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Loksabha Election 2024: रंगले पंजाब के सपने पर आतंक और गैंगस्टरवाद का साया, विदेशों से हो रहीं नापाक कोशिशें
Wed, 27 Mar 2024 02:37 PM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 27 Mar 2024 02:37 PM IST
सार
गुरुओं और पीरों की सरजमीं पंजाब लंबे समय से आतंक और गैंगस्टरवाद का दंश झेल रही है। लोगों की आंखों में पल रहे रंगले पंजाब के सपने के साकार होने में यह गैंगस्टर-आतंकी बड़ी बाधा हैं।
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gangsters
विस्तार
पंजाब कई बड़े आतंकी हमलों का गवाह रहा है। पाकिस्तान, यूके-कनाडा और जर्मनी से सूबे का माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हो रहीं हैं। आतंकियों, गैंगस्टरों और नशा तस्करों का गठजोड़ बड़ी चुनौती बन गया है। गैंगवार, एनकाउंटर, हथियारों की बरामदगी के अलावा जेलों में मोबाइल फोन व नशीले पदार्थ मिल रहे हैं। इससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल भी उठ रहे हैं।
पंजाब में आतंकियों और गैंगस्टरों का खात्मा कब होगा, लोकसभा चुनाव में लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है। विपक्ष का कहना है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जबकि सरकार का दावा है कि पिछले दो साल के दौरान गैंगस्टरों-आतंकियों और नशा तस्करों का गठजोड़ तोड़ने में कामयाबी पाई है। बीते कुछ सालों में पंजाब में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिन्होंने यहां की कानून- व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, कॉमरेड बलविंदर सिंह संधू और हिंदू नेता सुधीर सूरी और हत्या के अलावा तरनतारन और मोहाली में आरपीजी अटैक जैसी घटनाओं के माध्यम से पंजाब को दहलाने का प्रयास किया गया।
पंजाब में प्रमुख घटनाएं...
- सिद्धू मूसेवाला की हत्या: 29 मई, 2022 को मानसा में मूसेवाला की हत्या की गई थी। थार कार पर दो कारों में सवार शूटरों ने 30 राउंड से ज्यादा फायरिंग की थी। मूसेवाला को 19 गोलियां लगी थीं। इस मामले में विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई और सचिन बिश्नोई का नाम सामने आया था। मूसेवाला की हत्या ने पंजाब में गैंगस्टरवाद की सबसे बड़ी तस्वीर पेश की थी। अभी तक इस हत्याकांड के सभी आरोपी नहीं पकड़े जा सके हैं।
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- शौर्य चक्र अवॉर्डी बलविंदर सिंह संधू की हत्या: 16 अक्तूबर, 2020 में संधू की हत्या तरनतारन के भिखीविंड स्थित उनके घर के पास की गई थी। पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले शौर्य चक्र सम्मानित बलविंदर सिंह संधू को 1993 में यह सम्मान मिला था। बलविंदर और उनके भाई रंजीत सिंह संधू पंजाब में आतंकी घटनाओं को लेकर हमेशा सवाल उठाते आए थे। यहां तक की बलविंदर संधू की हत्या से 11 महीने पहले तक उन पर जानलेवा हमले के कई बार प्रयास हुए थे। इस मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के गुरदासपुर के गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा और तरनतारन के हरभिंडर सिंह उर्फ पिंडर के खिलाफ प्रॉपर्टी अटैच की कार्रवाई की है।
- सुधीर सूरी की हत्या: 5 अक्तूबर, 2022: शिवसेना (टकसाली) के नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये घटना अमृतसर में गोपाल मंदिर के सामने हुई, जहां वो एक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। सुधीर सूरी सिख कट्टरपंथियों के एक वर्ग को लेकर दिए गए बयानों के कारण वह अक्सर विवादों के घेरे में रहा करते थे। उनकी सुरक्षा में 15 बंदूक़धारियों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद उनकी सरेआम हत्या कर दी गई।
