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न गुरुघर में गोलक, न बनता है लंगर.. फिर भी नहीं रहता कोई भूखा
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सेक्टर-28 के गुरुद्वारे में लंगर छकती संगत।
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सेक्टर-28 स्थित गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब में सोमवार से सात दिवसीय वार्षिक समागम शुरू है। समागम में आए श्रद्धालुओं के लिए संगत अपने घरों से लजीज व्यंजन तैयार करके ला रही है। पटियाला से प्रसादा और खीर, हिमाचल के बददी से पूरी और छोले व मोहाली से खीर सहित चंडीगढ़ और आसपास के शहरों और गांवों से भी विविध प्रकार के पकवान, फल व मिठाइयां हर रोज लाई जा रही हैं।
नानकसर गुरुद्वारा में लंगर नहीं बनता और न ही वहां पर गोलक है, लेकिन किसी भी चीज की कमी नहीं हैं। आम दिनों में 500-600 लोगों के लिए लंगर का इंतजाम संगत करती है। वार्षिक समागम में दो से ढाई हजार लोगों के लिए लंगर आ रहा है। लंगर के बच जाने पर पीजीआई सेक्टर-16 और 32 अस्पताल में लोगों के लिए भेजा जाता है।
नानकसर चंडीगढ़ का यह 45वां वार्षिक समागम है। समागम में रोजाना कीर्तन दरबार शुरू है। दोपहर के समय एक घंटा कीर्तन दरबार सजता है तो शाम में पांच से रात दस बजे तक रागी जत्थे कीर्तन कर संगत को निहाल कर रहे हैं। संत प्रवचनों की अमृतवर्षा कर संगत को निहाल कर रहे हैं। नानकसर चंडीगढ़ के प्रमुख बाबा गुरदेव सिंह जी ने बताया कि सात मार्च को समागम का समापन होगा और उस दिन रक्तदान शिविर का आयोजन होगा।
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नानकसर गुरुद्वारा में लंगर नहीं बनता और न ही वहां पर गोलक है, लेकिन किसी भी चीज की कमी नहीं हैं। आम दिनों में 500-600 लोगों के लिए लंगर का इंतजाम संगत करती है। वार्षिक समागम में दो से ढाई हजार लोगों के लिए लंगर आ रहा है। लंगर के बच जाने पर पीजीआई सेक्टर-16 और 32 अस्पताल में लोगों के लिए भेजा जाता है।
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नानकसर चंडीगढ़ का यह 45वां वार्षिक समागम है। समागम में रोजाना कीर्तन दरबार शुरू है। दोपहर के समय एक घंटा कीर्तन दरबार सजता है तो शाम में पांच से रात दस बजे तक रागी जत्थे कीर्तन कर संगत को निहाल कर रहे हैं। संत प्रवचनों की अमृतवर्षा कर संगत को निहाल कर रहे हैं। नानकसर चंडीगढ़ के प्रमुख बाबा गुरदेव सिंह जी ने बताया कि सात मार्च को समागम का समापन होगा और उस दिन रक्तदान शिविर का आयोजन होगा।
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