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Chandigarh News: अब ब्लाॅक स्तर पर खुलेंगे मिनी बाल भवन
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बेसहारा बच्चों का सहारा बनेगी बाल कल्याण परिषद
चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने जिला स्तर के बाद अब ब्लाॅक स्तर पर भी मिनी बाल भवन खोलने का एक्शन प्लान तैयार किया है। नए साल पर परिषद ने बड़े जिलों के ब्लाॅक में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही बेसहारा बच्चों को सहारा देने के साथ भिक्षावृत्ति को रोकने पर भी परिषद पूरी तत्परता के साथ काम करेगी।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से नए साल में तैयार इस प्रारूप में मिनी बाल भवन के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास, स्लम एरिया में बच्चों को शिक्षा के साथ जोड़ना और नई शिक्षा नीति के तहत निशुल्क ब्लेंडेड लर्निंग की कोचिंग का विजन है। यही नहीं, स्लम एरिया में वर्चुअल क्लास के इनोवेटिव एजुकेशनल प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
परिषद की मानद महासचिव सुषमा गुप्ता ने परिषद के अधिकारियों के साथ आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर रायशुमारी की है। प्रमुख रूप से बाल श्रम को रोकने के लिए उन्होंने कड़ी हिदायत देते हुए बाल श्रम के स्थानों को चिहिन्त करने के निर्देश दिए। मानद महासचिव का कहना है कि बाल कल्याण परिषद बेसहारा बच्चों के पालन-पोषण का जिम्मा संभाल रही है। परिषद न केवल उनका सहारा बन रही है, बल्कि उन्हें शिक्षित करने के साथ आत्मनिर्भर भी बना रही है। पंचकूला में शिशु गृह में बच्चों का पालन-पोषण किया जा रहा है।
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चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने जिला स्तर के बाद अब ब्लाॅक स्तर पर भी मिनी बाल भवन खोलने का एक्शन प्लान तैयार किया है। नए साल पर परिषद ने बड़े जिलों के ब्लाॅक में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही बेसहारा बच्चों को सहारा देने के साथ भिक्षावृत्ति को रोकने पर भी परिषद पूरी तत्परता के साथ काम करेगी।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से नए साल में तैयार इस प्रारूप में मिनी बाल भवन के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास, स्लम एरिया में बच्चों को शिक्षा के साथ जोड़ना और नई शिक्षा नीति के तहत निशुल्क ब्लेंडेड लर्निंग की कोचिंग का विजन है। यही नहीं, स्लम एरिया में वर्चुअल क्लास के इनोवेटिव एजुकेशनल प्रोजेक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।
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परिषद की मानद महासचिव सुषमा गुप्ता ने परिषद के अधिकारियों के साथ आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर रायशुमारी की है। प्रमुख रूप से बाल श्रम को रोकने के लिए उन्होंने कड़ी हिदायत देते हुए बाल श्रम के स्थानों को चिहिन्त करने के निर्देश दिए। मानद महासचिव का कहना है कि बाल कल्याण परिषद बेसहारा बच्चों के पालन-पोषण का जिम्मा संभाल रही है। परिषद न केवल उनका सहारा बन रही है, बल्कि उन्हें शिक्षित करने के साथ आत्मनिर्भर भी बना रही है। पंचकूला में शिशु गृह में बच्चों का पालन-पोषण किया जा रहा है।
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