किसानों की चेतावनी का आखिरी दिन: करनाल में सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात, प्रशासन के साथ बैठक बेनतीजा
28 अगस्त को हरियाणा के करनाल में लाठीचार्ज के खिलाफ मंगलवार को किसान लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। किसानों ने प्रशासन को छह सितंबर तक का वक्त दिया था। किसानों की मांग है कि करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा को बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया जाए। वहीं प्रशासन पूरे हालात को लेकर पहले से ही अलर्ट पर है।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर में किसानों की महापंचायत के बाद सभी की निगाहें हरियाणा के करनाल पर टिकीं हैं। सोमवार यानी आज किसानों की चेतावनी का आखिरी दिन है। मंगलवार को किसान करनाल में जुटेंगे। इससे पहले ही करनाल जिला प्रशासन ने धारा-144 लागू कर दी है। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।
Haryana | Total 40 companies of forces deployed. Out of which 10 companies of para-military forces of CAPF deployed including BSF. Five SP & 25 DSP rank officers were deployed. Water cannon, riot control vehicle, drones & videographers deployed: Karnal SP Ganga Ram Punia pic.twitter.com/BunRhQyqY8
— ANI (@ANI) September 6, 2021विज्ञापन
किसानों ने छह सितंबर तक का दिया था वक्त
हरियाणा के करनाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने पहुंचे किसानों पर 28 अगस्त को पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके विरोध में किसानों ने प्रशासन को छह सितंबर तक का समय दिया था और करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा को बर्खास्त करने और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि विवाद बढ़ता देख सरकार ने आयुष सिन्हा का तबादला कर दिया था लेकिन किसान संगठनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
Haryana | We held talks with farmers. Their demand was not justified. No compensation will be given to law violators & no action will be taken against our officials. We'll not let them block the highway & gherao mini secretariat (tomorrow): Nishant Kumar Yadav, DM, Karnal pic.twitter.com/v79gxxpBOP
— ANI (@ANI) September 6, 2021
सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात
करनाल में सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। इनमें बीएसएफ व सीएपीएफ समेत अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां शामिल हैं। वहीं पांच एसपी व 25 डीएसपी रैंक के अधिकारियों को तैनात किया गया। वाटर कैनन, दंगा नियंत्रण वाहन, ड्रोन व वीडियोग्राफर की भी तैनाती की गई है। यह जानकारी करनाल के एसपी गंगा राम पुनिया ने दी।
करनाल के डीएम निशांत कुमार यादव ने कहा कि हमने किसानों के साथ बातचीत की। उनकी मांग जायज नहीं थी। कानून का उल्लंघन करने वालों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा और हमारे अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हम उन्हें राजमार्ग अवरूद्ध और मिनी सचिवालय का घेराव नहीं करने देंगे।
प्रशासन के साथ किसानों की बातचीत बेनतीजा
28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज के खिलाफ किसान सात सितंबर को हरियाणा के करनाल में लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करनाल प्रशासन के साथ हुई बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला है। हम अपनी पंचायत के साथ आगे बढ़ेंगे।
No outcome from the meeting with Karnal admin. We will go ahead with our panchayat: Haryana Bharatiya Kisan Union chief Gurnam Singh Charuni on Karnal Mahapanchayat (Sept 7) & gherao of mini secretariat
— ANI (@ANI) September 6, 2021
Mahapanchayat is being held against police lathicharge on farmers on Aug 28 pic.twitter.com/8HYj3EAKEm
मध्यरात्रि तक मोर्चाबंदी में जुटा रहा प्रशासन
किसानों की महापंचायत से पहले की तमाम आशंकाओं से भरी सोमवार की रात जहां किसान नेताओं ने तैयारियों में गुजारी तो पुलिस भी मोर्चाबंदी में जुटी रही। यूं तो शाम से ही पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन ज्यों-ज्यों रात गहराई त्यों-त्यों पुलिस की तैयारियां भी रफ्तार पकड़ती रहीं हैं।
मध्यरात्रि तक नई अनाज मंडी से सटे सेक्टर-3 स्थित औद्योगिक क्षेत्र को कंटीले तार और बांसों से सील कर दिया गया ताकि अनाज मंडी से किसी भी तरफ से किसान निकल न पाएं। रात्रि 12:30 बजे तक औद्योगिक क्षेत्र के सात गेट सील किए जा चुके थे। पुलिस को आशंका है कि किसान माहौल बिगड़ने पर अनाज मंडी से औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों, श्रमिकों का अमला सीलिंग की कार्रवाई में जुटा रहा।
मध्य रात्रि एक बजे के करीब पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया अपनी फोर्स के साथ जीटी रोड स्थित गुरु ब्रह्मानंद चौक पर इंतजामों का जायजा लेते दिखाई दिए। शहर से जिन रास्तों से जीटी पर चढ़ा जा सकता है, उन सभी बिंदुओं पर बड़ी संख्या में बैरिकेड रख दिए गए थे, ताकि सुबह मोर्चा संभाला जा सके।
किसानों की महापंचायत के बाद अगला लक्ष्य लघु सचिवालय पहुंचने का है। इस कारण यहां जीटी रोड के निर्मल कुटिया चौक से लघु सचिवालय गेट तक बैरिकेड के ढेर लगा दिए गए थे। पांच ट्रॉले भी खड़े दिखाई दिए। इनका प्रयोग पहले की तरह रास्ता रोकने के लिए किया जा सकता है। उधर, किसान नेता भी विभिन्न जगहों से किसानों को करनाल बुलाने में जुटे रहे।
प्रजातांत्रिक देश में सभी को आंदोलन का अधिकार: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रजातांत्रिक देश है और प्रजातांत्रिक देश में किसी को भी आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। हमने पूरी व्यवस्था कर ली है और आम आदमी के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। उन्होंने बताया कि कुछ रास्तों का रूट डायवर्ट किया गया है।
आंदोलन की आड़ में आम आदमी की स्वतंत्रता को किसी भी तरह का खतरा नहीं होने देंगे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स करनाल के अंदर लगाई है। विज ने कहा कि एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप विर्क की हमने ड्यूटी लगाई है कि कल वह घेराव के दौरान वहीं मौजूद रहेंगे। अनिल विज ने कहा कि कोई भी प्रदर्शन करता है तो करे लेकिन कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखे। शांति बनाए रखने का जिम्मा किसान नेताओं का भी है।