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हरियाणा में कोरोना : अब आठ हजार टीमें गांवों में घर-घर जाकर करेंगी संक्रमण की जांच
Sun, 09 May 2021 12:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 May 2021 12:13 AM IST
सार
- मुख्यमंत्री ने ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ रणनीति अपनाने के निर्देश दिए
- गांव में धर्मशाला, सरकारी स्कूल, आयुष केंद्र आइसोलेशन सेंटर में होंगे तब्दील
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए हरियाणा सरकार गांवों में ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ रणनीति को अपनाएगी। आठ हजार बहुविषयी (मल्टीडिप्लनेरी) टीमें गांवों में कोविड-19 जांच के लिए डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करेंगी।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को यहां स्वास्थ्य और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रत्येक घर को कवर किया जाए। डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करें। धर्मशालाओं, सरकारी स्कूलों और आयुष केंद्रों को आइसोलेशन केंद्रों में तब्दील किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कीमत पर गांवों को इस घातक संक्रमण से बचाना है। प्रत्येक अधिकारी हर गांव में विशेष सतर्कता बरतना सुनिश्चित करें। ग्रामीणों के लिए विशेष जागरूकता सह-परामर्श अभियान शुरू किया जाए।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, आशा वर्कर्स, प्रत्येक गांव के पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों को मिलकर लोगों को स्क्रीनिंग कैंप में जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। टेस्टिंग सुविधा एवं क्लिनिकल मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता गतिविधियां प्राथमिकता के आधार पर बनानी होंगी।
प्रदेशभर में ट्रेनी डॉक्टर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स सहित लगभग आठ हजार मल्टीडिसप्लनेरी टीमों का गठन किया जाए ताकि हर गांव में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच हो सके। हर परिवार की जांच उनके ऑक्सीजन और तापमान के स्तर की रिकॉर्डिंग के साथ करें।
यदि स्क्रीनिंग कैंप के दौरान यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति में बुखार, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण हैं, तो उस व्यक्ति को तुरंत होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दें। स्क्रीनिंग करते समय टीमें यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों में हल्के और मध्यम लक्षण हैं, उन्हें तुरंत कोविड-19 के लिए निर्धारित दवाइयां दी जाएं।
60 लाख परिवारों की टेस्टिंग का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में वायरस का प्रसार हो रहा है। विशेष कैंप के माध्यम से अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा के लगभग 60 लाख परिवारों के प्रत्येक सदस्य को ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ किया जा सके। लोगों को बीमारी के बारे में भी जागरूक करें। धर्मशालाओं एवं सरकारी स्कूलों को आइसोलेशन केंद्रों में परिवर्तित करने की संभावना का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। अगर कोविड केयर केंद्रों और अस्पताल में मरीज बढ़ते हैं तो धर्मशाला, सरकारी स्कूलों का उपयोग किया जा सकता है।