Mohali: पाकिस्तान और जम्मू से जुड़े लुधियाना में पकड़ी हेरोइन के तार, पंजाब में आगे होनी थी सप्लाई
इस गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो अन्य आरोपियों को भी जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी पहचान कर ली गई है। लुधियाना से पकड़ी गई हेरोइन आगे पंजाब के विभिन्न एरिया में सप्लाई होनी थी।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से लुधियाना से पकड़ी गई 20 किलोग्राम हेरोइन के पीछे अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह है। इस गिरोह के तार सरहद पार पाकिस्तान समेत कई देशों और जम्मू कश्मीर से जुडे़ हुए हैं। यह खुलासा गुरुवार को एनसीबी के उत्तरी क्षेत्र के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने मोहाली स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने बताया कि गिरोह में शामिल एक मुख्य आरोपी को काबू कर लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों की पहचान हो गई। जल्दी ही टीमें उन्हें भी गिरफ्तार कर लेगी। उनके पकड़े जाने के बाद बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इस ऑपरेशन को कामयाब बनाने के लिए हमारी टीमें जुटी हुईं हैं।
उप महानिदेशक ने बताया कि यह गिरोह लुधियाना से ही चल रहा था। इस गिरोह के मुख्य किंगपिन की पहचान हो चुकी है। ऐसे में हम केवल उन्हें ही नहीं पकड़ेंगे, बल्कि सारी सप्लाई चेन को ही ध्वस्त कर देंगे। इस ऑपरेशन को एनसीबी की चंडीगढ़ यूनिट ने अंजाम दिया है। हालांकि उनकी तरफ से जब ऑपरेशन कामयाब हो गया तो उसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया था। सारा रिकॉर्ड वहां पर लिखा है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि लैंड रूट से ही यह हेरोइन आई थी। जब उप निदेशक से पूछा गया पंजाब में ड्रग्स ज्यादा आ रही है तो इसकी वजह क्या है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अपराधियों का नेटवर्क ड्रग्स तस्करी की तरफ लग गया। पंजाब में ड्रग्स का प्रयोग पहले ही अधिक था, इसके अलावा तस्करी भी बॉर्डर होने की तरफ बढ़ गया। नॉर्थ इंडिया में पंजाब बेस्ड नशा तस्कर गैंग चल रहे है।
उप महानिदेशक ने बताया कि इस केस के लिंक पर अभी उनकी टीमें काम कर रही है। लुधियाना में हेरोइन तैयार नहीं हुई थी। यहां पर पार्सल रिसीव हुआ था। इसके बाद इसे आगे वितरित किया जाना था। नशा तस्करी को रोकने के लिए काम किया जाना है। जेलों में नशा तस्करी का मामला गंभीर है।
इस वजह से समुद्री मार्ग चुन रहे हैं तस्कर
नशा तस्करों द्वारा समुद्री मार्ग का प्रयोग अधिक हो रहा है। इस पर एनसीबी के उप महानिदेशक ने बताया कि इसके पीछे कई कारण हैं। एक तो तस्कर इसे काफी सुरक्षित मानते हैं। दूसरा एक समय में भी काफी नशा आसानी से आ जाता है। यह चलन अधिक बढ़ा है। इससे केवल भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश भी प्रभावित हुए हैं।
यूएई की करेंसी सहित काफी कीमती सामान हुआ था बरामद
आरोपियों से 20 किलोग्राम हेरोइन, 5.86 लाख रुपये, यूएई की करेंसी दिरहम 2850 , दो कारतूस, कैश काउंटिग मशीन, 250 सिल्वर क्वाइन, 20 ब्रांडेड घड़ियां, दो लैपटॉप, पांच पैन ड्राइव, सात सिम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, कुछ जरूरी दस्तावेज, 17 ग्राम अफीम व हेरोइन मिली है।