- लुधियाना कोर्ट परिसर में बम धमाका: 22 दिसंबर, 2021 लुधियाना कोर्ट परिसर की दूसरी मंजिल पर बनी टॉयलेट में 23 दिसंबर को बम धमाका हुआ था। ये धमाका आईईडी से किया गया था। इस धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों ने शक जताया था कि जिसकी मौत हुई थी, वही इस धमाके के पीछे है। अंदेशा जताया कि टॉयलेट में जब वो बम को असेंबल करने की कोशिश कर रहा होगा, तभी विस्फोट हो गया। इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- तरनतारन आरपीजी अटैक: 9 दिसंबर, 2022: 9 दिसंबर की रात 11 बजकर 22 मिनट पर थाने पर आरपीजी का इस्तेमाल कर हाईवे से ग्रेनेड दागा गया था। यह सरहाली थाने के सुविधा केंद्र से टकराया। देर रात हुए इस हमले से पूरे प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था। बिल्डिंग के कुछ हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा था। इसका मास्टरमाइंड लखबीर सिंह लंडा है, जो कनाडा में छिपा बैठा है। पुलिस को इस आतंकी की लंबे अर्से से तलाश है। उसने यूरोप के अपने दो हैंडलर सतबीर सत्ता और गुरदेव जस्सल के जरिए इस हमले को अंजाम दिया। इन लोगों की कड़ी अजमीत सिंह से जुड़ी है इन दिनों गोइंदवाल साहिब जेल में बंद हैं। थाने पर हमले के लिए 70 मिमी कैलिबर आरपीजी 26 का इस्तेमाल किया गया था।
- मोहाली आरपीजी अटैक: 9 मई 2022: पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर 9 मई की शाम करीब पौने 8 बजे एक रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया था। तेज धमाका होने पर हेडक्वार्टर में हड़कंप मच गया था। इससे हेडक्वार्टर की इमारत के शीशे टूट गए थे, लेकिन गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हमले के बाद से फरार चल रहे आरोपी दीपक रंगा को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) का इस्तेमाल किया गया था।
- अमृतपाल समर्थकों का अजनाला थाने पर हमला: 23 फरवरी 2023: अमृतपाल सिंह अजनाला कांड के मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता है। यह वही कांड है, जिसके बाद से अमृतपाल की तलाश शुरू हो गई थी। दरअसल, वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख खालिस्तान के समर्थक जबरन अजनाला थाने में घुस गए थे और तलवारें लहराई थीं। उपद्रवियों ने अमृतसर के पास अजनाला पुलिस स्टेशन की घेराबंदी कर ली थी और अपने एक साथी को रिहा करने की मांग कर रहे थे, जिसको किडनैपिंग के एक केस में हिरासत में लिया गया था। पुलिस भी इन लोगों के हाथों में लहराती तलवारें देख बेबस नजर आई। इस हादसे में 6 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे।
विदेश में छिपे हैं कई आतंकी-गैंगस्टर
पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने 3 मामलों में 7 ऐसे गैंगस्टर को नामित किया था, जो कनाडा में छिपे हैं। इनमें पिछले साल मई में मोहाली में खुफिया मुख्यालय पर हमला, 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की हत्या और कनाडा के सरे में रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के केस शामिल हैं। पंजाब पुलिस ने जिन आतंकियों-गैंगस्टरों का नाम शामिल किया था, उनमें लखबीर सिंह उर्फ लांडा, गोल्डी बराड़, चरणजीत सिंह उर्फ रिंकू रंधावा, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला, रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज व गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा डल्ला शामिल हैं। बाबा और सुक्खा टारगेट किलिंग के मामले में आरोपी हैं।
बीते दो साल में कार्रवाई
- पंजाब की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पुलिस ने 1,025 अवैध हथियार बरामद किए।
- बीते दो सालों में पंजाब में 338 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया।
- पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे 231 आतंकियों और उग्रवादियों को दबोचा गया।
- आतंकवाद फैलाने वाले 40 गिरोह के मॉड्यूल को खत्म किया गया।
- 1,012 गैंगस्टर और उनके गिरोह के गुर्गों को दबोचा गया।
क्या कहते हैं सियासी दल...
