आजादी का अमृत महोत्सव: भारत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, चंडीगढ़ में बने खास तिरंगे को मिली पहचान
शनिवार सुबह 10:30 बजे सेक्टर-16 के क्रिकेट स्टेडियम में 5885 विद्यार्थी एकत्रित हुए। चंडीगढ़ के अलग-अलग स्कूलों से इन्हें बुलाया गया। इनमें से कुछ विद्यार्थी केसरी रंग के कपड़े पहनकर आए। बाकी सफेद और हरे रंग के कपड़े पहने रहे।
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सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में शनिवार को दुनिया का सबसे बड़ा लहराता हुआ मानव झंडा बनाकर चंडीगढ़ ने इतिहास रच दिया। स्टेडियम में 5885 विद्यार्थियों ने भारतीय ध्वज तिरंगा का रूप लेकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड देश का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नाम था। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हुए इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गर्व की बात है।
शनिवार को सुबह से ही क्रिकेट स्टेडियम में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) के साथ अन्य स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी एकत्रित होने शुरू हो गए। विद्यार्थियों में से कुछ ने केसरी, कुछ ने सफेद और बाकी हरे रंग के कपड़े पहने हुए थे। कुछ ने हल्के भूरे रंग के कपड़े भी पहने थे। स्टेडियम पहुंचे कुल 5885 से ज्यादा छात्रों ने लहराते हुए मानव झंडे की छवि बनानी शुरू की। कुछ देर में स्टेडियम के अंदर लहराते हुए तिरंगे की आकृति बन गई। केसरिया, सफेद और हरे रंग के कपड़े में आए विद्यार्थियों ने झंडा बनाया तो भूरे रंग के कपड़े पहले विद्यार्थी झंडे के डंडे के रूप में स्टेडियम में खड़े थे। इस दृश्य को देखने के लिए स्टेडियम में काफी संख्या में शहरवासी पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी, सीयू के चांसलर सतनाम संधू, प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, डीसी विनय प्रताप सिंह, मेयर सरबजीत कौर, एनआईडी फाउंडेशन की संस्थापक प्रो हिमानी सूद व अन्य अधिकारी व लोग उपस्थित रहे।
सुबह 11.35 बजे हुई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की घोषणा
सुबह करीब 11.30 बजे आधिकारिक तौर पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अटेंप्ट किया गया। मौके पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधिकारिक जज स्वप्निल डांगरीकर भी पहुंचे हुए थे। उनकी स्वीकृति के बाद स्टेज से 11.35 बजे इस उपलब्धि की घोषणा की गई। इसके बाद स्वप्निल डांगरीकर ने प्रमाणपत्र की कॉपी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर और एनआईडी फाउंडेशन के चीफ पैट्रन सतनाम सिंह संधू को सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं। साथ ही बताया कि इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने वर्ष 2017 में 4130 लोगों के साथ लहराते हुए राष्ट्रीय ध्वज की सबसे बड़ी मानव छवि बनाकर यह रिकॉर्ड हासिल किया था। अब भारत में चंडीगढ़ ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि इसके लिए छात्रों ने काफी मेहनत की। वह कई घंटे धूप में तिरंगे के फॉर्मेशन में खड़े रहे।
राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने का संकल्प लें : पुरोहित
प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि इस विश्व रिकॉर्ड ने पूरी दुनिया को एक महान संदेश दिया है। यह कार्यक्रम कल्पना से भी बड़ा है। उन्होंने सीयू के चांसलर व कार्यक्रम के आयोजकों को इसके लिए बधाई दी। साथ ही आह्वान किया कि सभी नागरिक 15 अगस्त को देश और राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने का संकल्प लें। कहा कि यह पूरे भारत में अपनी तरह का पहला आयोजन है।
विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पूरे देश में इससे बेहतर दृश्य नहीं हो सकता है, जो आज यहां देखा गया। उन्होंने कहा कि पहले कुछ ही दिन लोग तिरंगा फहरा सकते थे। केंद्र सरकार ने जनता को ये ताकत दी कि वह हर घर में तिरंगा फहरा सकते हैं। कहा कि पहले बहुत बड़े रैंक के अधिकारी ही गाड़ी पर तिरंगा लगा सकते थे, अब कोई भी लगा सकता है। सीयू के चांसलर सतनाम संधू ने कहा कि तिरंगा भारत की एकता, अखंडता और विविधता का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में चंडीगढ़ प्रशासन के समर्थन के लिए वह शुक्रगुजार हैं।
ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त भी पहुंचे, दिया गया यूथ आइकन अवॉर्ड
कार्यक्रम के दौरान छह एनजीओ को ‘करम योद्धा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इनमें तेरा ही तेरा मिशन अस्पताल के लिए हरजीत सिंह सब्बरवाल, सरबत दा भला एनजीओ के प्रो. (डॉ.) सुरिंदर पाल सिंह ओबेरॉय, संत बाबा करतार सिंह भैरों माजरा के गुरमीत सिंह सोढी, डेवेलपिंग इंडिजीनियस रिसोर्सेज इंडिया के एमडी और सीईओ आशा कटोच, जोशी फाउंडेशन से विनीत जोशी और वुमन एंड चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी से पूजा बख्शी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा अभिनेत्री ईशा रिखी और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवान योगेश्वर दत्त को यूथ आइकन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।