बुरी खबर: पंजाब के इस बिग टूरिस्ट स्पॉट पर एंट्री बैन
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चंडीगढ़ की सुखना झील में मृत बतखों में बर्ड फ्लू के लक्षण की पुष्टि होने के बाद बर्ड सेंचुरी हरिके पत्तन में सैलानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा। जंगली जीव और वन विभाग रेंज अधिकारी संतोख सिंह ने बताया कि उन्होंने बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पाबंदी लगाई गई है।
उन्होंने बताया विभाग पक्षियों पर नजर रख रहा है। साथ ही कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह सेंचुरी क्षेत्र में मुंह पर मास्क लगाए बिना न जाएं और अगर कोई पक्षी मृत मिलता है तो तुरंत वेटनरी विभाग को सूचित करें।
सेंचुरी में हर वर्ष सर्द ऋतु शुरू होते ही यूरोप व अन्य कई देशों से प्रवास करके प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं। इस समय सेंचुरी में प्रवासी पक्षियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
उत्तर भारत की झीलों में पंछियों के सैंपल लेने के निर्देश
सुखना में बतख को बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद उत्तर भारत के सभी राज्यों को सचेत करते हुए पंजाब के हरीके पत्तन बर्ड सेंचुरी समेत झीलों में बसने वाले पक्षियों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए गए हैं।
बर्ड फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए शुक्रवार को जालंधर के सर्किट हाउस में रीजनल एनिमल डिजीज डायग्नोस्टिक लैब से संबंधित उत्तर भारत के तमाम राज्यों के नोडल अफसरों की बैठक हुई। इसमें केंद्र सरकार के एक्शन प्लान के तहत नए निर्देश जारी कर सतर्कता बरतने को कहा गया है।
इसके अलावा पोल्ट्री फार्म, बैक यार्ड पोल्ट्री के अलावा लाइव बर्ड मार्केट में भी सैंपल लेने को कहा गया है। साथ ही मार्केट के एनवायर्नमेंट की सैंपलिंग भी की जाएगी। इसकी पुष्टि पशु पालन विभाग पंजाब के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. विजय मोहन ने की है।
पंछियों की बीट के भी सैंपल लिए जाएंगे
बैठक में पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, दिल्ली के नोडल अफसरों ने शिरकत की। बैठक में निर्देश दिया गया है कि झीलों में पल रहे पंछियों की बीट के सैंपल भी लिए जाएं।
साथ ही बर्ड सेंचुरीज में दूसरे देशों से आने वाले प्रवासी पंछियों के रक्त के सैंपल वाइल्ड लाइफ सोसाइटी की मदद से लेने को भी कहा गया है। यह भी सचेत किया गया है कि यदि बर्ड फ्लू का कोई केस सामने आता है तो इसकी तुरंत सूचना विभाग एवं डायग्नोस्टिक लैब को दी जाए।
बीट के ढेर फार्म से दूर लगाने की हिदायत
पोल्ट्री फार्मर को भी यह सुझाव दिया गया है कि वे मुर्गियों की बीट के ढेर फार्म से दूर लगाएं। पोल्ट्री फार्म में जंगली पंछियों को आने से रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। अंडे, फीड इत्यादि के ट्रकों को भी बार बार डिस-इंफे क्टेड किया जाए।
लाइव बर्ड मार्केट में मुर्गियों और अन्य पंछियों की बीट के अलावा उनके पिंजरों इत्यादि से भी सैंपल लेकर जांच की जाएगी। डॉ. विनय मोहन ने कहा कि फिलहाल किसी भी तरह के पेनिक की जरूरत नहीं है। सभी कारगर उपाय किए जा रहे हैं।