पंजाब में जंगल राज जैसे हालात हैं। विभिन्न घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों की हिफाजत के लिए तैनात किए गए पुलिस मुलाजिम भी सुरक्षित नहीं हैं। पंजाब में अमन-कानून की स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। सरकार की गलत नीतियों के कारण लोगों में फैली अविश्वासी पंजाब को पीछे धकेल रही है, जो बहुत चिंता का विषय है। - प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व सांसद, शिअद के वरिष्ठ नेता
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में गैंगस्टर और आतंकवाद के खिलाफ बड़े स्तर पर पिछले दो सालों में अभियान चलाकर हजारों अपराधियों को सलाखों के पीछे किया गया। सीएम के नेतृत्व में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अफसरों ने पंजाब में कई गैंगस्टर के गिरोह को जड़ से खत्म कर दिया। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह दुरुस्त है। - मालविंदर कंग, प्रवक्ता, आप पंजाब
पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बेहद ही नाजुक है। आम जनता के अलावा व्यापार और कारोबारी वर्ग पूरी तरह सहमा हुआ है। प्रदेश में हर जगह कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन पंजाब में गैंगस्टर किसी को धमकी और फिरौती मांग रहे है। दुकानें आधा घंटा पहले बंद करा दी जाती हैं, दुकानदारों से बदमाश रंगदारी मांगते हैं। - अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रधान, पंजाब कांग्रेस
प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन प्रदेश में गैंगस्टर पुलिसवालों को अपना निशाना बना रहे हैं, पुलिसकर्मियों को अपराधियों पर नकेल कसने के लिए खुली छूट नहीं दी जा रही। महिलाओं के प्रति प्रदेश में अपराध बढ़ता जा रहा है। जिस पर अंकुश लगना चाहिए। - सुनील जाखड़, अध्यक्ष, पंजाब भाजपा
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पंजाब में आतंकियों और गैंगस्टरों का खात्मा कब होगा, लोकसभा चुनाव में लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है। विपक्ष का कहना है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जबकि सरकार का दावा है कि पिछले दो साल के दौरान गैंगस्टरों-आतंकियों और नशा तस्करों का गठजोड़ तोड़ने में कामयाबी पाई है। बीते कुछ सालों में पंजाब में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं, जिन्होंने यहां की कानून- व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, कॉमरेड बलविंदर सिंह संधू और हिंदू नेता सुधीर सूरी और हत्या के अलावा तरनतारन और मोहाली में आरपीजी अटैक जैसी घटनाओं के माध्यम से पंजाब को दहलाने का प्रयास किया गया।
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पंजाब में प्रमुख घटनाएं...
- सिद्धू मूसेवाला की हत्या: 29 मई, 2022 को मानसा में मूसेवाला की हत्या की गई थी। थार कार पर दो कारों में सवार शूटरों ने 30 राउंड से ज्यादा फायरिंग की थी। मूसेवाला को 19 गोलियां लगी थीं। इस मामले में विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई और सचिन बिश्नोई का नाम सामने आया था। मूसेवाला की हत्या ने पंजाब में गैंगस्टरवाद की सबसे बड़ी तस्वीर पेश की थी। अभी तक इस हत्याकांड के सभी आरोपी नहीं पकड़े जा सके हैं।
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- शौर्य चक्र अवॉर्डी बलविंदर सिंह संधू की हत्या: 16 अक्तूबर, 2020 में संधू की हत्या तरनतारन के भिखीविंड स्थित उनके घर के पास की गई थी। पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले शौर्य चक्र सम्मानित बलविंदर सिंह संधू को 1993 में यह सम्मान मिला था। बलविंदर और उनके भाई रंजीत सिंह संधू पंजाब में आतंकी घटनाओं को लेकर हमेशा सवाल उठाते आए थे। यहां तक की बलविंदर संधू की हत्या से 11 महीने पहले तक उन पर जानलेवा हमले के कई बार प्रयास हुए थे। इस मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के गुरदासपुर के गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा और तरनतारन के हरभिंडर सिंह उर्फ पिंडर के खिलाफ प्रॉपर्टी अटैच की कार्रवाई की है।
- सुधीर सूरी की हत्या: 5 अक्तूबर, 2022: शिवसेना (टकसाली) के नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये घटना अमृतसर में गोपाल मंदिर के सामने हुई, जहां वो एक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। सुधीर सूरी सिख कट्टरपंथियों के एक वर्ग को लेकर दिए गए बयानों के कारण वह अक्सर विवादों के घेरे में रहा करते थे। उनकी सुरक्षा में 15 बंदूक़धारियों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद उनकी सरेआम हत्या कर दी गई।
