Punjab: कांग्रेस में साइडलाइन होने लगे नवजोत सिद्धू, पूर्व सांसद जसबीर डिंपा बने अमृतसर पूर्वी के प्रभारी
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू ने इस बार चुनावी गतिविधियों में बिल्कुल भी हिस्सा नहीं लिया है। उनकी पत्नी भी बीमारी के कारण राजनीति से दूर हैं। चुनाव शुरू होते ही नवजोत सिद्धू आईपीएल में हिस्सा लेने चले गए थे।
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पंजाब कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को अनदेखा करना शुरू कर दिया है। इस बार खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव न लड़ने वाले पूर्व सांसद जसबीर सिंह डिंपा को अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की नई जिम्मेदारी सौंप दी है।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक आदेश जारी कर जसबीर सिंह डिंपा को अमृतसर पूर्वी हलके का प्रभारी घोषित किया है। अमृतसर पूर्वी सीट से नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू विधायक रह चुके हैं।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 के बाद से राजनीति से दूर चल रहे नवजोत सिंह सिद्धू को चुनौती देने की तैयारी चल रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में भी सिद्धू न तो अमृतसर आए और न ही किसी के लिए प्रचार किया। इसके बाद कांग्रेस की प्रदेश कमेटी ने जसबीर सिंह डिंपा को अमृतसर सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। जसबीर सिंह डिंपा को अमृतसर की जिम्मेदारी सौंपने का यह आदेश अप्रैल महीने में ही जारी कर दिया गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण यह आदेश अब सार्वजनिक किया गया है।
2022 में चुनाव हारने के बाद से सक्रिय नहीं हैं सिद्धू
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी विधायक जीवनजोत कौर से हारने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद को विधानसभा क्षेत्र और राजनीति से दूर कर लिया था। हालांकि, इसकी एक बड़ी वजह उनकी पत्नी का खराब स्वास्थ्य भी है। वह लगातार परिवार को समय दे रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी नवजोत सिंह सिद्धू प्रचार करने नहीं आए। हालांकि, स्टार प्रचारकों की लिस्ट में उनका नाम भी शामिल था।
सिद्धू ने अमृतसर में अपने समर्थकों के साथ भी संपर्क लगभग खत्म कर दिया था। सिद्धू के कई समर्थक पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके है। वहीं सिद्धू के समर्थक कांग्रेस के अलग-अलग पदों पर काम करते रहे वर्कर और नेता भी अब शांत होकर पार्टी गतिविधियों से दूर रहते हुए घरों में बैठे हुए है। सिद्धू का ग्रुप भी अमृतसर में पूरी तरह कमजोर हो गया है। अमृतसर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र पूरी तरह कांग्रेस नेतृत्वविहीन हो चुका था। जिस के चलते पार्टी ने विधान सभा क्षेत्र में दोबारा पार्टी गतिविधियां बढ़ाने के लिए जसबीर सिंह डिंपा को क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंप दी है।