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तीन हजार रुपये लगाए और राहुल ने शुरू कर दी ई-कंपनी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Jan 2016 10:17 PM IST
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मात्र तीन हजार रुपये निवेश किए और राहुल ने अपनी ई-कंपनी शुरू कर दी। लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं और एक खास सुविधा भी। जब पति-पत्नी कामकाजी हो और एकल परिवार में रहते हो तो उनके सामने सबसे बड़ी चिंता यह सताती है कि उनके बच्चों की देखरेख कौन करेगा।
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मेट्रो सिटी में यह सबसे बड़ी दिक्कतों के तौर पर जानी जाती है। ढूढ़ने के बावजूद पेरेंट्स को आया नहीं मिलती। चंडीगढ़ के राहुल ने इस समस्या को समझा और उसके समाधान के लिए paalna.in नामक एक वेबसाइट बना डाली। इस वेबसाइट में जाकर कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों के मुताबिक बेबीसीटर (आया) खोज सकता है।
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इसके लिए राहुल कोई भी रुपया नहीं लेते, बल्कि लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। वे अपनी वेबसाइट के जरिए चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि मुंबई और पुणे में भी लोगों की समस्या हल कर रहे हैं। सेक्टर 56 में रहने वाले संजय ने बताया कि अभी वे अपनी ई-कंपनी को बहुत कम समय दे रहे हैं। जल्द ही वे अपनी जॉब छोड़ने के बाद कंपनी को पूरा समय देने वाले हैं।
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ऐसे आया था आईडिया
पेशे से कंटेट राइटर संजय ने बताया कि उनके भईया व भाभी आईटी कंपनी में जॉब करते हैं। जब उनके घर में एक बच्चे ने जन्म लिया तो उनके सामने समस्या आ गई कि बच्चे की देखरेख कौन करेगा? जवाब मिला कि एक आया रख लेते हैं, लेकिन समस्या हुई कि एक अच्छी आया को खोजा कहां से जाए।
काफी कोशिश की, लेकिन उनके मुताबिक आया नहीं मिल पाई। संजय ने सोचा कि जब उनके भाई-भाभी को दिक्कत आ सकती है तो यही दिक्कते बाकी लोगों को भी आती होगी। उसके बाद उन्होंने एक ऐसा प्लेटफार्म खोलने के बारे में सोचा जहां पर आया को जॉब भी मिल सके और पेरेंट्स को एक आया। उसके बाद उन्होंने अपनी वेबसाइट बना डाली।
ऐसे काम करता है paalna.in
संजय ने बताया कि यह एक प्लेटफार्म है, उन लोगों के लिए जिन्हें बेबीसीटर की जरूरत है और उनके लिए जो पार्ट टाइम काम करना चाहते हैं। दोनों अपनी डिमांड रजिस्टर्ड करवाते हैं। उसके बाद वे फोन काल के जरिए एक दूसरे के संपर्क करते हैं और जरूरत के मुताबिक अपना बेबीसीटर और जॉब चुन लेते हैं। वेबसाइट पर कुछ हिदायते भी हैं। खासकर जब भी किसी बेबीसीटर को रखे तो वैरिफिकेशन करवाना जरूरी है।