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पीजीआई में डाॅक्टर से मारपीट: बच्चे के गले पर निशान देखकर भड़के परिजनों ने जेआर को घसीटा, थप्पड़ मारे
Sat, 24 May 2025 02:27 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 May 2025 02:27 AM IST
सार
डॉ. पारस कांडपाल ने एक बच्चे को आईवी कैनुला लगाने के लिए डॉ. सिद्धार्थ की मदद मांगी। डॉ. सिद्धार्थ ने कैनुलेशन में उनकी मदद की और चले गए। इसके बाद नर्सिंग ऑफिसर ने डॉ. सिद्धार्थ को बताया कि बच्चे के गले पर चोट के निशान आ गए हैं। इसके बाद परिजनों ने उसके साथ मारपीट की।
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चंडीगढ़ पीजीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई में एक बार फिर डॉक्टर से मारपीट का मामला सामने आया है। नेहरू अस्पताल के नियोनेटोलॉजी विभाग में जूनियर रेजिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चक्रवर्ती को बच्चे का इलाज करने आए परिजनों ने एनएनएन आईसीयू से बाहर घसीटा और उन्हें कई थप्पड़ मारे।
करीब 10 मिनट बाद डॉक्टर सिद्धार्थ बचकर आईसीयू में वापस गए। घटना वीरवार सुबह 11:15 बजे की है। डॉक्टर की शिकायत पर सेक्टर- 11 थाना ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें: पंचकूला में सजेगा बागेश्वर धाम का दरबार: चार दिन चलेगी श्री हनुमंत कथा, 28 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था, खुलेगा पर्चा
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जानकारी के अनुसार डॉ. पारस कांडपाल ने एक बच्चे को आईवी कैनुला लगाने के लिए डॉ. सिद्धार्थ की मदद मांगी। डॉ. सिद्धार्थ ने कैनुलेशन में उनकी मदद की और चले गए। इसके बाद नर्सिंग ऑफिसर ने डॉ. सिद्धार्थ को बताया कि बच्चे के गले पर चोट के निशान आ गए हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि इसके बाद बच्चे के परिजनों ने 4-5 रिश्तेदार बुला लिए। दोपहर करीब 12:20 बजे आए रिश्तेदारों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
घटना का पता चलते ही पीजीआई की एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) के प्रतिनिधि तुरंत पीड़ित डॉक्टर के समर्थन में घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद कुछ ही घंटों में एफआईआर दर्ज कर ली गई। एआरडी के सदस्य तत्काल मामला पीजीआई के निदेशक के ध्यान में लाए। निदेशक ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
एआरडी के अध्यक्ष डॉ. विष्णु जिंजा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए संस्थान में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टर इलाज के लिए हैं, न कि चोट खाने के लिए। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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करीब 10 मिनट बाद डॉक्टर सिद्धार्थ बचकर आईसीयू में वापस गए। घटना वीरवार सुबह 11:15 बजे की है। डॉक्टर की शिकायत पर सेक्टर- 11 थाना ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार डॉ. पारस कांडपाल ने एक बच्चे को आईवी कैनुला लगाने के लिए डॉ. सिद्धार्थ की मदद मांगी। डॉ. सिद्धार्थ ने कैनुलेशन में उनकी मदद की और चले गए। इसके बाद नर्सिंग ऑफिसर ने डॉ. सिद्धार्थ को बताया कि बच्चे के गले पर चोट के निशान आ गए हैं। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि इसके बाद बच्चे के परिजनों ने 4-5 रिश्तेदार बुला लिए। दोपहर करीब 12:20 बजे आए रिश्तेदारों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
घटना का पता चलते ही पीजीआई की एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) के प्रतिनिधि तुरंत पीड़ित डॉक्टर के समर्थन में घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद कुछ ही घंटों में एफआईआर दर्ज कर ली गई। एआरडी के सदस्य तत्काल मामला पीजीआई के निदेशक के ध्यान में लाए। निदेशक ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
एआरडी के अध्यक्ष डॉ. विष्णु जिंजा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए संस्थान में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टर इलाज के लिए हैं, न कि चोट खाने के लिए। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।