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चालान के लिए अब नगर निगम करेगा पीओएस मशीन का उपयोग
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चंडीगढ़। अतिक्रमण हटाओ दस्ते को चालान काटने के लिए जल्द पीओएस मशीनें मिल जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस की तरह अब नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता भी चालान काट सकेगा। निगम को अब तक 35 मशीनें मिल चुकी हैं, जिन्हें अलग-अलग विभागों में दिया जाएगा।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर सेे पर्ची काटने के बाद लोगों को भुगतान में समस्या होती थी। वहीं, निगम के उप निरीक्षकों के पास कैमरे की भी समस्या थी। अब एक्सिस बैंक की ओर से निगम को पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
इन मशीनों में ईडब्ल्यूसी साफ्टवेयर अपलोड करने के बाद एक सिम डाला जाएगा, जिसकी फोर जी स्पीड होगी। किसी भी माध्यम से भुगतान की व्यवस्था होगी। मशीनों में कैमरा लगा होने से अतिक्रमण करने वालों का फोटो खींचना भी आसान होगा। ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर ही यह दस्ता चालान करेगा। निगम को बैंक से मुफ्त में 35 पीओएस मशीनें मिल गई हैं। अतिक्रमण हटाओ दस्ता मौके पर ही चालान की रसीद भी लोगों को दे सकेगा। साथ ही लोग किसी भी माध्यम भुगतान कर सकेंगे। निगम पहले चरण में अतिक्रमण हटाओ दस्ते को 10, एमओएच विभाग को 4, बागवानी विभाग को 2 और वेंडर सेल को 10 मशीनें देगा। आयुक्त का कहना है कि यह व्यवस्था सही रही तो आगे वेंडर सेल, पब्लिक हेल्थ में पानी के बिल, घर-घर से कचरा लेने के दौरान चालान और अन्य सुविधाओं के लिए भी मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इससे पहले अतिक्रमण हटाओ दस्ते को 10 टैबलेट देने की योजना बनाई थी। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च आ रहा था।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर सेे पर्ची काटने के बाद लोगों को भुगतान में समस्या होती थी। वहीं, निगम के उप निरीक्षकों के पास कैमरे की भी समस्या थी। अब एक्सिस बैंक की ओर से निगम को पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
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इन मशीनों में ईडब्ल्यूसी साफ्टवेयर अपलोड करने के बाद एक सिम डाला जाएगा, जिसकी फोर जी स्पीड होगी। किसी भी माध्यम से भुगतान की व्यवस्था होगी। मशीनों में कैमरा लगा होने से अतिक्रमण करने वालों का फोटो खींचना भी आसान होगा। ट्रैफिक पुलिस की तर्ज पर ही यह दस्ता चालान करेगा। निगम को बैंक से मुफ्त में 35 पीओएस मशीनें मिल गई हैं। अतिक्रमण हटाओ दस्ता मौके पर ही चालान की रसीद भी लोगों को दे सकेगा। साथ ही लोग किसी भी माध्यम भुगतान कर सकेंगे। निगम पहले चरण में अतिक्रमण हटाओ दस्ते को 10, एमओएच विभाग को 4, बागवानी विभाग को 2 और वेंडर सेल को 10 मशीनें देगा। आयुक्त का कहना है कि यह व्यवस्था सही रही तो आगे वेंडर सेल, पब्लिक हेल्थ में पानी के बिल, घर-घर से कचरा लेने के दौरान चालान और अन्य सुविधाओं के लिए भी मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इससे पहले अतिक्रमण हटाओ दस्ते को 10 टैबलेट देने की योजना बनाई थी। इसमें साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च आ रहा था।
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