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Hindi News ›   Chandigarh ›   No outcome from the meeting with Karnal Administration says farmer leader Gurnam Singh Charuni

किसानों की चेतावनी का आखिरी दिन: करनाल में सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात, प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा

Mon, 06 Sep 2021 07:01 PM IST
ajay kumar एएनआई/अमर उजाला, चंडीगढ़
एएनआई/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 06 Sep 2021 07:01 PM IST
सार

28 अगस्त को हरियाणा के करनाल में लाठीचार्ज के खिलाफ मंगलवार को किसान लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। किसानों ने प्रशासन को छह सितंबर तक का वक्त दिया था। किसानों की मांग है कि करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा को बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया जाए। वहीं प्रशासन पूरे हालात को लेकर पहले से ही अलर्ट पर है।  

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No outcome from the meeting with Karnal Administration says farmer leader Gurnam Singh Charuni
किसान आंदोलन की फाइल फोटो।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर में किसानों की महापंचायत के बाद सभी की निगाहें हरियाणा के करनाल पर टिकीं हैं। सोमवार यानी आज किसानों की चेतावनी का आखिरी दिन है। मंगलवार को किसान करनाल में जुटेंगे। इससे पहले ही करनाल जिला प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी है। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।

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किसानों ने छह सितंबर तक का दिया था वक्त
हरियाणा के करनाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने पहुंचे किसानों पर 28 अगस्त को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके विरोध में किसानों ने प्रशासन को छह सितंबर तक का समय दिया था और करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा को बर्खास्त करने और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि विवाद बढ़ता देख सरकार ने आयुष सिन्हा का तबादला कर दिया था लेकिन किसान संगठनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। 
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सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात
करनाल में सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। इनमें बीएसएफ व सीएपीएफ समेत अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां शामिल हैं। वहीं पांच एसपी व 25 डीएसपी रैंक के अधिकारियों को तैनात किया गया। वाटर कैनन, दंगा नियंत्रण वाहन, ड्रोन व वीडियोग्राफर की भी तैनाती की गई है। यह जानकारी करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने दी। 

करनाल के डीएम निशांत कुमार यादव ने कहा कि हमने किसानों के साथ बातचीत की। उनकी मांग जायज नहीं थी। कानून का उल्लंघन करने वालों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा और हमारे अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हम उन्हें राजमार्ग अवरूद्ध और मिनी सचिवालय का घेराव नहीं करने देंगे।

प्रशासन के साथ किसानों की बातचीत बेनतीजा
28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज के खिलाफ किसान सात सितंबर को हरियाणा के करनाल में लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करनाल प्रशासन के साथ हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला है। हम अपनी पंचायत के साथ आगे बढ़ेंगे। 
 

मध्यरात्रि तक मोर्चाबंदी में जुटा रहा प्रशासन 

किसानों की महापंचायत से पहले की तमाम आशंकाओं से भरी सोमवार की रात जहां किसान नेताओं ने तैयारियों में गुजारी तो पुलिस भी मोर्चाबंदी में जुटी रही। यूं तो शाम से ही पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन ज्यों-ज्यों रात गहराई त्यों-त्यों पुलिस की तैयारियां भी रफ्तार पकड़ती रहीं हैं। 

मध्यरात्रि तक नई अनाज मंडी से सटे सेक्टर-3 स्थित औद्योगिक क्षेत्र को कंटीले तार और बांसों से सील कर दिया गया ताकि अनाज मंडी से किसी भी तरफ से किसान निकल न पाएं। रात्रि 12:30 बजे तक औद्योगिक क्षेत्र के सात गेट सील किए जा चुके थे। पुलिस को आशंका है कि किसान माहौल बिगड़ने पर अनाज मंडी से औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों, श्रमिकों का अमला सीलिंग की कार्रवाई में जुटा रहा।

मध्य रात्रि एक बजे के करीब पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया अपनी फोर्स के साथ जीटी रोड स्थित गुरु ब्रह्मानंद चौक पर इंतजामों का जायजा लेते दिखाई दिए। शहर से जिन रास्तों से जीटी पर चढ़ा जा सकता है, उन सभी बिंदुओं पर बड़ी संख्या में बैरिकेड रख दिए गए थे, ताकि सुबह मोर्चा संभाला जा सके। 

किसानों की महापंचायत के बाद अगला लक्ष्य लघु सचिवालय पहुंचने का है। इस कारण यहां जीटी रोड के निर्मल कुटिया चौक से लघु सचिवालय गेट तक बैरिकेड के ढेर लगा दिए गए थे। पांच ट्रॉले भी खड़े दिखाई दिए। इनका प्रयोग पहले की तरह रास्ता रोकने के लिए किया जा सकता है। उधर, किसान नेता भी विभिन्न जगहों से किसानों को करनाल बुलाने में जुटे रहे।

प्रजातांत्रिक देश में सभी को आंदोलन का अधिकार: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रजातांत्रिक देश है और प्रजातांत्रिक देश में किसी को भी आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। हमने पूरी व्यवस्था कर ली है और आम आदमी के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। उन्होंने बताया कि कुछ रास्तों का रूट डायवर्ट किया गया है। 

आंदोलन की आड़ में आम आदमी की स्वतंत्रता को किसी भी तरह का खतरा नहीं होने देंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स करनाल के अंदर लगाई है। विज ने कहा कि एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप विर्क की हमने ड्यूटी लगाई है कि कल वह घेराव के दौरान वहीं मौजूद रहेंगे। अनिल विज ने कहा कि कोई भी प्रदर्शन करता है तो करे लेकिन कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखे। शांति बनाए रखने का जिम्मा किसान नेताओं का भी है।

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