुआ है और प्रशासनिक कार्रवाई करने की भी धमकी दी गई है।
निगमों के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हड़ताल से बिजली सप्लाई जानबूझकर रोकी गई, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हुई। निगम के प्रबंध निदेशक ने चेतावनी दी है कि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हड़ताल ऐतिहासिक : लांबा
कर्मचारी तालमेल समिति के सदस्य सुभाष लांबा ने दावा किया है कि विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और अन्य में लाखों कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं।
हड़ताल ऐतिहासिक है और सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। बिजली निगमों के 30 हजार कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, तो बिजली सप्लाई में बाधा पड़ी है।
उन्होंने कहा कि रोडवेज के करीब 200 कर्मचारी गिरफ्तार किए गए हैं। लांबा ने कहा कि कर्मचारी सरकार की दमनकारी नीति से झुकने वाले नहीं है।