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निकिता हत्याकांड : आरोपी की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
Fri, 22 Jan 2021 09:33 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 22 Jan 2021 09:33 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : amar ujala
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपी तौसीफ की निष्पक्ष जांच की मांग संबंधी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। तौसीफ ने याचिका में राजनीतिक रंजिश के चलते उसे फंसाने का आरोप लगाया था। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब आलम के चचेरे भाई तौसीफ ने एडवोकेट महक साहनी के माध्यम से याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।
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राजनीतिक कारणों से पुलिस कमिश्नर जांच को प्रभावित कर रहे हैं। याची ने कहा कि उस पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह निकिता पर धर्म परिवर्तन कर विवाह के लिए दबाव बना रहा था, जो पूरी तरह से गलत है। उस पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर निकिता का अपहरण किया और विरोध करने पर उसे गोली मार दी।
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लव जिहाद के नाम पर उसे फंसाया जा रहा है। जो वीडियो पुलिस के पास है उसमें आरोपियों का मुंह पूरी तरह से ढका हुआ था और नंबर प्लेट तो कोई भी बदल सकता है। केवल ऐसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने जल्दबाजी दिखाते हुए उसको गिरफ्तार कर लिया। याची ने कहा कि यह मामला लव जिहाद का नहीं बल्कि ऑनर किलिंग का है। उसके पास ऐसी कोई वजह नहीं थी जिसके चलते वह निकिता की हत्या करे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर अब अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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यह था मामला
हरियाणा के बल्लभगढ़ में परिवार के साथ रह रही उत्तर प्रदेश के हापुड़ निवासी निकिता तोमर अग्रवाल कॉलेज में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा थी। 26 अक्तूबर 2020 की शाम वह परीक्षा देकर कॉलेज के बाहर निकली। आरोप के अनुसार इसी दौरान सोहना निवासी तौसीफ ने अपने दोस्त के साथ मिलकर निकिता को कार में अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने पर निकिता को गोली मार दी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच एसआईटी को सौंप दी थी।