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Ludhiana Gas Leak: ग्यासपुरा पहुंची NGT टीम, हादसे वाली जगह की जांच की, गैस लीक से हुई थी 11 लोगों की मौत
Mon, 08 May 2023 11:55 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 08 May 2023 11:55 AM IST
सार
एक सप्ताह पहले ग्यासपुरा में गैस लीक होने के कारण 11 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से दस लोग तीन परिवारों के थे। इसके बाद से पूरे प्रकरण की जांच चल रही थी। एनजीटी ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था।
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ग्यासपुरा में जांच करने पहुंची एनजीटी टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की आठ सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सोमवार को ग्यासपुरा क्षेत्र में गैस लीक की जांच शुरू की। यहां करीब नौ दिन पहले सीवरेज में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत हुई थी। कमेटी के सदस्यों ने हादसे वाली जगह के अलावा सीवरेज मैनहोल की जांच की व मृतकों के परिजनों और आसपास के लोगों के बयान कलमबद्ध किए। 30 जून को कमेटी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।
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कमेटी की अध्यक्षता पीपीसीबी के अध्यक्ष डॉ. आदर्श पाल विग कर रहे हैं। इसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) गुरनाम सिंह, सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च, लखनऊ से शैलेंद्र प्रताप सिंह, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से डॉ. लक्ष्मी शामिल हैं। इसके अलावा (एनडीआरएफ) से चांद, डीसी सुरभि मलिक, नगर निगम कमिश्नर डॉ. शेना अग्रवाल, इंजीनियर जीएस मजीठिया व सचिव पीपीसीबी भी पहुंचे।
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कमेटी ने पहले हादसे वाली जगह का सीवरेज मैनहोल, दूध बूथ और दुर्घटना स्थल के आसपास की जगहों का जायजा लिया। बाद में कमेटी ने मृतकों के परिजनों से बात की। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कलमबद्ध किए। एनजीटी ने घटना के संबंध में विभिन्न वायरल वीडियो की रिकॉर्डिंग भी ली। टीम ने घटनास्थल के आसपास के इलाके में जांच की जबकि यहां चल रही फैक्टरियों व अवैध उद्योगों का भी डाटा लिया। एनजीटी सदस्यों का कहना है कि उनकी ओर से अभी इंडस्ट्री व किसी भी विभाग को क्लीन चीट नहीं दी गई है।
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उद्यमी बोले- उद्योगों को न बनाया जाए निशाना
एनजीटी टीम के घटनास्थल पर जांच के दौरान ग्यासपुरा इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश कक्कड़ अपने कारोबारियों साथियों समेत पहुंच गए। ककड़ ने कहा कि उद्योगों को आसान निशाना बनाकर बदनाम न किया जाए। पंजाब के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान है। जहां तक सीवरेज में केमिकल डालने को बात है तो नगर निगम ने सीवरेज मैनहोल के साथ गैस निकलने वाली पाइप नहीं लगाई है। यह निगम की लापरवाही है। पीपीसीबी पुलिस को लेकर डोर टू डोर उद्योगों की जांच कर रही है। इसे बंद किया जाए।