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ऐसे अस्पताल जिनमें दवा नहीं, दर्द मिलता है

Mon, 22 Jun 2015 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 22 Jun 2015 04:04 PM IST
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no medical shop in many hospitals of chandigarh

शहर में संचालित हो रहे दो अस्पतालों में केमिस्ट शॉप नहीं होने के कारण मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। यदि रात के वक्त दवा की जरूरत पड़ी तो मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं।

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ऐसे में तीमारदारों को या तो सेक्टर-16 अस्पताल या फिर पीजीआई से दवा लानी पड़ती है। शहरवासी कई बार डिमांड कर चुके हैं, लेकिन अब तक  कोई कदम नहीं उठाया गया। आइए नजर डालते हैं कि शहर के किन अस्पतालों में केमिस्ट शॉप नहीं हैं।
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सेक्टर-22 : मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर
सेक्टर-22 स्थित मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर 50 बेड (गायनी में) का अस्पताल है और यहां इमरजेंसी सेवा शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं। यहां पीडियाट्रिक्स, टीबी एंड चेस्ट, गायनी और आई ओपीडी हैं।
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ईएनटी के भी डाक्टर भी आते हैं, लेकिन न तो केमिस्ट शॉप है और न ही कैंटीन की सुविधा। दिन में तो लोग बाहर से दवा ले आते हैं, लेकिन रात के वक्त नजदीक में जीएमएसएच-16 का ही रुख करना पड़ता है।

मनीमाजरा : सिविल हास्पिटल
शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा मनीमाजरा सिविल हास्पिटल पर निर्भर है। यहां 100 बेड की सुविधा है और इमरजेंसी सेवाएं भी हैं। आपरेशन भी होते हैं। सर्जरी, गायनी, आर्थो, पीडियाट्रिक्स सहित कई ओपीडी सेवा हैं, लेकिन केमिस्ट शॉप नहीं है।

हॉस्पिटल बनकर तैयार, केमिस्ट शॉप के लिए पालिसी ही नहीं
सेक्टर-45 स्थित पालीक्लीनिक हास्पिटल बनकर तैयार है, जिसमें 100 बेड की सुविधा है। अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है, लेकिन केमिस्ट शॉप के लिए भी अब तक कोई पालिसी नहीं बनी है। यहां भी कई ओपीडी हैं। इसके उद्घाटन की कभी भी तारीख आ सकती है। उद्घाटन होते ही इनडोर पेशेंट भी एडमिट होने लगेंगे, लेकिन केमिस्ट शॉप के अभाव में उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।


जीएमएसएच-16 में भी एक और शॉप की डिमांड
जीएमएसएच-16 में सिर्फ एक ही केमिस्ट शॉप है। यहां मरीजों की इतनी भीड़ होती है कि एक मरीज को दवा लेने में कम से कम 15-20 मिनट का वक्त लग जाता है। हालांकि, यहां एक जेनरिक सेंटर भी है, लेकिन वहां कुछ दवाएं ही मिलती हैं।

हास्पिटलों में केमिस्ट शॉप खोलने पर विचार चल रहा है। कुछ कंपनियों से भी बातचीत चल रही है। जल्द ही इस दिशा में कोई फैसला लिया जाएगा।
- वीके गगनेजा, डायरेक्टर, हेल्थ सर्विसेस

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