राहुल से मिलने दिल्ली पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू, लेकिन हाथ लगी मायूसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभाग बदले जाने से नाराज पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नई दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने पहुंचते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने की इच्छा जताई लेकिन फिलहाल उनके हाथ मायूसी लगी। राहुल गांधी इस समय दिल्ली में नहीं हैं और वे रविवार दोपहर 12 बजे के बाद लौट सकते हैं।
उनके लौटने पर ही यह तय होगा कि वे सिद्धू को मिलने का समय देंगे या नहीं। बीते सप्ताह भी सिद्धू राहुल से मिलने दिल्ली पहुंचे थे लेकिन दो दिन तक इंतजार करने के बाद भी राहुल गांधी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया था।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा गुरुवार को कैबिनेट की बैठक के बाद अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया था। इसी के तहत उन्होंने सिद्धू से स्थानीय निकाय और पर्यटन व सांस्कृतिक मामले विभाग वापस लेकर उन्हें बिजली व अक्षय ऊर्जा विभाग सौंपे हैं।
सिद्धू ने अभी विभाग नहीं संभाला है। पार्टी आलाकमान के सूत्रों से पता चला है कि सिद्धू ने दिल्ली पहुंचते ही राहुल गांधी से मिलने की दरख्वास्त के साथ कई कागजात भी सौंपे हैं। वहीं दूसरी ओर सिद्धू के दिल्ली पहुंचने से पहले इस पूरे मामले की रिपोर्ट पंजाब से आलाकमान को दे दी गई।
कैप्टन ने आलाकमान को भरोसे में लेकर बदले विभाग : आशा कुमारी
पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी का कहना है कि फिलहाल सिद्धू ने उनसे बातचीत नहीं की है। सिद्धू अब किस उद्देश्य से पार्टी अध्यक्ष से मिलना चाहते हैं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन यह साफ है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल का फैसला पार्टी आलाकमान को विश्वास में लेकर ही किया है। अब इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। पार्टी ने जो भी फैसला लिया है, वह पंजाब की बेहतरी के लिए लिया है।
नए विभाग से खुश नहीं सिद्धू
सिद्धू के करीबियों से मिली जानकारी के अनुसार नवजोत सिद्धू नए विभाग से खुश नहीं हैं और पुराना विभाग ही लेना चाहते हैं। राहुल गांधी के मिलने का उनका उद्देश्य भी यही है कि वे आलाकमान के जरिए कैप्टन पर दबाव बनाकर स्थानीय निकाय विभाग फिर हासिल करना चाहते हैं।
सिद्धू के करीबियों ने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे मंत्री पद छोड़ सकते हैं। सिद्धू का मानना है कि उन पर खराब कार्यप्रणाली के गलत आरोप लगाकर साजिशन विभाग छीना गया है।