{"_id":"68b4b3883e8ccbe4e3093613","slug":"novel-the-girl-in-the-coffee-house-released-chandigarh-news-c-16-pkl1043-806353-2025-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: उपन्यास द गर्ल इन द कॉफी हाउस का हुआ विमोचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: उपन्यास द गर्ल इन द कॉफी हाउस का हुआ विमोचन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में रविवार को सृजनदीप कौर उभा की उपन्यास द गर्ल इन द कॉफी हाउस का विमोचन हुआ। समागम का आयोजन पंजाबी लेखक सभा चंडीगढ़ की ओर से और पंजाब कला परिषद के सहयोग से हुआ। यह उभा की चौथा उपन्यास है। इस मौके पर पंजाब कला परिषद के चेयरमैन स्वणजीत सवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। प्रसिद्ध लेखक सरबजीत सिंह धालीवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
स्वर्णजीत सवी ने कहा कि यह मानसा का साहित्यिक माहौल है जहां उभा परिवार की तीसरी पीढ़ी साहित्य के क्षेत्र में सरगर्म है। सरबजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि यह उपन्यास नई पीढ़ी को पढने के लिए इसलिए जरूरी है कि पीढि़यों के बीच खाई इसे पढ़कर दूर होगी। सृजनदीप ने कहा कि इस उपन्यास को समझने के लिए सरल और आसान शब्दों में लिखा है। ताकि इसे एक बार पढ़कर की सभी चीजें समझ में आ जाएं। पंजाबी लेखक सभा के महासचिव भूपिंदर मलिक ने कहा कि यह उपन्यास सभी को पढ़ना चाहिए। एक लड़की की कहानी है कि कैसे देहरादून से दिल्ली जाती है और नई शुरुआत करती है लेकिन उसका पास्ट पीछा नहीं छोड़ता है। इस उपन्यास में संस्पेंस है।
मानसिक स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण जैसे विभिन्न विषयों के बारे में और कविताओं के लेखन में रुचि रखती हुई सृजनदीप ने पहले तीन उपन्यास लिखे हैं। इस मौके पर परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पंजाबी लेखक सभा के प्रधान दीपक शर्मा चनारथल सृजनदीप कौर के उपन्यास की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस मौके पर प्रसिद्ध लेखक जंग बहादर गोयल, रणदीप सिंह आहलूवालिया, दविंदर बोहा, परमजीत मान और प्रीतम रुपाल शामिल रहे।
विज्ञापन
स्वर्णजीत सवी ने कहा कि यह मानसा का साहित्यिक माहौल है जहां उभा परिवार की तीसरी पीढ़ी साहित्य के क्षेत्र में सरगर्म है। सरबजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि यह उपन्यास नई पीढ़ी को पढने के लिए इसलिए जरूरी है कि पीढि़यों के बीच खाई इसे पढ़कर दूर होगी। सृजनदीप ने कहा कि इस उपन्यास को समझने के लिए सरल और आसान शब्दों में लिखा है। ताकि इसे एक बार पढ़कर की सभी चीजें समझ में आ जाएं। पंजाबी लेखक सभा के महासचिव भूपिंदर मलिक ने कहा कि यह उपन्यास सभी को पढ़ना चाहिए। एक लड़की की कहानी है कि कैसे देहरादून से दिल्ली जाती है और नई शुरुआत करती है लेकिन उसका पास्ट पीछा नहीं छोड़ता है। इस उपन्यास में संस्पेंस है।
विज्ञापन
मानसिक स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण जैसे विभिन्न विषयों के बारे में और कविताओं के लेखन में रुचि रखती हुई सृजनदीप ने पहले तीन उपन्यास लिखे हैं। इस मौके पर परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पंजाबी लेखक सभा के प्रधान दीपक शर्मा चनारथल सृजनदीप कौर के उपन्यास की प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस मौके पर प्रसिद्ध लेखक जंग बहादर गोयल, रणदीप सिंह आहलूवालिया, दविंदर बोहा, परमजीत मान और प्रीतम रुपाल शामिल रहे।