पंचकूला के बच्चों को अब PGI जाने की जरूरत नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनरल अस्पताल के डीआईसी(डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में) जल्द ही बच्चों का हियरिंग टेस्ट होगा। अबतक अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने के कारण पीजीआई, जीएमसीएच 32 भेजना पड़ता है। हरियाणा में सिर्फ पीजीआई रोहतक में ही यह टेस्ट होता है। लेकिन एनआरएचएम ने तय किया है कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत पंचकूला के जनरल अस्पताल से की जाएगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बेरा(ब्रेन स्टेम रिस्पांस ऑडियोमेट्री) के जरिए नवजात बच्चों का हियरिंग टेस्ट किया जाएगा। पंचकूला में 2014 तक इसकी शुरुआत होनी थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से अब 2015 मार्च तक शुरू होने की संभावना है। उसके तीन माह के अंदर प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में बेरा की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
पंचकूला में डीआईसी सेंटर के लिए एक ऑडियोलाजिस्ट नियुक्त कर लिया गया है। इसके अलावा नवजात बच्चों का जन्म के समय ही बेरा टेस्ट के बाद स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाया जा सकेगा। बेरा मशीन से एक साल तक के बच्चों का ऑडियोलॉजिस्ट और इएनटी स्पेशलिस्ट हियरिंग जांच करेंगे।
बेरा मशीन से ऑडियोलॉजिस्ट और इएनटी स्पेशलिस्ट नवजात बच्चों और एक साल तक के बच्चों की हियरिंग जांच करेगें। वैसे पंचकूला में एनएटी स्पेशलिस्ट है लेकिन डीइआइसी सेंटर के लिए एक ऑडियोलाजीस्ट न्युक्त कर लिया गया है। इसके अलावा नवजात बच्चों का जन्म के समय ही बेरा टेस्ट के बाद इसका स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी बनवा सकेते है।
क्यो पड़ती है? नवजात बच्चों में बेरा टेस्ट की जरुरत
तीन कंडीशन पर बेरा टेस्ट किया जाता है
गर्भवती महिला है, नशे का सेवन करती हो, स्ट्रेश में हो, अच्छा डाइट नहीं मिलाता हो, गत दवा का सेवन कर लिया हो, अबार्शन के दौरान अबार्शन फेल हो गया हो।
जन्म लेते समय बच्चे में आक्सीजन की कमी, जन्म के दौरान बच्चे को इफेक्शन हो गया हो, तीसरा कंडिशन, समय से पहले जन्मे बच्चों में वेट कम होने पर, बच्चे में जन्म के दौरान बहुत ज्यादा इनफे क्शन होने पर, मेनजाइटिस होने पर, कान बहने पर, नवजात बच्चों का बेरा टेस्ट करवाया जाता है।
इस टेस्ट से यह पता चलता है कि बच्चा सुन सकता है या नहीं। क्योकि जबतक बच्चा सुनेगा नहीं तबतक उसका मानसिक विकास नहीं हो सकता। जनरल अस्पताल में बेरा मशीन लगने के बाद यह सुविधा जन्म लेने वाले सभी बच्चों को दी जाएगी। ताकि बच्चों में यदि कोई हियरिंग की समस्या है तो जन्म के समय ही इसका पता लग जाए।
कैसे काम करेगा बेरा मशीन
ईईजी तकनीक पर काम करेगा बेरा मशीन। क्योकि जैसे ही बच्चों का बेरा टेस्ट लिया जाएगा तो मशीन स्पाइक करना शुरू करेगी पता चल जाएगा की बच्चे को सुनाई दे रहा है। यदि बच्चे को सुनाई नहीं देगा तो मशीन स्पाइक करेगा ही नहीं।