- लुधियाना कोर्ट परिसर में बम धमाका: 22 दिसंबर, 2021 लुधियाना कोर्ट परिसर की दूसरी मंजिल पर बनी टॉयलेट में 23 दिसंबर को बम धमाका हुआ था। ये धमाका आईईडी से किया गया था। इस धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जांच एजेंसियों ने शक जताया था कि जिसकी मौत हुई थी, वही इस धमाके के पीछे है। अंदेशा जताया कि टॉयलेट में जब वो बम को असेंबल करने की कोशिश कर रहा होगा, तभी विस्फोट हो गया। इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- तरनतारन आरपीजी अटैक: 9 दिसंबर, 2022: 9 दिसंबर की रात 11 बजकर 22 मिनट पर थाने पर आरपीजी का इस्तेमाल कर हाईवे से ग्रेनेड दागा गया था। यह सरहाली थाने के सुविधा केंद्र से टकराया। देर रात हुए इस हमले से पूरे प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था। बिल्डिंग के कुछ हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा था। इसका मास्टरमाइंड लखबीर सिंह लंडा है, जो कनाडा में छिपा बैठा है। पुलिस को इस आतंकी की लंबे अर्से से तलाश है। उसने यूरोप के अपने दो हैंडलर सतबीर सत्ता और गुरदेव जस्सल के जरिए इस हमले को अंजाम दिया। इन लोगों की कड़ी अजमीत सिंह से जुड़ी है इन दिनों गोइंदवाल साहिब जेल में बंद हैं। थाने पर हमले के लिए 70 मिमी कैलिबर आरपीजी 26 का इस्तेमाल किया गया था।
- मोहाली आरपीजी अटैक: 9 मई 2022: पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर 9 मई की शाम करीब पौने 8 बजे एक रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया था। तेज धमाका होने पर हेडक्वार्टर में हड़कंप मच गया था। इससे हेडक्वार्टर की इमारत के शीशे टूट गए थे, लेकिन गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हमले के बाद से फरार चल रहे आरोपी दीपक रंगा को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) का इस्तेमाल किया गया था।
- अमृतपाल समर्थकों का अजनाला थाने पर हमला: 23 फरवरी 2023: अमृतपाल सिंह अजनाला कांड के मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता है। यह वही कांड है, जिसके बाद से अमृतपाल की तलाश शुरू हो गई थी। दरअसल, वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख खालिस्तान के समर्थक जबरन अजनाला थाने में घुस गए थे और तलवारें लहराई थीं। उपद्रवियों ने अमृतसर के पास अजनाला पुलिस स्टेशन की घेराबंदी कर ली थी और अपने एक साथी को रिहा करने की मांग कर रहे थे, जिसको किडनैपिंग के एक केस में हिरासत में लिया गया था। पुलिस भी इन लोगों के हाथों में लहराती तलवारें देख बेबस नजर आई। इस हादसे में 6 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे।
विदेश में छिपे हैं कई आतंकी-गैंगस्टर
पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने 3 मामलों में 7 ऐसे गैंगस्टर को नामित किया था, जो कनाडा में छिपे हैं। इनमें पिछले साल मई में मोहाली में खुफिया मुख्यालय पर हमला, 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की हत्या और कनाडा के सरे में रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के केस शामिल हैं। पंजाब पुलिस ने जिन आतंकियों-गैंगस्टरों का नाम शामिल किया था, उनमें लखबीर सिंह उर्फ लांडा, गोल्डी बराड़, चरणजीत सिंह उर्फ रिंकू रंधावा, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला, रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज व गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा डल्ला शामिल हैं। बाबा और सुक्खा टारगेट किलिंग के मामले में आरोपी हैं।
बीते दो साल में कार्रवाई
- पंजाब की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पुलिस ने 1,025 अवैध हथियार बरामद किए।
- बीते दो सालों में पंजाब में 338 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया।
- पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे 231 आतंकियों और उग्रवादियों को दबोचा गया।
- आतंकवाद फैलाने वाले 40 गिरोह के मॉड्यूल को खत्म किया गया।
- 1,012 गैंगस्टर और उनके गिरोह के गुर्गों को दबोचा गया।
क्या कहते हैं सियासी दल...
पंजाब में जंगल राज जैसे हालात हैं। विभिन्न घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों की हिफाजत के लिए तैनात किए गए पुलिस मुलाजिम भी सुरक्षित नहीं हैं। पंजाब में अमन-कानून की स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। सरकार की गलत नीतियों के कारण लोगों में फैली अविश्वासी पंजाब को पीछे धकेल रही है, जो बहुत चिंता का विषय है। - प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व सांसद, शिअद के वरिष्ठ नेता
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में गैंगस्टर और आतंकवाद के खिलाफ बड़े स्तर पर पिछले दो सालों में अभियान चलाकर हजारों अपराधियों को सलाखों के पीछे किया गया। सीएम के नेतृत्व में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अफसरों ने पंजाब में कई गैंगस्टर के गिरोह को जड़ से खत्म कर दिया। पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह दुरुस्त है। - मालविंदर कंग, प्रवक्ता, आप पंजाब
पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बेहद ही नाजुक है। आम जनता के अलावा व्यापार और कारोबारी वर्ग पूरी तरह सहमा हुआ है। प्रदेश में हर जगह कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन पंजाब में गैंगस्टर किसी को धमकी और फिरौती मांग रहे है। दुकानें आधा घंटा पहले बंद करा दी जाती हैं, दुकानदारों से बदमाश रंगदारी मांगते हैं। - अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रधान, पंजाब कांग्रेस
प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आए दिन प्रदेश में गैंगस्टर पुलिसवालों को अपना निशाना बना रहे हैं, पुलिसकर्मियों को अपराधियों पर नकेल कसने के लिए खुली छूट नहीं दी जा रही। महिलाओं के प्रति प्रदेश में अपराध बढ़ता जा रहा है। जिस पर अंकुश लगना चाहिए। - सुनील जाखड़, अध्यक्ष, पंजाब भाजपा